मैं जिस दिन हिंदू-मुसलमान करूंगा न, PM मोदी की खरी-खरी?

जनता जनार्दन संवाददाता , May 15, 2024, 7:21 am IST
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मैं जिस दिन हिंदू-मुसलमान करूंगा न, PM मोदी की खरी-खरी? क्या ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले बयान का मतलब मुसलमानों से था? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे साफ इनकार किया है. काशी में नामांकन के बाद एक इंटरव्यू में पीएम ने कहा, 'मैं हैरान हूं जी, ये किसने आपको कहा कि जब ज्यादा बच्चों की बात होती है तो सिर्फ मुसलमान का नाम जोड़ देते हैं.' पीएम ने कहा कि क्यों मुसलमानों के साथ अन्याय करते हैं? हमारे यहां गरीब परिवारों में भी ये हाल है जी. उनके बच्चों को भी पढ़ा नहीं पा रहे हैं. 

दरअसल, मुसलमानों पर एक तरह से यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्टीकरण है. इससे पहले पीएम ने रैली में कांग्रेस पर बरसते हुए कहा था कि जब देश में उनकी सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठी करके किसको बांटेंगे... जिनके ज्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे. पीएम का यह भाषण सुनकर रैली में जनता शोर मचाने लगी थी. मोदी ने आगे कहा था कि घुसपैठियों को बांटेंगे. क्या आपकी मेहनत की कमाई का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा. आपको मंजूर है ये? ये कांग्रेस का मैनिफेस्टो कह रहा है. (नीचे वीडियो में 24 मिनट से देखिए). 

उस रैली में पीएम ने कहा था, 'कांग्रेस का मैनिफेस्टो कह रहा है कि वे माताओं-बहनों के सोने का हिसाब करेंगे. उसकी जानकारी लेंगे फिर उस संपत्ति को बांट देंगे. और उनको बांटेंगे जिनको मनमोहन सिंह जी की सरकार ने कहा था कि संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. ये अर्बन नक्सल की सोच... माताओं-बहनों ये आपका मंगलसूत्र भी बचने नहीं देंगे.

हालांकि अब इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी समाज के हों, गरीबी जहां है वहां बच्चे भी ज्यादा हैं. पीएम ने कहा कि मैंने न हिंदू कहा है न मुसलमान कहा है. मैंने कहा है कि भाई, उतने बच्चे हों जिसका लालन-पालन कर सको. सरकार को करना पड़े, ऐसी स्थिति मत करो. अगला सवाल किया गया कि क्या देश का मुसलमान आपको वोट करेगा? आपको उनके वोट की चाहत है? पीएम ने कहा, 'मैं ये मानता हूं कि मेरे देश के लोग मुझे वोट देंगे. मैं जिस दिन हिंदू मुसलमान करूंगा न, उस दिन मैं सार्वजनिक जीवन में रहने योग्य नहीं रहूंगा. और मैं हिंदू-मुसलमान नहीं करूंगा. ये मेरा संकल्प है.

मोदी ने आगे कहा कि अगर मैं घर देता हूं तो मैं 100 प्रतिशत डिलिवरी की बात करता हूं. गांव में अगर 200 घर है. कौन जाति है, कौन समाज है, कौन धर्म है No, उनमें से अगर 60 लाभार्थी हैं तो उन्हें लाभ मिलना चाहिए. वो सच्चा सामाजिक न्याय है सेक्युलरिज्म है. 

पीएम के इस स्पष्टीकरण पर असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मोदी ने अपने भाषण में मुसलमानों को घुसपैठिया और ज़्यादा बच्चे वाला कहा था. अब वह कह रहे हैं कि वह मुसलमानों की बात नहीं कर रहे थे, उन्होंने कभी हिन्दू-मुस्लिम नहीं किया. ये झूठी सफ़ाई देने में इतना वक़्त क्यों लग गया? मोदी का सियासी सफ़र सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम विरोधी सियासत पर बना है. इस चुनाव में मोदी और भाजपा ने मुसलमानों के ख़िलाफ अनगिनत झूठ और बेहिसाब नफरत फैलाई है. कठघरे में सिर्फ मोदी नहीं हैं, बल्कि हर वो वोटर है जिसने इन भाषणों के बावजूद भाजपा को वोट दिया. 


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