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मोहन सरकार ने किन-किन सेक्टरों में खोला खजाना?

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 18, 2026, 18:15 pm IST
Keywords: MP Budget 2026   मोहन यादव    Mohan Yadav  
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मोहन सरकार ने किन-किन सेक्टरों में खोला खजाना?

मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश किया. बजट में किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग को केंद्र में रखा गया है. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कई बड़ी घोषणाएं कीं.

सरकार ने 1 लाख सौर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण संपर्क व्यवस्था, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है. बजट में खेती, सामाजिक सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिखाई दिया.

सरकार 3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सौर पंप किसानों को उपलब्ध कराएगी. किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत हर साल कुल 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं.भावांतर योजना की सफलता के बाद अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है. 

कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके तहत किसानों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा. राज्य में 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक और प्राकृतिक खेती का पंजीकरण किया गया है. 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश दाल उत्पादन में पहले स्थान पर और गेहूं तथा तिलहन में दूसरे स्थान पर है. संतरा, धनिया और लहसुन उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये तय किए गए हैं. 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है.

मजदूरों और श्रमिकों के लिए प्रावधान

श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसका उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है. राज्य में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 4 करोड़ 61 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हुआ है. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1 करोड़ 54 लाख से अधिक लोग जुड़े हैं.

महिला सशक्तिकरण पर बड़ा फोकस

महिलाओं और बालिकाओं के लिए बड़े स्तर पर प्रावधान किए गए हैं. लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये और लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे. इसके लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान है.

कामकाजी महिलाओं के लिए कई जिलों में सखी भवन बनाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित और सस्ता आवास मिल सके. नारी कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

शिक्षा और युवाओं के लिए योजनाएं

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य है. खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं. खेल के लिए 815 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

ग्रामीण विकास और संपर्क व्यवस्था

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 21,630 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है. सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान है. मुख्यमंत्री माजरा टोला योजना के तहत 20,900 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्थिति बताई गई है. 

पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6,850 करोड़ रुपये, पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ रुपये और जी रामजी योजना के लिए 10,428 करोड़ रुपये तय किए गए हैं.

पर्यावरण और वन क्षेत्र

कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी ताकि किसानों की आय बढ़ सके. वन और पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6,151 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है.

धर्म, संस्कृति और सिंहस्थ की तैयारी

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपये का प्रावधान है. धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए 2,055 करोड़ रुपये तय किए गए हैं. आगामी सिंहस्थ आयोजन के लिए 13,851 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है. वर्ष 2026-27 में सिंहस्थ के लिए 3,060 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान प्रस्तावित है.

इंदौर-उज्जैन मार्ग के छह लेन चौड़ीकरण के लिए 1,164 करोड़ रुपये, इंदौर-उज्जैन हरित मार्ग के लिए 1,370 करोड़ रुपये और उज्जैन बायपास के लिए 701 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. नगरीय विकास के लिए 21,561 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है.

पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार

पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है. पुलिसकर्मियों के लिए 11,000 नए आवास बनाए गए हैं. डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए गए हैं. 25 हजार टैबलेट पुलिसकर्मियों को दिए जा रहे हैं. 1 अप्रैल 2026 से तलाकशुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का निर्णय लिया गया है.

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