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सोनभद्र हत्याकांड: सीएम योगी ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

जनता जनार्दन संवाददाता , Jul 19, 2019, 20:30 pm IST
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सोनभद्र हत्याकांड: सीएम योगी ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 10 लोगों की गोली मारकर हत्‍या करने के सनसनीखेज मामले पर सियासत गरमा गई है. विधानसभा में जहां विपक्ष योगी सरकार के कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही हैं तो वहीं सूबे के मुख्यमंत्री का कहना है कि सोनभद्र की घटना के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है. सीएम योगी ने कहा कि 1955 में आदर्श सोसायटी के नाम पर ज़मीन करने का फैसला संदिग्ध और अवैध था जो कांग्रेस की सरकार ने लिया था.

फिलहाल सोनभद्र में जिस जगह घटना हुई थी वहां धारा 144 लगा दी गई है. वहीं पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया है जहां वह फिर से धरने पर बैठ गईं हैं.  ऐसे में आइए जानते हैं कि इस घटना में अब तक क्या-क्या हुआ...

 

 आज विधानसभा में हुआ जमकर हंगामा

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोनभद्र हत्याकांड पर जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष योगी सरकार की कानून व्यवस्था फेल होने की बात कही. विपक्ष ने सरकार पर दवाब बनाया कि जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करे. आज विपक्षी दलों ने एक स्वर में बीजेपी के खिलाफ माहौल खड़ा कर दिया. सदन में इन लोगों की नारेबाजी के कारण विधानसभा की कार्यवाही शुरु होने के बाद से ही संकट में फंस गई. सीएम योगी आदित्यनाथ के इस प्रकरण पर बोलने के दौरान ही विपक्षी दल के नेता शोर करने लगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधान सभा में कहा कि सरकार की तरफ सभी घायलों का इलाज चल रहा है. इसके साथ ही इस घटना की निंदा भी की.


योगी आदित्यनाथ ने कहा- कांग्रेस जिम्मेदार !

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई केरगी. उन्होंने कहा, ''इम मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. अब तक मामले में मुख्य आरोपी प्रधान समेत 25 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है.''

सोनभद्र नरसंहार पर सीएम योगी ने विधानसभा में इस घटना के लिए कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि 1955 में आदर्श सोसायटी के नाम पर ज़मीन करने का फैसला संदिग्ध और अवैध था. आज़ादी के पहले से ही आदिवासी,वनवासी उस जमीन पर खेती करते थे. आदिवासी,वनवासी आदर्श सोसायटी और कुछ लोगो को लगान भी देते थे. 2017 में ये ज़मीन ग्राम प्रधान ने खरीदी और वनवासियों को खेती के एवज़ में पैसा देना बंद कर दिया. 1955 में कांग्रेस सरकार के दौरान आदर्श सोसायटी के गठन में ज़मीन ली गई. 1955,1989 में ये किया गया.

उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है. ये कमेटी 10 दिन में 1955 से लेकर अबतक की गड़बड़ियों की रिपोर्ट देगी. गड़बड़ी पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

प्रियंका गांधी को लिया गया हिरासत में

सोनभद्र में हुए नरसंहार के मृतकों के परिजनों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को रास्ते में रोक लिया गया. इसके विरोध में प्रियंका गांधी मिर्जापुर में ही धरने पर बैठ गई हैं. धरने पर बैठने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाने के बाद भी प्रियंका गांधी के समर्थक सड़क पर बैठे थे. उनके समर्थकों ने यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.


चुनार गेस्ट हाउस भेजा गया


हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया. इस दौरान कांग्रेस महासचिव ने कहा, ''मुझे नहीं पता कि कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन वे जहां ले जाएंगे हम जाने को तैयार हैं. लेकिन झुकेंगे नहीं.'' हालांकि चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी फिर धरने पर बैठ गईं और कहा कि जब तक उन्हें पीड़ित परिवारों से नहीं मिलने दिया जाता है तब तक वह वापस नहीं जाएंगी. इससे पहले प्रियंका गांधी ने वाराणसी के ट्रामा सेंटर में सोनभद्र की घटना में घायलों से मुलाकात की. इस दौरान सोनभद्र हत्याकांड के घायलों के परिनजनों ने प्रियंका गांधी से आपबीती सुनाई.


मामले में गुरुवार को 61 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज


पुलिस ने सोनभद्र हत्याकांड में ग्राम प्रधान और उसके दो भतीजों गिरिजेश और विमलेश को इस हत्याकांड के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया था. इसके अलावा कुल 61 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें 11 नामजद हैं.


समाजवादी पार्टी ने किया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन यानि गुरुवार को सदन की बैठक शुरू होने से पहले एसपी के विधानसभा एवं विधान परिषद सदस्यों ने विधान भवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरना दिया. लाल टोपी पहने एसपी सदस्यों ने बीजेपी को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घेरा. उन्होंने कहा कि सोनभद्र की हत्याएं और संभल में पुलिसकर्मियों पर हमला बीजेपी सरकार के भारी भरकम वायदों की पोल खोलने के लिए काफी है. एसपी सदस्यों ने नारेबाजी भी की.

ST/SC आयोग ने लिया संज्ञान, जांच के लिए बनाई दो सदस्यीय टीम

उधर, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में हुई गोलीबारी की घटना पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग ने गुरूवार को घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम बनाई. आयोग ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. आयोग की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि उपाध्यक्ष मनीराम कौल के नेतृत्व वाली आयोग की टीम में रामसेवक खारवार भी सदस्य हैं. टीम घटनास्थल पर जाकर आदिवासियों और घायलों से मुलाकात करेगी और अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष बृजलाल को सौंपेगी. विज्ञप्ति में कहा गया कि आयोग ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, गांव में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर आदिवासियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए और प्रकरण की भलीभांति जांच कराई जाए. आयोग ने कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो. दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाना चाहिए ताकि वे जमानत ना पा सकें.

16 जुलाई को हुई थी घटना

जमीन विवाद को लेकर दो गुटों में खूनी संघर्ष हुआ 16 जुलाई को हुई, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल भी हुए हैं. वारदात सोनभद्र के घोरावल कस्‍बे के उभ्भा गांव की है जहां जमीन को लेकर हुआ था विवाद. सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची घोरावल पुलिस ने शवों को कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमॉर्टम के लिए भेज. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

CM योगी मृतकों के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा देने का एलान

पीड़ितों के परिजनों को जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए किसान सर्वहित बीमा योजना के अनुसार दिया जाएगा. मृतकों के परिजनों की मांग के अनुसार शासन को जनपद राबर्ट्सगंज, ओबरा एवं घोरावल के विधायक तथा ज़िला पंचायत अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर के साथ एक पत्र शासन को भेजा गया है, जिसमें मृतकों के परिजनों को 10 बीघा ज़मीन और 5 लाख रुपए नक़द तथा घायलों को 5 लाख रूपये नक़द एवं 5 बीघा ज़मीन देने की मांग की गयी है. इसके अलावा जिस मृतक परिवार में कोई कमाने वाला सदस्य न हो उसके एक सदस्य को सफ़ाई कर्मी की नौकरी देने की अनुशंसा की गई है.

क्या है पूरा मामला

सोनभद्र में घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से खरीदी गई 90 बीघा जमीन पर कब्जे के लिए बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर जमीन जोतने की कोशिश की. विरोध करने पर उसकी तरफ के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. इस वारदात में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी. एक घायल ने बाद में दम तोड़ दिया. 18 अन्य जख्मी हो गए. प्रशासनिक अधिकारी गुरुवार शाम लगभग पांच बजे मृतकों के शव लेकर उभ्भा गांव पहुंचे. शवों को देखते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया. शवों को दफ़नाने के स्थान को लेकर प्रशासन एवं ग्रामीणों में विवाद की स्थिति पैदा हो गई. गांव वालों की मांग थी कि जहां गोली चली है, शवों को उसी ज़मीन में दफ़नाया जाए जबकि प्रशासन का कहना था कि परम्परागत स्थान पर ही दफ़नाया जाएगा. अंतत: देर रात मामले में गतिरोध समाप्त हो गया और अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी जिद छोड़ने के लिए मना लिया

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