बुजुर्गो की किसी समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाए पुलिस अधिकारी: रामायण पांडेय एलौंन

जनता जनार्दन संवाददाता , Jul 17, 2019, 13:00 pm IST
Keywords: Sasaram Bihar   Sasaram News   Rohtas News   Sasaram police   Rohtas Police   Sasaram SP   Rohtas SP   IPS Sasaram   सासाराम बिहार   रोहतास बिहार   एसपी सासाराम  
फ़ॉन्ट साइज :
बुजुर्गो की किसी समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाए पुलिस अधिकारी: रामायण पांडेय एलौंन
सासाराम: नेशनल सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के तत्वाधान में स्थानीय नगर थाना में सीनियर सिटीजन सेल का गठन किया गया जो वरिष्ठ नागरिकों की समस्यायों का समाधान करने में सहयोग करेगी। इससे पूर्व संघीय पदाधिकारियो की एक बैठक सोमवार देर शाम थाना परिसर में हुई जिसकी अध्यक्षता थानाध्यक्ष विंध्याचल प्रसाद ने की।बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव रामायण पांडेय एलौंन ने कहा की आज के युवापीढ़ी बुजुर्गों के उम्मीदों को तोड़ रहे है।माँ-बाप अपना सबकुछ अपने संतानो पर न्योछावर कर उनका पालन-पोषण करते है ताकी उनके बूढ़े होने पर वै उनके काम आ सके।इसके विपरीत संतान अपने बुजुर्गो का तिरस्कार कर रहे है जो ठीक नही है।संघ के माध्यम से युवायों को अपने बुजुर्गों के सम्मान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
 
अन्य माध्यमो से भी वरिष्ठ नागरिको की सहायता करने का प्रयास किया जा रहा है।संघ के प्रयास से गजियावाद(दिल्ली)के तत्कालिक एसपी अशोक मित्तल द्वारा पुलिस थानों में सीनियर सिटीजन सेल का गठन शुरू किया गया है जिसमे पुलिस अधिकारी एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधि शामिल किये जाते है।यह सेल थानाक्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों की समस्याये सुलझाने में उनकी सहायता करती है।
 
रोहतास में इसकी शुरुआत तत्कालिक एसपी विकाश वैभव द्वारा किया गया है।पुरे देश में इसतरह सेल का गठित कराने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने बुजुर्गों का सेवा समझ उनके समस्यायों के निदान में प्राथमिकता देने का आह्वान पुलिस अधिकारियों से किया।इस सेल में थानाध्यक्ष विंध्याचल प्रसाद अध्यक्ष,पुलिस निरीक्षक नवीन प्रसाद उपाध्यक्ष तथा संघ की ओर से कुशुम देवी,सुग्रीव प्रसाद,ई.रामजी दुबे,अलाउदीन अंसारी,इफरान खां, सत्यनारायण स्वामी,विजय प्रसाद,चंद्रमा शर्मा,आचार्य मुनमुन दुबे सदस्य वनाये गए।इस अवसर पर वरिष्ठ संघीय पदाधिकारियो के अलावे अन्य वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।
अन्य राज्य लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack