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24 घंटे में गिड़गिड़ाने लगा पाकिस्तान, भारत ने UN में बताई ऑपरेशन सिंदूर की कहानी
जनता जनार्दन संवाददाता ,
Jan 27, 2026, 11:19 am IST
Keywords: संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान Permanent Representative of India
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा बयान दिया, जिसमें पाकिस्तान की धमकियों से लेकर उसकी गुहार तक का जिक्र किया गया. भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए एक भ्रामक और स्वार्थपूर्ण बयान का जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान का एकमात्र एजेंडा भारत और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाना है. इस संवाद में हरीश ने यह भी बताया कि पाकिस्तान, जो पहले भारतीय सशस्त्र बलों पर हमले की धमकी दे रहा था, बाद में उसी पाकिस्तानी सेना ने 10 मई को लड़ाई रोकने की गुहार लगाई थी. 9 मई की धमकी से 10 मई की गुहार तक परवथनेनी हरीश ने अपनी बात में यह कहा कि पाकिस्तान ने 9 मई तक भारत पर हमले की धमकी दी थी, लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना से सीधे संपर्क किया और युद्ध रोकने की अपील की. हरीश ने बताया कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को नुकसान पहुँचाया था, जिनमें से कुछ एयरबेस के रनवे और जलते हुए हैंगर की तस्वीरें सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं. हरीश ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि के ‘न्यू नॉर्मल’ वाले बयान को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई और दोहराया कि आतंकवाद को किसी भी स्थिति में सामान्य नहीं किया जा सकता, जैसा कि पाकिस्तान चाहता है.
आतंकवाद के खिलाफ नीति पर सवाल भारत ने पाकिस्तान की आतंकवाद को एक राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल करने की निंदा की. हरीश ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को अपने राष्ट्रीय एजेंडे का हिस्सा बनाकर भारत और दुनिया के लिए खतरे का कारण बना हुआ है. उन्होंने कहा, "यह पवित्र मंच पाकिस्तान के लिए आतंकवाद को जायज ठहराने का नहीं हो सकता." हरीश ने पाकिस्तान को आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से रोकते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है और हमेशा रहेगा. सिंधु जल संधि और पाकिस्तान का उल्लंघन भारत ने पाकिस्तान की नीतियों और उसके द्वारा किए गए आतंकवादी हमलों की निंदा करते हुए एक पुरानी संधि का भी उल्लेख किया. भारत ने 65 साल पहले सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें अच्छे इरादे और सद्भावना की भावना थी. लेकिन पाकिस्तान ने इस संधि की भावना का उल्लंघन किया है. हरीश ने बताया कि पाकिस्तान ने तीन युद्धों का कारण बने और हजारों आतंकवादी हमलों में भारतीय नागरिकों की जान ली है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की यह नीति, जिसमें उसने भारत पर युद्ध और आतंकवादी हमलों का सहारा लिया, हमेशा से सिंधु जल संधि के उल्लंघन के रूप में सामने आई है. आतंकवाद के केंद्र के रूप में पाकिस्तान भारत ने यह भी घोषणा की कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता, तब तक भारत सिंधु जल संधि को निलंबित रखेगा. हरीश ने यह कड़ा संदेश दिया कि पाकिस्तान को आतंकवाद के सभी रूपों का समर्थन बंद करना होगा. उन्होंने कहा, "भारत को आखिरकार यह घोषणा करनी पड़ी कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में अपने आंतरिक और बाहरी समर्थन को समाप्त नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की संधि का पालन असंभव है." पाकिस्तान को आत्मनिरीक्षण की सलाह भारत ने पाकिस्तान को खुद के आंतरिक मामलों पर आत्मनिरीक्षण करने की सलाह दी. हरीश ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझने की जरूरत है कि वह किस दिशा में जा रहा है. उन्होंने सवाल किया कि पाकिस्तान ने अपनी सशस्त्र सेनाओं को संवैधानिक तख्तापलट करने का अधिकार कैसे दिया और अपने रक्षा बलों के प्रमुख को आजीवन प्रतिरक्षा प्रदान करने के लिए 27वें संशोधन को क्यों लागू किया. यह सवाल पाकिस्तान की संवैधानिक व्यवस्था और उसके सशस्त्र बलों के नियंत्रण को लेकर उठाया गया था. |
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