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नई पासपोर्ट रैंकिंग में भारत की बड़ी छलांग, पहले-आखिरी स्थान पर कौन?

जनता जनार्दन संवाददाता , Jan 23, 2026, 12:03 pm IST
Keywords: Henley Passport    Index 2026   सिंगापुर का पासपोर्ट  
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नई पासपोर्ट रैंकिंग में भारत की बड़ी छलांग, पहले-आखिरी स्थान पर कौन?

सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे ताकतवर है. सिंगापुर के नागरिक बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल के 192 देशों की यात्रा कर सकते हैं. यह आंकड़ा अपने आप में वैश्विक स्तर पर सबसे ऊंचा है.

दूसरे स्थान पर जापान और साउथ कोरिया हैं, जिनके पासपोर्ट धारकों को 188 देशों में वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा मिलती है. यह रैंकिंग दिखाती है कि एशियाई देशों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच लगातार मजबूत हो रही है.

यूरोप के कई देश तीसरे और चौथे पायदान पर मौजूद हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बीते दो दशकों में जबरदस्त छलांग लगाकर खुद को दुनिया के टॉप 5 पासपोर्ट में शामिल कर लिया है. रिपोर्ट के अनुसार UAE ने करीब 57 रैंक की ऐतिहासिक छलांग लगाई है.

अमेरिका फिर टॉप 10 में आया

अमेरिका की स्थिति भी इस बार चर्चा का विषय रही. बीते सालों में रैंकिंग में गिरावट झेलने के बाद अमेरिका एक बार फिर टॉप 10 में लौट आया है. अमेरिकी पासपोर्ट अब 179 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल एंट्री की सुविधा देता है और वह 10वें स्थान पर है.

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मलेशिया भी टॉप 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची में शामिल हैं.

सबसे कमजोर पासपोर्ट अफगानिस्तान का

जहां एक तरफ कुछ देशों के पासपोर्ट बेहद मजबूत हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ देशों की स्थिति बेहद कमजोर बनी हुई है. अफगानिस्तान इस सूची में सबसे नीचे है. अफगान पासपोर्ट धारक केवल 24 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं, जो दुनिया में सबसे कम है.

इसके बाद सीरिया, इराक, पाकिस्तान, यमन और सोमालिया जैसे देश आते हैं. पाकिस्तान की रैंकिंग में भले ही सुधार हुआ हो, लेकिन स्थिति अब भी कमजोर बनी हुई है.

दिलचस्प बात यह है कि:

  • पिछले साल पाकिस्तान 103वें स्थान पर था
  • 2026 में वह 98वें स्थान पर पहुंच गया
  • लेकिन वीजा-फ्री देशों की संख्या 33 से घटकर 31 रह गई
  • यानी रैंक बेहतर हुई, लेकिन यात्रा की आज़ादी कम हो गई.

रिपोर्ट यह भी बताती है कि आज दुनिया के सबसे मजबूत और सबसे कमजोर पासपोर्ट के बीच 168 देशों का अंतर हो चुका है, जबकि साल 2006 में यह अंतर केवल 118 देशों का था. यह वैश्विक असमानता के बढ़ते फासले को दिखाता है.

Passport Index 2026 में भारत की बड़ी छलांग

भारत के लिए यह रिपोर्ट सकारात्मक संकेत लेकर आई है. भारत 2026 की रैंकिंग में 80वें स्थान पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 5 पायदान की बढ़त है.

  • 2025 में भारत: 85वां स्थान
  • 2026 में भारत: 80वां स्थान

भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है. भले ही यह संख्या अभी टॉप देशों से काफी पीछे है, लेकिन रैंकिंग में सुधार को भारत के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है.

टॉप 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट – 2026

  • सिंगापुर – 192 देश
  • जापान, साउथ कोरिया – 188 देश
  • डेनमार्क, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड – 186 देश
  • ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे – 185 देश
  • हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, UAE – 184 देश
  • क्रोएशिया, चेकिया, एस्टोनिया, माल्टा, न्यूजीलैंड, पोलैंड – 183 देश
  • ऑस्ट्रेलिया, लातविया, लिकटेंस्टाइन, यूनाइटेड किंगडम – 182 देश
  • कनाडा, आइसलैंड, लिथुआनिया – 181 देश
  • मलेशिया – 180 देश
  • अमेरिका – 179 देश

टॉप 10 सबसे कमजोर पासपोर्ट – 2026

  • अफगानिस्तान – 24 देश
  • सीरिया – 26 देश
  • इराक – 29 देश
  • पाकिस्तान, यमन – 31 देश
  • सोमालिया – 33 देश
  • नेपाल – 35 देश
  • बांग्लादेश – 37 देश
  • इरिट्रिया, नॉर्थ कोरिया, फिलिस्तीनी क्षेत्र – 38 देश
  • लीबिया, श्रीलंका – 39 देश
  • ईरान – 40 देश

Passport Index 2026 साफ दिखाता है कि दुनिया में यात्रा की आज़ादी अब पहले से ज्यादा असमान हो चुकी है. जहां कुछ देश लगभग पूरी दुनिया के लिए खुले हैं, वहीं कई देशों के नागरिक अब भी सीमित विकल्पों में फंसे हुए हैं. भारत जैसे देशों के लिए यह रैंकिंग संकेत देती है कि कूटनीतिक संबंध और वीजा समझौते आने वाले समय में कितने अहम साबित हो सकते हैं.

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