मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिहाई विपक्षी खेमा खुश है

जनता जनार्दन संवाददाता , May 11, 2024, 18:02 pm IST
Keywords: Arvind Kejriwal Release   दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल   लोकसभा चुनाव  
फ़ॉन्ट साइज :
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिहाई विपक्षी खेमा खुश है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिहाई विपक्षी खेमा खुश है. भाजपा के खिलाफ चुनाव प्रचार में अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी से खासा असर देखे जाने की बात कही जा रही है. आम आदमी पार्टी ने इस लोकसभा चुनाव में 20 उम्मीदवार उतारे हैं.

दिल्ली शराब नीति घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद केजरीवाल 50 दिन जेल में बिताने के बाद बाहर आए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) सुप्रीमो को 1 जून तक अंतरिम जमानत दी है. जिससे वह मौजूदा लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार कर सकेंगे.सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को चुनाव परिणाम घोषित होने से दो दिन पहले 2 जून को सरेंडर करने को कहा है. अदालत ने केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी के 4 जून को परिणाम घोषित होने तक अंतरिम जमानत देने के अनुरोध को खारिज कर दिया था.

केजरीवाल की जेल से अस्थायी रिहाई महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आम चुनाव के ठीक बीच में हुई है. जबकि तीन चरणों का मतदान समाप्त हो चुका है, चार चरण 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को होने हैं. AAP शासित राज्य दिल्ली और पंजाब में क्रमशः 25 मई और 1 जून को मतदान होना है. दिल्ली में 7 और पंजाब में 13 लोकसभा सीटें हैं. आप दिल्ली और पंजाब के अलावा गुजरात और हरियाणा में भी चुनाव लड़ रही है. इन चार राज्यों में उसने 20 उम्मीदवार उतारे हैं.

केजरीवाल की मौजूदगी अगले तीन हफ्तों में उनकी पार्टी के चुनावी अभियान को मजबूती देगी. यह आप के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वह न केवल अपनी पार्टी का सबसे प्रमुख चेहरा हैं बल्कि मुख्य रणनीतिकार भी हैं. तिहाड़ जेल से बाहर आने के तुरंत बाद, केजरीवाल ने कहा, "मैं वापस आ गया हूं". एक्सपर्ट्स की मानें तो केजरीवाल निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा पर तीखा हमला करके पीड़ित कार्ड खेलेंगे.

केजरीवाल की रिहाई का कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि केजरीवाल की रिहाई पंजाब में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं है. पंजाब में दोनों पार्टियां दिल्ली, गुजरात और हरियाणा के विपरीत अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि आप नेता पंजाब में अपने अभियान को कैसे कांग्रेस के खिलाफ आगे बढ़ाएंगे.


वोट दें

क्या आप कोरोना संकट में केंद्र व राज्य सरकारों की कोशिशों से संतुष्ट हैं?

हां
नहीं
बताना मुश्किल