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नक्सली समर्थकों, वामपंथी विचारकों के ठिकानों पर देश भर में छापे, वरवरा राव गिरफ्तार

नक्सली समर्थकों, वामपंथी विचारकों के ठिकानों पर देश भर में छापे, वरवरा राव गिरफ्तार नई दिल्ली: सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार को नक्सलियों के समर्थकों पर बड़ी कार्रवाई की. पुलिस ने हैदराबाद, गोवा और रांची में नक्सलियों के समर्थकों के ठिकानों पर छापेमारी की है. नक्सल समर्थक वरवरा राव को गिरफ्तार किया गया है जबकि सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को हिरासत में लिया गया है. पुणे पुलिस ने नक्सलियों के समर्थकों पर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है. गत अपैल महीने में पुलिस ने एक पत्र बरामद किया था जिसमें नक्सलियों के समर्थकों के बारे में जानकारियां सामने आई थीं.

भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के कई हिस्सों में मंगलवार को पुणे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कई एक्टिविस्ट और माओवादी नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की. ये छापेमारी महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड में की गई. पुणे पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की.

गिरफ्तार किए गए दलित एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिल गई है, लेकिन यह सिर्फ एक दिन के लिए है. हाईकोर्ट बुधवार सुबह फिर से नवलखा की याचिका पर सुनवाई करेगा. हाईकोर्ट ने आज साकेत कोर्ट की ओर से पुणे पुलिस को दी गई ट्रांजिट रिमांड पर एक दिन का स्टे लगा दिया. पुणे पुलिस ने नवलखा को गिरफ्तार करके साकेत कोर्ट में पेश किया था जिस पर कोर्ट ने 48 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी नवलखा को भेज दिया था.

लेकिन हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस पर रोक लगा दी और नवलखा को एक दिन के हाउस रिमांड पर भेज दिया. हाउस रिमांड के दौरान वह किसी बाहरी शख्स से नहीं मिल सकेंगे. इस दौरान अपने वकीलों से मुलाकात कर सकते हैं. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के दो अधिकारी और पुणे पुलिस उन पर नजर रखेगी.

अप्रैल महीने में नक्सलियों के पास से बरामद इस पत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खतरा होने की बात सामने आई थी. इसके बाद पुणे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वरवरा राव के हैदराबाद स्थित आवास पर छापा मारा. छापे की यह कार्रवाई गोवा और रांची में भी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने विभिन्न शहरों में छापे की यह कार्रवाई सुबह शुरू की। पुलिस ने छापे की जगहों से आपत्तिजनक सामग्रियां जब्त की हैं।

प्रोफेसर वरवरा को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए गांधी अस्पताल जे जाया गया। इसके बाद पुलिस उन्हें लेकर पुणे जाएगी और उनसे आगे की पूछताछ करेगी। बता दें कि वरवरा राव का नाम रोना विल्सन के यहां से जब्त दस्तावेज में आया था। यह बात भी अब साबित हो गई है कि रोना विल्सन के संबंध नक्सलियों से हैं।

बता दें कि यलगार परिषद के सदस्य रोना विल्सन के यहां छापेमारी में बरामद दस्तावेजों से विस्फोटक जानकारियां निकल कर सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने इस पत्र के आधार पर और उनमें सामने आए नामों की कड़ियों को जोड़ते हुए छापे की ये कार्रवाई की है.

दिल्ली में पुणे पुलिस की टीम ने मंगलवार सुबह नवलखा के आवास पर छापा मारा और उन्हें अपने साथ ले गई। नवलखा ने कहा, 'उन्हें जो कुछ कहना है वह अदालत में कहेंगे.'

पुणे पुलिस की ओर से अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां की गई हैं. दिल्ली, हरियाणा और हैदराबाद से 1-1 गिरफ्तारी की गई जबकि मुंबई से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया. दलित एक्टविस्ट गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरिया और वरनोन गोंजालवेस गिरफ्तार किए गए लोग हैं.

पुलिस ने हैदराबाद में कवि, वामपंथी विचारक और एक्टिविस्ट वरवरा राव के घर पर भी छापेमारी की, इस दौरान वहां पर काफी संख्या में भीड़ भी एकत्रित हो गई.
मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज को फरीदाबाद जिला अदालत में पेश किया गया. पुणे पुलिस ने उन्हें ट्रांजिट रिमांड लिया है.

वहीं, दिल्ली के बदरपुर में ही वकील सुधा भारद्वाज को भी हिरासत में लिया गया है. उनके भी लैपटॉप, फोन, पेन ड्राइव सीज किए गए हैं. पुलिस ने सुधा से उनके सभी ईमेल के एक्सेस देने को कहा है. सुधा के साथ-साथ उनकी बेटी अनु भारद्वाज के ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी भी मांगी गई है. यहां तक की पुलिस ने उनकी बेटी अनु के फोन के अलावा सोशल मीडिया में फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत सभी तरह के एक्सेज ले लिया है.

अरुण फरेरिया ने आजतक से बात करते हुए कहा कि सुबह 6 बजे से उनके घर पर रेड चल रही है, लेकिन उन्हें अभी ये नहीं पता है कि पुलिस सिर्फ छानबीन करेगी या फिर गिरफ्तार भी करेगी. उन्होंने कहा कि वह बिल्कुल निर्दोष हैं.

अरुण फरेरिया की पत्नी ने कहा कि जब तक ये छापेमारी चल रही है, तबतक वे कोई बात नहीं कर सकते हैं. गौरतलब है कि अरुण को पहले भी कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन हर बार वह बाहर आ जाते हैं. अरुण पिछले काफी समय से मुंबई में कई आंदोलनों में हिस्सा लेते आ रहे हैं.

आपको बता दें कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में जून में हुई गिरफ्तारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे. पुलिस का दावा था कि तब गिरफ्तार कई लोगों के पास से ऐसी चिट्ठी मिली थी, जिसमें ये लिखा था कि नक्सली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहे थे. नक्सली पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह ही पीएम मोदी की हत्या करना चाहते थे.

दरअसल, इस साल जून में माओवादियों की एक चिट्ठी सामने आई थी, जिसमें राजीव गांधी की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने का खुलासा हुआ था. 18 अप्रैल को रोणा जैकब द्वारा कॉमरेड प्रकाश को लिखी गई चिट्ठी में कहा गया कि हिंदू फासिस्म को हराना अब काफी जरूरी हो गया है. मोदी की अगुवाई में हिंदू फासिस्ट काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में इन्हें रोकना जरूरी हो गया है.

इसमें लिखा गया था कि मोदी की अगुवाई में बीजेपी बिहार और बंगाल को छोड़ करीब 15 से ज्यादा राज्यों में सत्ता में आ चुकी है. अगर इसी तरह ये रफ्तार आगे बढ़ती रही, तो माओवादी पार्टी को खतरा हो सकता है. इसलिए वह सोच रहे हैं कि एक और राजीव गांधी हत्याकांड की तरह घटना की जाए.

इस चिट्ठी में कहा गया कि अगर ऐसा होता है, तो ये एक तरह से सुसाइड अटैक लगेगा. हमें लगता है कि हमारे पास ये चांस है. मोदी के रोड शो को टारगेट करना एक अच्छी प्लानिंग हो सकती है.
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