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जॉर्डन नरेश की मौजूदगी में कट्टरपंथियों से पीएम मोदी ने कहा, आतंक से लड़ाई है, किसी पंथ से नहीं

जॉर्डन नरेश की मौजूदगी में कट्टरपंथियों से पीएम मोदी ने कहा, आतंक से लड़ाई है, किसी पंथ से नहीं नई दिल्लीः नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इस्लामिक हेरिटेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि जॉर्डन नरेश की मौजूदगी गर्व का विषय है और उनकी पहल सराहनीय है. पीएम मोदी ने कहा दिल्ली सूफियाना कलामों की सरजमीं है. दुनिया के सभी धर्म भारत में पले-बढ़े हैं. भारत ने दुनिया को अमन की राह दिखाई है.

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली मान्यताओं के मुताबिक इंद्रप्रस्थ है. उन्होंने कहा कि हमारी विविधताओं पर हमें गर्व है. हम हिंसा और आतंकवाद से मुकाबला करने में सक्षम हैं. पीएम ने कहा कि केवल मजहबों के पैगाम से ही आतंकवाद पर काबू पाया जा सकता है.

पीएम ने यह भी कहा कि भारत में सभी को एक साथ लेकर चलने की परंपरा रही है. उन्होंने कहा कि आज भारत के मुसलमान के एक हाथ में कुरान है और दूसरे हाथ में कंप्यूटर है. देश की खुशहाली से ही सभी की खुशहाली जुड़ी है.

आतंकवाद पर भी पीएम ने अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मुहिम किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. मजहब का मर्म अमानवीय नहीं हो सकता.

मोदी ने कहा, 'मज़हब का मर्म अमानवीय हो ही नहीं सकता. हर पन्थ, हर संप्रदाय, हर परंपरा मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ही है.' उन्होंने कहा कि इसलिए, आज सबसे ज्यादा ज़रूरत इस बत की है कि हमारे युवा एक तरफ इस्लाम के मानवीय पक्ष से जुड़े हों और दूसरी तरफ आधुनिक विज्ञान और तरक्की के साधनों का इस्तेमाल भी कर सकें.

मोदी ने कहा , 'भारत में हमारी यह कोशिश है कि सबकी तरक्की के लिए सबको साथ लेकर चलें. क्योंकि सारे मुल्क की तकदीर हर शहर की तरक्की से जुड़ी है. क्योंकि मुल्क की खुशहाली से हर एक की खुशहाली वाबस्ता है.’’ मोदी ने कहा कि हर भारतीय के मन में अपने गौरवशाली अतीत के प्रति आदर है, वर्तमान के प्रति विश्वास है और भविष्य पर भरोसा है.

उन्होंने कहा कि दुनिया भर के मज़हब और मत भारत की मिट्टी में पनपे हैं. यहां की आबोहवा में उन्होंने ज़िन्दगी पाई, सांस ली. चाहे वह 2500 साल पहले भगवान बुद्ध हों या पिछली शताब्दी में महात्मा गांधी. अमन और मुहब्बत के पैग़ाम की ख़ुशबू भारत के चमन से सारी दुनिया में फैली है.

इस्लामी विशेषज्ञों एवं जानकारों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने कहा कि यहाँ से भारत के प्राचीन दर्शन और सूफियों के प्रेम और मानवतावाद की मिलीजुली परम्परा ने मानवमात्र की मूलभूत एकता का पैगाम दिया है.

उन्होंने कहा कि मानवमात्र के एकात्म की इस भावना ने भारत को 'वसुधैव कुटुम्बकम' का दर्शन दिया है. भारत ने सारी दुनिया को एक परिवार मानकर उसके साथ अपनी पहचान बनाई है.

मोदी ने कहा कि आपका वतन और हमारा दोस्त देश जॉर्डन इतिहास की किताबों और धर्म ग्रंथों में एक अमिट नाम है. जॉर्डन एक ऐसी पवित्र भूमि पर आबाद है जहां से ख़ुदा का पैग़ाम पैगम्बरों और संतों की आवाज़ बनकर दुनिया भर में गूंजा है.

पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें
  •     भारत की विरासत और मूल्य, हमारे मज़हबों का पैगाम और उनके उसूल ही वह शक्ति है जिनके बल पर हिंसा और दहशतगर्दी जैसी चुनौतियों को पार कर सकते हैं.
  •     इंसानियत के खिलाफ दरिंदगी करने वाले अक्सर भूल जाते हैं कि वह उसी मजहब का नुकसान कर रहे हैं, जिसका वह होने का दावा करते हैं.
  •     आतंकवाद एवं कट्टरता के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म के विरूद्ध नहीं बल्कि युवाओं को दिग्भ्रमित करने वाली मानसिकता के खिलाफ है.
  •     आतंकवाद और उग्रवाद और कट्टरपंथ को खत्म करने के लिए भारत,जॉर्डन के साथ खड़ा है.
  •     भारत में अगर तरक्की चाहते हैं तो हर एक नागरिक को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है.
  •     भारत की आबोहवा में सभी धर्मों ने सांस ली है.जॉर्डन नरेश की मौजूदगी गर्व का विषय है.
इस मौके पर जॉर्डन नरेश ने कहा कि पूरी दुनिया एक परिवार है. दया और सहिष्णुता ही हमारे मूल्य हैं. उन्होंने कहा कि विश्वभर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई मुस्लिम या किसी भी धर्म को टारगेट नहीं करती है. उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने दया और मानवता पर ही जोर दिया है, इसी पर मैं विश्वास करता हूं और यही अपने बच्चों को भी सिखाता हूं.
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