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रक्‍तदान सप्‍ताह की जगह रक्‍तदान वर्ष की शुरूआत करें: डॉक्‍टर हर्षवर्धन

रक्‍तदान सप्‍ताह की जगह रक्‍तदान वर्ष की शुरूआत करें: डॉक्‍टर हर्षवर्धन नई दिल्ली: केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सुझाव दिया है कि 'रक्‍तदान सप्‍ताह' की जगह हमें 'रक्‍तदान वर्ष' मनाना चाहिए जहां सभी स्‍वस्‍थ लोगों को वर्ष में एक या दो बार आगे आकर रक्‍तदान करना चाहिए। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री आज यहां भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा मनाये जा रहे रक्‍तदान सप्‍ताह समारोह के समापन अवसर पर बोल रहे थे।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि 14 जून को राम मनोहर लोहिया अस्‍पताल द्वारा मनाये गये विश्‍व रक्‍तदान दिवस के मौके पर उन्‍होंने रेडक्रॉस सोसाइटी, एड्स नियंत्रण विभाग और नैको से कहा था कि रक्‍तदान संबंधी गतिविधियों को एक से अधिक दिन तक जारी रखा जाना चाहिए। इसी वजह से रक्‍तदान सप्‍ताह मनाया जा रहा है।

देश में प्रतिवर्ष 20 से 30 लाख यूनिट ब्‍लड की कमी को देखते हुए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने रक्‍तदान के महत्‍व पर जोर देते हुए कहा कि हम सभी को यह शपथ लेनी चाहिए कि अगले वर्ष 14 जून तक देश में आ रही रक्‍त की कमी को दूर कर देंगे।

उन्‍होंने कहा कि एक अरब 20 करोड़ लोगों के देश में अगर इस मुहिम में सभी शिक्षा संस्‍थानों, देश भर के सभी डॉक्‍टरों, स्‍वयंसेवकों, रक्‍तदान बैंकों और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन जैसी संस्‍थाओं को भी शामिल कर लिया जाए तो यह कोई बहुत मुश्किल लक्ष्‍य नहीं है। यह सामाजिक आंदोलन कॉलेजों, कार्यालयों और अस्‍पतालों आदि में कैंपों और अन्‍य गतिविधियों के जरिए देश भर के लोगों को शिक्षित और प्रेरित करेगा।

डॉ. हर्षवर्घन ने कहा ''आइये, हम पूरे देश में सैकड़ों और हजारों बैठकें आयोजित करके लोगों को रक्‍तदान के लिए शिक्षित और प्रेरित करें। देश में 'सबके लिए स्‍वास्‍थ्‍य' का एक सामाजिक आंदोलन शुरू करें जिसका हिस्‍सा बनने की शुरूआत कोई भी रक्‍तदान करके करे।'' उन्‍होंने कहा कि हम सबको इस आंदोलन का एक समर्पित सिपाही बन जाना चाहिए।

समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि रक्‍तदान से बढ़कर पवित्र कार्य और कुछ नहीं हो सकता क्‍योंकि इसके जरिए कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्‍होंने यह भी कहा कि हाल ही में हुए अनुसंधान से पता चला है कि नियमित रूप से रक्‍तदान करने वालों में कैंसर और ह्दय रोगों का खतरा 80 प्रतिशत कम हो जाता है। उन्‍होंने कहा कि और तो और, नियमित रूप से रक्‍तदान करने से मोटापा भी कम हो जाता है।

डॉ. हर्षवर्धन ने कई रक्‍तदाताओं का स्‍वागत किया इनमें वे रक्‍तदाता भी शामिल थे जो 100 से अधिक बार रक्‍तदान कर चुके हैं। श्री नयन कुमार ऐसे ही रक्‍तदाता हैं जिन्‍होंने अब 104 बार रक्‍तदान किया है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने इन सभी रक्‍तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे ही लोग समाज के दूसरे लोगों को रक्‍तदान के लिए प्रेरित करते आये हैं।

इस मौके पर जीवन बीमा निगम, पंजाब नेशनल बैंक, टाटा पावर (दिल्‍ली डिस्‍ट्रीब्‍यूशन), दिल्‍ली टेक्‍नीकल यूनिवर्सिटी, जेबीएम गुड़गांव और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसी कई संस्‍थाओं का भी स्‍वागत किया गया जिन्‍होंने रक्‍तदान शिविरों का आयोजन कर लोगों को रक्‍तदान के लिए प्रेरित किया।
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