|
बांग्लादेश में वोटिंग से पहले एक और हिंदू की हत्या, हाथ-पैर बांधकर चाकू से मारा
जनता जनार्दन संवाददाता ,
Feb 12, 2026, 11:55 am IST
Keywords: बांग्लादेश बांग्लादेश 2026 हिंदू Hindu Leader बांग्लादेश nEWS eXCLUSIVE
बांग्लादेश में 2026 के आम चुनाव से पहले हालात काफी तनावपूर्ण नजर आ रहे हैं. देश में जहां करोड़ों लोग मतदान की तैयारी कर रहे हैं, वहीं अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. चुनाव से ठीक पहले एक और हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. 28 साल के रतन साहूकार का शव चम्पारा इलाके के चाय बागान में बरामद हुआ. बताया जा रहा है कि रतन उसी बागान में काम करता था. जब उसका शव मिला तो उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और शरीर पर कई जगह चाकू से किए गए गहरे घाव थे. घावों से खून बह रहा था, जिससे साफ है कि उसकी मौत से पहले उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया गया. रोज की तरह काम पर गया था रतन स्थानीय लोगों के मुताबिक रतन रोज की तरह काम पर गया था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा. अगली सुबह उसके साथ काम करने वाले मजदूरों ने चाय बागान में उसका शव देखा. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि रतन पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे. साथियों का कहना है कि यह मामला आपसी दुश्मनी या चुनावी माहौल से जुड़ी हिंसा हो सकता है. घटना के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है. लोगों ने दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच करीब 15 हिंदुओं की अलग-अलग मामलों में हत्या हुई है. इन घटनाओं को अक्सर स्थानीय झगड़े या पहले से की गई साजिश के तहत अंजाम दिया गया बताया जा रहा है. दिसंबर महीने में प्रंतोष कर्मोकार, उत्पल सरकार, जोगेश चंद्र रॉय, सुबोर्णा रॉय, शांतो चंद्र दास, दीपु चंद्र दास, अमृत मंडल, बजेन्द्र बिस्वास और खोकन चंद्र दास की हत्या हुई. जनवरी में राणा प्रताप बैरागी, मिथुन सरकार, सरत मणि चक्रवर्ती, जॉय मोहापात्रा, समीर दास और प्रलय चाकी को जान गंवानी पड़ी. फरवरी 2026 में भी अब तक तीन हिंदुओं की हत्या की खबरें सामने आ चुकी हैं. |
क्या आप कोरोना संकट में केंद्र व राज्य सरकारों की कोशिशों से संतुष्ट हैं? |
|
|
हां
|
|
|
नहीं
|
|
|
बताना मुश्किल
|
|
|
|