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भारत-पाकिस्तान के बीच नहीं हुआ मैच तो ICC को होगा करोड़ों का नुकसान, कैसे होगी भरपाई?

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 02, 2026, 11:48 am IST
Keywords: T20 World Cup   भारत और पाकिस्तान   इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल  
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भारत-पाकिस्तान के बीच नहीं हुआ मैच तो ICC को होगा करोड़ों का नुकसान, कैसे होगी भरपाई?

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला बहुप्रतीक्षित मुकाबला अगर नहीं खेला जाता है, तो इसका असर सिर्फ क्रिकेट फैंस की भावनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को भी भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ दिन पहले यह साफ कर दिया कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगी. पीसीबी ने इसके पीछे पाकिस्तान सरकार के निर्देशों को वजह बताया है.

इस फैसले के बाद ICC ने कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. एक ओर जहां पीसीबी पर जुर्माने और अन्य कार्रवाई की तलवार लटक रही है, वहीं दूसरी ओर खुद ICC को भी इस एक मुकाबले के रद्द होने से करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है.

क्यों अहम होता है भारत-पाकिस्तान मुकाबला?

पिछले कई वर्षों से किसी भी ICC टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा ध्यान भारत और पाकिस्तान के मैच पर ही रहता है. दोनों टीमें आमतौर पर द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलतीं, इसलिए वर्ल्ड कप या अन्य ICC इवेंट्स ही ऐसे मौके होते हैं जब ये टीमें आमने-सामने आती हैं. इसी वजह से यह मुकाबला सिर्फ खेल नहीं, बल्कि व्यावसायिक दृष्टि से भी सबसे बड़ा इवेंट बन जाता है.

ब्रॉडकास्टर्स, स्पॉन्सर्स और विज्ञापनदाताओं के लिए भारत-पाक मैच गोल्ड माइन की तरह होता है. इस एक मुकाबले के दौरान टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिकॉर्ड व्यूअरशिप देखने को मिलती है. इसी वजह से ICC को अपने मीडिया राइट्स से सबसे ज्यादा कमाई इसी मैच के जरिए होती है.

200 करोड़ तक का संभावित नुकसान

जानकारी के मुताबिक, किसी भी ICC टूर्नामेंट में भारत के मैचों से लगभग 100 करोड़ रुपये तक का राजस्व जुड़ा होता है. वहीं भारत-पाकिस्तान मुकाबला इस आंकड़े को लगभग दोगुना कर देता है. टी20 फॉर्मेट में इस मैच के दौरान विज्ञापन दरें बेहद ऊंची होती हैं. अनुमान है कि भारत-पाक टी20 मैच के दौरान हर 10 सेकंड के विज्ञापन स्लॉट की कीमत 25 से 40 लाख रुपये तक पहुंच जाती है.

अगर यह मैच नहीं खेला गया, तो ब्रॉडकास्टर को भी भारी नुकसान होगा और अंततः इसका सीधा असर ICC की कमाई पर पड़ेगा. कुल मिलाकर यह नुकसान 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यह केवल एक मैच का अनुमानित घाटा है, जो ICC के कुल रेवेन्यू मॉडल पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है.

ICC के रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर असर

ICC का पूरा वित्तीय ढांचा रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर टिका है. टूर्नामेंट से होने वाली कमाई विभिन्न सदस्य बोर्डों में बांटी जाती है. अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है और ICC को बड़ा घाटा उठाना पड़ता है, तो इसका असर सभी बोर्डों की हिस्सेदारी पर पड़ेगा.

हालांकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) आर्थिक रूप से काफी मजबूत है, इसलिए उस पर इसका असर सीमित रह सकता है. लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और अन्य छोटे क्रिकेट बोर्डों के लिए यह घाटा कहीं ज्यादा गंभीर साबित हो सकता है. उनके लिए ICC से मिलने वाला रेवेन्यू अहम भूमिका निभाता है, जिससे घरेलू क्रिकेट और खिलाड़ियों के विकास कार्यक्रम चलते हैं.

क्या PCB से भरपाई कराएगा ICC?

ICC से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अगर पाकिस्तान बोर्ड तय मुकाबले से पीछे हटता है, तो ICC यह दलील दे सकता है कि ब्रॉडकास्टर और टूर्नामेंट को हुए नुकसान की भरपाई पीसीबी को करनी चाहिए. चूंकि टूर्नामेंट शेड्यूल और मैच फिक्स्चर पहले से तय होते हैं और यह एक बाध्यकारी समझौते का हिस्सा होते हैं, इसलिए किसी टीम का एकतरफा तौर पर मैच न खेलने का फैसला ICC की नजर में अनुबंध उल्लंघन माना जा सकता है.

ऐसी स्थिति में पीसीबी पर भारी जुर्माना लग सकता है. इसके अलावा भविष्य के टूर्नामेंटों में पाकिस्तान की भागीदारी, मेजबानी अधिकार और विदेशी खिलाड़ियों की लीग में भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी असर पड़ सकता है.

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