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रेलवे, फार्मा, ऑटो बजट पेश होने के बाद कौन सा शेयर देगा फायदा
जनता जनार्दन संवाददाता ,
Feb 01, 2026, 11:12 am IST
Keywords: यूनियन बजट 2026 UNION BUDGET 2026 BUDGET 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
यूनियन बजट 2026 पेश होने में अब कुछ ही समय बाकी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में 2026-27 के लिए सरकार का बजट पेश करने वाली हैं. यह बजट देश की आर्थिक नीतियों और विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा. इसके साथ ही यह मौजूदा सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा पूर्ण बजट भी माना जा रहा है, ऐसे में इसके फैसलों पर बाजार और निवेशकों की खास नजर बनी हुई है. बजट के दिन शेयर बाजार खुले रहने के कारण ट्रेडिंग सेशन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. आमतौर पर बजट से जुड़े बड़े ऐलान कुछ सेक्टर्स के शेयरों में तेजी ला सकते हैं, जबकि कुछ सेक्टर्स पर दबाव भी बन सकता है. ऐसे में निवेशक पहले से उन कंपनियों और उद्योगों पर नजर रख रहे हैं, जिन्हें बजट से सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में बढ़ सकती है मांग अगर बजट में कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों या वेतन आयोग से जुड़े प्रावधानों के लिए अतिरिक्त फंड का प्रावधान किया जाता है, तो आम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ सकती है. जब लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा होता है, तो वाहन जैसे बड़े खरीदारी फैसलों पर इसका सीधा असर पड़ता है. ऐसे में पैसेंजर व्हीकल और टू-व्हीलर से जुड़ी कंपनियों के लिए बेहतर बिक्री के मौके बन सकते हैं. इस परिदृश्य में मारुति सुजुकी इंडिया, हुंडई मोटर इंडिया, टाटा मोटर्स (पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट), बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस मोटर जैसी कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है. इन कंपनियों की बिक्री और रेवेन्यू में सुधार होने की उम्मीद के चलते इनके शेयर निवेशकों के रडार पर बने रह सकते हैं. यदि सरकार बजट में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम पर ज्यादा निवेश का ऐलान करती है, तो ईवी से जुड़े शेयरों में भी सकारात्मक माहौल बन सकता है. बीते कुछ वर्षों में सरकार ग्रीन एनर्जी और क्लीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने पर जोर देती रही है, और बजट 2026 में भी इस दिशा में नए प्रावधानों की उम्मीद की जा रही है. इस तरह के ऐलान होने पर बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर, ओला इलेक्ट्रिक, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और जेबीएम ऑटो जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है. ईवी से जुड़े मैन्युफैक्चरर्स और सप्लाई चेन में काम करने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है. रेलवे सेक्टर में बढ़ सकता है सरकारी खर्च बजट के दौरान रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़े ऐलान होने की उम्मीद जताई जा रही है. जिस तरह पिछले कुछ वर्षों में डिफेंस सेक्टर में निवेश बढ़ाया गया है, उसी तरह रेलवे में भी नई परियोजनाओं, ट्रेन नेटवर्क के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं पर फोकस किया जा सकता है. वंदे भारत जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों के विस्तार और नई रेल लाइनों के निर्माण की घोषणाएं बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत हो सकती हैं. अगर बजट में रेलवे के लिए आवंटन बढ़ता है, तो टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, टेक्समैको रेल, बीईएमएल, रेल विकास निगम (RVNL), आईआरकॉन इंटरनेशनल और आरआईटीईएस जैसी कंपनियों को ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. इससे इन कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है और निवेशकों का ध्यान इन पर बना रह सकता है. फार्मा सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग को मिल सकता है बूस्ट दवा उद्योग के लिए बजट 2026 अहम साबित हो सकता है, खासकर अगर सरकार रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में छूट या अन्य प्रोत्साहन योजनाओं का ऐलान करती है. इससे फार्मा कंपनियों को नई दवाओं के विकास और इनोवेशन पर ज्यादा निवेश करने का मौका मिल सकता है. इस तरह के कदमों से डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सन फार्मा, बायोकॉन, ल्यूपिन और ग्लेनमार्क फार्मा जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है. इसके अलावा, अगर प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के दायरे को और बढ़ाया जाता है या इसमें नई श्रेणियां जोड़ी जाती हैं, तो ऑरोबिंदो फार्मा, डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, सिप्ला और अन्य दवा कंपनियों के लिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. |
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