Thursday, 17 October 2019  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

देहरादून: श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत बनें मजदूरों के हितैषी लिया महत्वपूर्ण फ़ैसला

जनता जनार्दन संवाददाता , Oct 05, 2019, 9:32 am IST
Keywords: Uttarakhand News   Dehradun News   Dr.Harak Singh Rawat   Minister State Haram Singh Rawat   उत्तराखंड समाचार   देहरादून समाचार   मंत्री डॉ हरक सिंह रावत  
फ़ॉन्ट साइज :
देहरादून: श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत बनें मजदूरों के हितैषी लिया महत्वपूर्ण फ़ैसला
देहरादून: प्रदेश के श्रम मंत्री डाॅ0 हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में विधान सभा सभा कक्ष में उत्तराखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक में असंगठित मजदूरों के लाभ के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। श्रम मंत्री डाॅ0 रावत ने बताया की पंजीकृत असंगठित मजदूर की मृत्यु होने पर एक लाख रूपये, मजदूर की अंत्येष्टी के लिए 10 हजार रूपये व मजदूर की दुर्घटना और बीमारी के दौरान खर्च को वहन करने की संस्तुति, बोर्ड ने प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया। 
 
डाॅ0 रावत ने पूरे प्रदेश में असंगठित मजदूरों के सर्वे के लिए मात्र 50 हजार रूपये का प्रावधान किये जाने पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया। उन्होेंने कहा कि अभी बोर्ड द्वारा मात्रा 25700 मजदूरों का पंजीकरण करना अपर्याप्त है। इसमें प्रधानमंत्री कर्मयोगी योजना, भवन निर्माण एवं अन्य सन्निकार कर्मकारों को भी शामिल किया जाना चाहिए। 
 
श्रम मंत्री डाॅ0 रावत ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना का समुचित प्रचार-प्रसार न करने पर भी असन्तोष जताया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना में 18 से 40 आयु वर्ग के समस्त कर्मकार, जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपये हो, नामांकन करा सकते हैं। इसमें 60 वर्ष की आयु के उपरान्त कर्मकार को 3 हजार रू0 प्रतिमाह की पेंशन प्रदान की जाती है। योजना में लाभार्थी एवं केन्द्र सरकार का 50-50 प्रतिशत का योगदान रहता है।
 
 इसी तरह प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना में 18 से 40 आयु वर्ग के समस्त खुदरा व्यापारी, दुकानदार तथा स्वनियोजित व्यक्ति जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.50 करोड़ रू. अथवा उससे कम हो, अपना नामांकन करा सकते हैं। इसमें भी 60 वर्ष आयु के उपरान्त 3 हजार रू. प्रतिमाह की पेंशन प्रदान की जाती है। योजना में यह भी प्रावधान है कि यदि कर्मकार द्वारा कुछ ही किस्तों का भुगतान किया जाता है और अचानक उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रित को आधी पेंशन का भुगतान किया जायेगा। योजना के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम को फण्ड मैनेजर नियुक्त किया गया है, और योजना के संचालन के लिए 19 श्रमिक सुविधा केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। 
 
डाॅ0 रावत ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी बीमा निगम और कर्मचारी प्रोविडेण्ट फण्ड के दायरे से बाहर रहने वाले सभी कर्मकार इस योजना में अपना पंजीयन करा सकते हैं। 
बोर्ड की बैठक में विधायक सहदेव पुण्डीर, सचिव श्रम हरबंश सिंह चुग, अपर सचिव पंचायती राज एच.सी.सेमवाल, आयुक्त श्रम आनन्द कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त आयुक्त श्रम अमित पेटवाल, सदस्यगण राकेश अग्रवाल, अनुराग प्रजापति, नितिन शर्मा, प्रशान्त कुकरेत, पंकज कुमार, संजय शाह और अमित कुमार सेमवाल मौजूद थे। 
अन्य राज्य लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack