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मोबाइल नम्बर की तरह अब राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की शुरुआत

जनता जनार्दन संवाददाता , Aug 10, 2019, 10:36 am IST
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मोबाइल नम्बर की तरह अब राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की शुरुआत

दिल्लीः अब आप अगर किसी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं तो अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल करके दूसरे राज्य से भी सरकारी राशन खरीद सकते हैं. यह संभव हुआ है मोदी सरकार के वन नेशन वन कार्ड स्कीम से. मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह अब राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी शुरू की गई है.

फिलहाल चार राज्यों में शुरू हुई है योजना
आज से यह योजना देश के 4 राज्यों में शुरू हुई है. योजना को पहले महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. योजना में इस बात का इंतजाम किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है तो वहां भी वह अपने मूल राज्य में बने राशन कार्ड की मदद से सरकारी राशन की दुकान से राशन खरीद सकता है. फिलहाल शुरू हुई योजना के मुताबिक महाराष्ट्र और गुजरात में रहने वाले व्यक्ति दोनों में से किसी राज्य में अपना राशन खरीद सकेंगे जबकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में रहने वाला कोई व्यक्ति इन दोनों राज्यों में से किसी में भी राशन खरीद सकता है. मतलब यह कि गुजरात का कोई व्यक्ति अभी आंध्र प्रदेश में राशन नहीं खरीद सकेगा. वो केवल गुजरात या महाराष्ट्र में राशन खरीद सकता है. इसी तरह से आंध्र प्रदेश का कोई व्यक्ति महाराष्ट्र या गुजरात से राशन नहीं खरीद सकता. वह केवल तेलंगाना से राशन खरीद सकता है.

 

1 जून 2019 से पूरे देश में लागू होगी योजना
सरकार इस योजना को अगले साल 1 जून से पूरे देश में लागू करने की तैयारी कर रही है. पूरे देश में लागू होने के बाद कोई भी राशनकार्ड धारी देश के किसी भी राज्य के सरकारी राशन की दुकान से राशन खरीद सकेगा. उदाहरण के लिए बिहार का कोई राशन कार्ड धारी उत्तर प्रदेश या तमिलनाडु या दिल्ली कहीं से भी सरकारी राशन खरीद सकेगा. दरअसल सरकार को इस तरह की शिकायतें मिली थी कि अगर कोई व्यक्ति कामकाज के लिए अपने राज्य से किसी और राज्य में जाता है तो उसे सरकारी राशन सस्ते दर पर नहीं मिल पाता है. ऐसी समस्या के निदान के लिए राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी या वन नेशन वन कार्ड स्कीम शुरू की गई है.


डिजिटल माध्यम का होगा इस्तेमाल
योजना लागू करने के लिए पूरे देश के सरकारी राशन की दुकानों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा जा रहा है. देश के प्रत्येक राशन कार्ड धारी लोगों का एक डेटाबेस तैयार किया जा रहा है जिसके जरिए वह कहीं से भी अपना राशन ले सकेंगे. कार्ड धारी को केवल अपनी पहचान साबित करनी पड़ेगी. खाद्य मंत्री रामविलास पासवान के मुताबिक सरकार जल्द से जल्द राशन कार्ड धारियों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने का काम पूरा कर लेगी. मंत्रालय के सूत्रों का मानना है कि योजना की सफलता के लिए इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता जरूरी है. फिलहाल जिन राज्यों में यह योजना लागू की गई है वहां एक आम शिकायत इंटरनेट की समस्या को लेकर है.

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