Thursday, 19 February 2026  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

भारत में दिखा रमजान का चांद, किस दिन रखा जाएगा पहला रोजा?

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 19, 2026, 15:24 pm IST
Keywords: Ramadan   भारत   रमजान का चांद  
फ़ॉन्ट साइज :
भारत में दिखा रमजान का चांद, किस दिन रखा जाएगा पहला रोजा?

 देश में रमजान का चांद नजर आ गया है. सबसे पहले बिहार और असम से चांद दिखने की खबर आई. इसके बाद अलग-अलग राज्यों से भी चांद देखने की पुष्टि हुई. अब गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को पहला रोजा रखा जाएगा और रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है.

इमारत-ए-शरिया फुलवारी शरीफ के काज़ी रिजवान नदवी ने बताया कि कई जगहों से चांद दिखने की सूचना मिली है और इसकी तस्दीक की गई है. वहीं मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी रमजान का चांद नजर आने की पुष्टि की.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी चांद देखे जाने की खबर है. हालांकि कई इलाकों में बादल थे, लेकिन लोगों की गवाही के आधार पर चांद दिखाई देने की पुष्टि की गई. उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी लोगों ने चांद का दीदार किया और एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी. आज से मस्जिदों में तरावीह की नमाज भी शुरू हो गई है.

चांद के आधार पर तय होता है रमजान

इस्लाम में महीनों की गणना चांद के अनुसार होती है. चांद के घटने-बढ़ने के आधार पर नया महीना शुरू होता है. इसी वजह से रमजान हर साल अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार अलग तारीख में आता है. जिस दिन चांद दिखाई देता है, उसके अगले दिन से रोजा शुरू होता है.

रमजान में कैसे की जाती है इबादत?

रमजान के महीने में रोजेदार पांच वक्त की नमाज के साथ तरावीह की खास नमाज भी पढ़ते हैं. सुबह सहरी करके रोजा रखा जाता है और शाम को इफ्तार के समय रोजा खोला जाता है. लोग परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर इफ्तार करते हैं.

30 रोजों के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है. इसे मीठी ईद भी कहा जाता है. इस दिन लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं और खुशियां बांटते हैं.

क्या होती है सहरी और इफ्तार?

  • सहरी: फज्र की अजान से पहले सुबह किया जाने वाला भोजन.
  • इफ्तार: सूर्यास्त के बाद रोजा खोलने के समय किया जाने वाला भोजन.

रोजा रखने की परंपरा कब शुरू हुई?

रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है. रोजा रखने की परंपरा 622 ईस्वी में मदीना में शुरू हुई थी. उस समय वहां बहुत गर्मी पड़ती थी. अरबी भाषा में ‘रमजान’ का अर्थ तेज गर्मी या तपन से जुड़ा माना जाता है. चांद के आधार पर इस्लामिक कैलेंडर बनाया गया और उसी के अनुसार रमजान मनाया जाता है. रमजान का महीना इबादत, सब्र, दान और आत्मसंयम का संदेश देता है.

अन्य राष्ट्रीय लेख
वोट दें

क्या आप कोरोना संकट में केंद्र व राज्य सरकारों की कोशिशों से संतुष्ट हैं?

हां
नहीं
बताना मुश्किल