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सूर्य ग्रहण के समय कौन से मंत्र का करें जाप? पूरी हो जाएगी मनोकामना! जानें नियम
जनता जनार्दन संवाददाता ,
Feb 17, 2026, 16:41 pm IST
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आज 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय जब सूर्य की रोशनी कम हो जाती है, तब वातावरण में एक विशेष ऊर्जा सक्रिय होती है. ऐसे समय में मंत्रों का उच्चारण मन और शरीर के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. कहा जाता है कि इस दौरान की गई प्रार्थना और साधना का असर सीधे अवचेतन मन पर पड़ता है, जिससे मानसिक शांति और स्पष्टता बढ़ती है. मंत्रों का चयन हमेशा अपनी आस्था और जरूरत के अनुसार करना चाहिए. सही भावना और विश्वास के साथ किया गया जाप जीवन में सकारात्मकता लाने में मदद करता है. आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान किन मंत्रों का जाप करना शुभ माना गया है. सूर्य देव के विशेष मंत्रों से पाएं आरोग्य और तेज यह सूर्य ग्रहण है, इसलिए इस समय सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है. सूर्य को स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सफलता का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्रों का मानसिक स्मरण करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता बढ़ती है. इस दौरान आप ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं. इसके अलावा सूर्य गायत्री मंत्र ‘ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्’ का भी जाप किया जा सकता है. माना जाता है कि इन मंत्रों से स्वास्थ्य में सुधार और कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर बढ़ते हैं. ध्यान रखें कि ग्रहण के समय माला या मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए, इसलिए मंत्रों का जाप मन ही मन करना अधिक उचित माना जाता है. मानसिक शांति और सुरक्षा के लिए मंत्र ग्रहण के समय कुछ लोगों को बेचैनी या अस्थिरता महसूस हो सकती है. ऐसे में गायत्री मंत्र का जाप मन को शांत रखने में सहायक माना जाता है. ‘ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्’ मंत्र बुद्धि को शुद्ध करने और सकारात्मक विचारों को बढ़ाने वाला माना जाता है. इसके अलावा जो लोग बीमारी, भय या मानसिक तनाव से परेशान हैं, उनके लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी शुभ माना गया है. यह मंत्र सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. शांत मन और श्रद्धा से किया गया जाप मानसिक तनाव कम करने और जीवन की चुनौतियों से लड़ने की शक्ति देता है. साधना की सफलता के लिए जरूरी नियम ग्रहण काल में मंत्र जाप करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है. ग्रहण शुरू होने से समाप्ति तक एक ही स्थान पर बैठकर एकाग्रता से जाप करना चाहिए. मन में क्रोध या नकारात्मक भावना नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि शुद्ध मन से की गई साधना को ही पूर्ण माना जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना और स्वच्छ वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है. घर में गंगाजल का छिड़काव करना भी परंपरा का हिस्सा है. इसके बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार गुड़, गेहूं या तांबे की वस्तु का दान करना फलदायी माना जाता है. |
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