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बसंत पंचमी पर टूटा महाकुंभ का रिकॉर्ड, 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

जनता जनार्दन संवाददाता , Jan 24, 2026, 12:50 pm IST
Keywords: Magh Mela 2026 Date   आस्था   महापर्व   माघ मेला 2026   बसंत पंचमी  
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बसंत पंचमी पर टूटा महाकुंभ का रिकॉर्ड, 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बसंत पंचमी का पर्व इस बार इतिहास रच गया. ज्ञान, विद्या और वाणी की देवी मां सरस्वती की आराधना के इस महापर्व पर त्रिवेणी संगम में श्रद्धा और आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि दशकों पुराने रिकॉर्ड टूट गए. माघ मेले के बसंत पंचमी स्नान पर्व के दौरान करीब 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में पुण्य स्नान किया.

गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था. हर ओर “हर हर गंगे” और “जय मां गंगा” के जयघोष गूंजते रहे. प्रशासन की सतर्क व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों के बीच यह विशाल स्नान पर्व सकुशल और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.

महाकुंभ 2025 से भी ज्यादा श्रद्धालुओं की संख्या

माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन स्नान करने वालों की संख्या ने महाकुंभ 2025 के स्नान आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि माघ मेला 2026 के दौरान अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं.

उनके अनुसार, संगम के घाटों पर उमड़ी यह अपार भीड़ सरकार और प्रशासन की बेहतरीन योजना, प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था का प्रमाण है. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात, स्वच्छता, चिकित्सा और सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम पहले से ही मजबूत किए गए थे.

साधु-संतों और अखाड़ों की रही विशेष मौजूदगी

बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर केवल आम श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि देशभर से आए साधु-संतों, महंतों और धर्माचार्यों ने भी संगम में पुण्य स्नान किया. कल्पवासियों के साथ-साथ मेला क्षेत्र में साधनारत सभी प्रमुख संतों ने परंपरा अनुसार गंगा और त्रिवेणी में डुबकी लगाई.

पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ त्रिवेणी तट पहुंचे. प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग से पैदल चलते हुए वे संगम नोज तक पहुंचे और पूरी सादगी व श्रद्धा के साथ पुण्य स्नान किया. उनके स्नान के दौरान संगम तट पर भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रही.

विभिन्न परंपराओं के संतों ने किया स्नान

माघ मेला अधिकारी के अनुसार, बसंत पंचमी पर दंडी स्वामी संतों, रामानंदी, रामानुजाचार्य परंपरा से जुड़े संतों ने भी गंगा और त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई.

इसके अलावा किन्नर अखाड़े के सदस्यों ने भी पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ संगम तट पर पहुंचकर बसंत पंचमी का पुण्य स्नान किया. देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने इस अवसर को जीवन का सौभाग्य बताते हुए संगम में स्नान किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी शुभकामनाएं

बसंत पंचमी के इस पावन स्नान पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं.

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बसंत पंचमी के पवित्र अवसर पर तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी संगम में स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई. उन्होंने मां गंगा से प्रार्थना की कि संगम में लगाई गई यह “आस्था की डुबकी” सभी के लिए शुभ और फलदायी हो तथा श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों.

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