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ताइवान चीन का हिस्सा है और इनका एक होना तय, बोले जिनपिंग
जनता जनार्दन संवाददाता ,
Jan 02, 2026, 12:11 pm IST
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चीन और ताइवान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है. हाल ही में, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने नए साल के भाषण में कहा कि ताइवान चीन का हिस्सा है और दोनों के बीच खून का रिश्ता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीन और ताइवान का एक होना समय की मांग है और इसे कोई भी ताकत नहीं रोक सकती. चीन की इस टिप्पणी के बाद, ताइवान ने इसे उकसाने वाला कदम बताया है और चेतावनी दी है कि इस तरह के बयान सम्पूर्ण क्षेत्र में अशांति फैला सकते हैं. जिनपिंग का बयान और ताइवान की प्रतिक्रिया चीन हमेशा से ताइवान को अपना हिस्सा मानता आया है और यह भी दावा करता है कि अगर आवश्यक हुआ, तो वह सैन्य बल का उपयोग करके ताइवान को अपने साथ मिला सकता है. शी जिनपिंग ने यह बात एक ऐसे समय में कही, जब चीन और ताइवान के बीच रिश्ते पहले ही बहुत तनावपूर्ण हैं, और ताइवान की सरकार ने इस बयान को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घोषणाएं क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न कर सकती हैं. चीन का यह बयान, ताइवान को एक स्वतंत्र और स्वायत्त क्षेत्र के रूप में पहचानने वाले देशों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनता जा रहा है, और ताइवान के अंदर भी इसे लेकर विरोध के स्वर बढ़ गए हैं. अमेरिका की प्रतिक्रिया चीन के इस बयान के बाद, अमेरिका ने तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की. अमेरिकी विदेश विभाग ने चेतावनी दी कि चीन की यह भाषा बेवजह तनाव बढ़ा रही है. अमेरिका का कहना है कि चीन को ताइवान जलडमरूमध्य में शांति को बनाए रखने के लिए अपनी नीतियों को बदलने की आवश्यकता है. अमेरिका ने यह भी दोहराया कि वह ताइवान को किसी भी बाहरी हमले या किसी भी प्रकार की हिंसा से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, "अमेरिका ताइवान के खिलाफ किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का विरोध करता है और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति बनाए रखने के लिए चीन के किसी भी प्रयास का विरोध करेगा." अमेरिका की यह नीति लंबे समय से चली आ रही है, जिसमें ताइवान की स्वतंत्रता और सुरक्षा का समर्थन किया गया है. इसके अलावा, अमेरिका ने ताइवान के अधिकारों की रक्षा को लेकर कई बार चीन को चेतावनी दी है. डोनाल्ड ट्रंप का नरम रुख चीन के सैन्य अभ्यासों और ताइवान पर बयान के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के प्रति नरम रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि वह शी जिनपिंग के अच्छे दोस्त हैं और उन्हें विश्वास है कि चीन ताइवान पर हमला नहीं करेगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चीन के सैन्य अभ्यासों से परेशान नहीं हैं, क्योंकि चीन पिछले 20 वर्षों से इस तरह के अभ्यास करता आ रहा है. चीन और अमेरिका के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं, और ट्रंप के इस बयान को एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि वह चीन के साथ बातचीत और संपर्क बनाए रखने के पक्ष में हैं. हालांकि, इस टिप्पणी से अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय हितों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा. चीन ने ताइवान के पास सैन्य अभ्यास किया चीन ने हाल ही में ताइवान के पास सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास किया. इस अभ्यास का नाम "जस्टिस मिशन 2025" रखा गया था, और यह 29 और 30 दिसंबर 2025 को दो दिनों तक चला. चीनी सेना के अनुसार, इस अभ्यास में नौसेना, वायुसेना और रॉकेट फोर्स को एक साथ तैनात किया गया था. अभ्यास के दौरान दर्जनों रॉकेट दागे गए और सैकड़ों लड़ाकू विमान, नौसेना के जहाज, और तटरक्षक बलों को भी तैनात किया गया. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य ताइवान के मुख्य द्वीप को घेरने और उसके प्रमुख बंदरगाहों की नाकाबंदी का अभ्यास करना था. इसके अलावा, चीन ने समुद्री और हवाई लक्ष्यों पर सटीक हमले करने की भी प्रैक्टिस की. कुछ रॉकेट ताइवान के बहुत करीब, उसके क्षेत्रीय जलों के पास गिरे, जो अब तक का सबसे निकटतम अभ्यास था. चीन ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य बाहरी देशों के दखल और ताइवान की अलगाववादी ताकतों के खिलाफ चेतावनी देना था. इस कदम को चीन ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के रूप में पेश किया. ताइवान को हथियार पैकेज मिलने से गुस्साया चीन चीन के इस युद्धाभ्यास की एक मुख्य वजह अमेरिका और ताइवान के बीच हुई हथियारों की डील मानी जा रही है. हाल ही में, अमेरिका ने ताइवान को करीब 11.1 अरब डॉलर का हथियार पैकेज देने की घोषणा की, जो अब तक का सबसे बड़ा रक्षा पैकेज है. इस पैकेज में आधुनिक मिसाइल सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं. चीन ने इस डील को अपनी संप्रभुता के खिलाफ एक धक्का माना और इसकी कड़ी निंदा की. इसके चलते, उसने अमेरिका की 20 डिफेंस कंपनियों और 10 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था. चीन का कहना है कि ताइवान को मिलने वाला कोई भी विदेशी सैन्य समर्थन उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे का कारण बनता है. |
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