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कोरोनाकाल में घर से काम करते हुए भी बिताएं सेहतमंद जिंदगी

जनता जनार्दन संवाददाता , Aug 01, 2021, 17:46 pm IST
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कोरोनाकाल में घर से काम करते हुए भी बिताएं सेहतमंद जिंदगी

कोरोना महामारी से लड़ते हुए डेढ़ साल से ज्यादा हो चुके हैं. सुरक्षा के मद्देनजर और कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कंपनियों ने लोगों को घरों से काम करने का विकल्प दिया है. वर्क फ्रॉम होम का विकल्प कुछ लोगों के लिए सुविधाजनक है, तो वहीं कुछ लोगों की सेहत के लिए नकारात्मक प्रभाव का कारण बन रहा है. नकारात्मक प्रभावों में से एक डायबिटीज है. घर से देर तक काम ने कई डायबिटिक रोगियों को उसका काबू करना असंभव बना दिया है. उसके साथ, वजन का बढ़ना, सुस्ती, मोबाइल की लत, खराब लाइफस्टाइल, खराब डाइट का पालन भी इस लिस्ट में जुड़ गए हैं और ये सभी आपके डायबिटीज को बेकाबू बनाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं. वॉकहार्ट अस्पताल, मुंबई सेंट्रल से जुड़े डॉक्टर अलतमश शेख ने घर से काम करते हुए अपनी डायबिटीज को काबू करने के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं. 

कार्बोहाइड्रेट्स के सेवन पर लगाम लगाएं- वजन के रख रखाव और कमी के लिए सही समय पर खाना महत्वपूर्ण है. ग्लूकोज लेवल को काबू करने के लिए नींद और व्यायाम के साथ सही भोजन के महत्व से वाकिफ होने की जरूरत है. हमारा शरीर कार्बोहाइड्रेट्स को ग्लूकोज में तोड़ता है, और बाद में इंसुलिन शरीर को इस्तेमाल करने में मदद करता है और ऊर्जा के लिए उसे स्टोर करता है. बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्स खाने या इंसुलिन के काम में समस्या होने पर ये प्रक्रिया नाकाम हो जाती है और अचानक से ग्लूकोज लेवल में बढ़ोतरी होती है. ग्लूकोज लेवल को काबू करने के लिए कार्बोहाइड्रेट्स सेवन का नियंत्रण जरूरी है. नियमित रूप से अपने ग्लूकोज लेवल की मॉनिटरिंग करें और डॉक्टर के संपर्क में रहें.

अच्छी नींद लें और थोड़ा जल्दी सोएं- हमारी सेहत के लिए अच्छी नींद लेना जरूरी है. आराम की कमी और खराब नींद की आदतें इंसुलिन की संवेदनशीलता और ब्लड ग्लूकोज लेवल को प्रभावित कर सकती हैं. ये भूख बूढ़ा सकती है जिससे वजन बढ़ता है. नींद की कमी के नतीजे में हार्मोन्स के वृद्धि में कमी होती है और कोर्टिसोल लेवल की बढ़ोतरी होती है. इसलिए बेहतर है कि रोजाना रात को 7-8 घंटे प्रयाप्त नींद को पूरा किया जाए. 

तनाव, डायबिटीज काबू करने के लिए व्यायाम- घर से काम और व्यायाम दोनों संभव है. घर में ही स्पॉट वॉकिंग या जॉगिंग की जा सकती है. जिन लोगों को लगता है कि उन्हें बाहर जाना चाहिए, उनके लिए तेज चलने, सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखते हुए जॉगिंग की सिफारिश की जाती है. पुश-अप, पुल-अप, स्क्वाट जैसे व्यायाम घर पर ही करें. परिवार और दोस्तों के साथ फोन पर या वीडियो के जरिए अच्छा समय खर्च करें. जैसा कि हम जानते हैं तनाव ग्लूकोज लेवल को प्रभावित करता है, इसलिए खुद से प्यार करें जो अंदरुनी शांति बनाने में मदद करेगा. मेडिटेशन, योग के आसन भी आपको तनाव से दूर रखेंगे.

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