सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के 186 मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने को कहा

जनता जनार्दन संवाददाता , Jan 10, 2018, 20:23 pm IST
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सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के 186 मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने को कहा नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज सिख विरोधी दंगों के उन 186 मामलों की जांच के लिए नयी एसआईटी के गठन का आदेश दिया जिनकी जांच बंद कर दी गई थी.

1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आतंकियों द्वारा की गई हत्या के बाद हुए सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिर से एसआईटी गठित करने को मंजूरी दी . कोर्ट ने कहा है कि इन मामलों की जांच फिर से की जायेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित करने के लिए कुछ लोगों के नाम सुझाए. कोर्ट का कहना है कि कमेटी की अध्यक्षता हाईकोर्ट के पूर्व जज करेंगे.

गौरतलब है कि इन मामलों को सबूत ना होने या पीड़ितों की उपस्थिति ना होने के कारण बंद कर दिया गया था, लेकिन अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों की दोबारा जांच के आदेश दे दिये हैं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर की मुसीबत बढ़ सकती है, क्योंकि वे इन मामलों में आरोपी रहे हैं.

इससे पहले भी केंद्र सरकार की ओर से गठित एसआईटी द्वारा 293 में से 240 मामलों को बंद करने के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई थी. इस फैसले पर संदेह जताते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार से इनमें में 199 मामलों को बंद करने का कारण बताने के लिए कहा था.

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में हजारों की संख्या में सिख मारे गए थे. याद दिला दें कि इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही सिख अंगरक्षकों ने की थी. इंदिरा की हत्या के बाद पूरे भारत में दंगे की आग भड़की थी.

इन दंगों में 3000 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. 2000 से ज्यादा लोग सिर्फ दिल्ली में ही मारे गये थे. नरंसहार के बाद सीबीआई ने कहा था कि ये दंगे राजीव गांधी के नेतृ्त्व वाली कांग्रेस सरकार और दिल्ली पुलिस ने मिल कर कराये हैं.

उस समय तत्कालीन पीएम राजीव गांधी का एक बयान भी काफी सुर्खियों में था जिसमें उन्होंने कहा था कि जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तब पृथ्वी भी हिलती है.
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