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उज्जैन और बनारस की तर्ज पर भागलपुर में बनेगा शिव कॉरिडोर
जनता जनार्दन संवाददाता ,
Jan 22, 2026, 18:24 pm IST
Keywords: Bhagalpur Sultanganj Shiv Corridor भागलपुर सुल्तानगंज शिव कॉरिडोर
भागलपुर के सुल्तानगंज में धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से एक महत्वाकांक्षी परियोजना अपने वास्तविक स्वरूप में बनने जा रही है. लंबे समय से भूमि विवाद में उलझी इस योजना को अब नई दिशा मिल गई है. उज्जैन के महाकाल लोक और वाराणसी के काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर जैसी भव्य संरचना को ध्यान में रखते हुए सुल्तानगंज में भी शिव कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा. गंगा तट पर धर्मशाला और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं के निर्माण के लिए जिन जमीनों की जरूरत थी, वे रेलवे के अधीन थीं. यही कारण था कि परियोजना लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ पा रही थी. जिला प्रशासन ने समस्या का समाधान निकालते हुए रेलवे को विकल्प के रूप में तीन अलग-अलग स्थानों पर जमीन देने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसके तहत रेलवे की लगभग 17 एकड़ 47.625 डिसमिल भूमि के बदले में उन्हें जगदीशपुर हॉल्ट के पास 18.98 एकड़, बरारी क्षेत्र में 0.6 डिसमिल और सुल्तानगंज में एनएच के पास आईबी के पास 0.7 एकड़ जमीन देने का विकल्प दिया गया है. इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद रेलवे की जमीन खाली होगी और कॉरिडोर निर्माण का मार्ग साफ हो जाएगा. फ्री भूमि ट्रांसफर की प्रक्रिया और औपचारिकताएँ जिला प्रशासन ने भूमि आदान-प्रदान का प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दिया है. विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद औपचारिक लैंड एक्सचेंज की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके पूरा होते ही निर्माण कार्य को हरी झंडी मिल जाएगी और लंबे समय से रुकी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिलेगी. प्रशासन की इस पहल से सुल्तानगंज में भी उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर शिव कॉरिडोर का निर्माण संभव हो सकेगा. गंगा नदी की धारा को सुरक्षित बनाने का प्रयास शिव कॉरिडोर के साथ-साथ गंगा नदी की पुरानी धारा को पुरानी सीढ़ी घाट की ओर मोड़ने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है. यह परियोजना जल संसाधन विभाग के अधीन प्रगति पर है. इसका उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों को उत्तरवाहिनी गंगा में सुरक्षित स्नान की सुविधा सीधे घाट के पास उपलब्ध कराना है. इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ेगी और घाट पर भीड़ नियंत्रण के लिए सुविधा सुनिश्चित होगी. स्थानीय पर्यटन और आर्थिक विकास को मिलेगा बल शिव कॉरिडोर का निर्माण सुल्तानगंज के धार्मिक और पर्यटन स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा. परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, सुव्यवस्था और सुरक्षा मिलेगी. इसके साथ ही स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी. सुल्तानगंज का यह नया स्वरूप इसे बड़े आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और आने वाले वर्षों में इसे देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख गंतव्य बना देगा. |
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