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रेलवे ने रद्द किया चीनी कंपनी का सिग्नलिंग ठेका, कानपुर से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन था सिग्नलिंग टेलीकम्यूनिकेशन

जनता जनार्दन संवाददाता , Jun 18, 2020, 19:31 pm IST
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रेलवे ने रद्द किया चीनी कंपनी का सिग्नलिंग ठेका, कानपुर से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन था सिग्नलिंग टेलीकम्यूनिकेशन

दिल्ली:  नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिज़ाइन इंस्टिट्यूट ऑफ़ सिग्नल एंड कम्यूनिकेशन ग्रुप कॉर्पोरेशन लिमिटेड नाम की चाइनीज़ कम्पनी को सूचनाएं छिपाने, गुणवत्ता और वक़्त पर काम पूरा न करने की वजह से भारतीय रेलवे अपने सिग्नलिंग के काम से बाहर करेगी.

किस तरह का कॉन्ट्रैक्ट है?

जून 2016 में रेलवे के ईस्टर्न डेडिकेटेड फ़्रेट कॉरिडोर की सिग्नलिंग और टेलीकम्यूनिकेशन व्यवस्था का 471 करोड़ रुपये का काम इस चाइनीज़ कम्पनी को दिया गया था. इसके तहत इस कम्पनी को उत्तर प्रदेश के कानपुर से दीन दयाल उपाध्याय (मुग़लसराय ) सेक्शन की 417 किलोमीटर रेल लाईन पर सिग्नलिंग का काम करना था.

इस कम्पनी से जब भारतीय रेलवे ने सुरक्षा कारणों से इंटरलिंकिंग के लिए सिग्नलिंग से जुड़े सॉफ़्टवेयर का सिग्नल कोड मांगा तो चाइनीज़ कम्पनी ने देने से इंकार कर दिया. इस कम्पनी के काम करने के तरीक़े और सूचनाओं को साझा न करने के कारण रेलवे इससे संतुष्ट नहीं है. इसके अलावा चाइनीज़ कम्पनी 4 साल में सिर्फ़ 20 फीसदी काम ही कर पाई है जो कि बहुत ख़राब परफ़ॉर्मेंस के अंतर्गत आता है.

क्या हैं अन्य आपत्तियां?

महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा न करने के अलावा चाइनीज़ कम्पनी के सम्बंधित अधिकारी साईट पर मौजूद नहीं रहते, लोकल सम्बंधित संस्थाओं से कम्पनी ने कोई सम्पर्क नहीं किया जिससे फ़िज़िकल वर्क सम्भव नहीं हो सका. ज़रूरी सामानों को भी इकट्ठा नहीं किया गया.  कम्पनी के हर स्तर के अधिकारियों के साथ लगातार मीटिंग करने के बाद भी कार्य में कोई प्रगति नहीं हो सकी.

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