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मोदी और बिवि ने भारत-इजरायल संबंधों को सामरिक सहभागिता तक पहुंचाया

मोदी और बिवि ने भारत-इजरायल संबंधों को सामरिक सहभागिता तक पहुंचाया जेरुसलम: तीन दिन के इजरायल दौरे पर पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दौरे के अपने आखिरी संबोधन में भारत और इजरायल के बीच संबंधों की गहनता का जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के संबंध 800 साल पुराने हैं.

भारत-इजरायल ने जहां बढ़ते कट्टरपंथ व आतंक के खिलाफ मिल कर काम करने की शपथ ली. वहीं आतंकी समूहों के पनाहगारों व आर्थिक मदद देनेवालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने पर सहमत हुए.

प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के पीएम नेतन्याहू के साथ आतंकवाद व सामरिक खतरों समेत कई मुद्दों पर लंबी चर्चा की.

इजरायल में रह रहे अनिवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक किसी भारतीय प्रधानमंत्री के इजरायल का दौरा न करने का जिक्र भी किया.

मोदी ने कहा, "सलाम! 70 वर्षो में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री का आना, ये अपने आप में एक खुशी का भी अवसर है और कुछ सवालिया निशान भी है. यह मानवीय स्वभाव है कि जब आप किसी करीबी व्यक्ति से बहुत दिन बाद मिलते हैं तो पहला वाक्य होता है, बहुत दिन बाद मिले. यह पहला वाक्य ही एक प्रकार से स्वीकारोक्ति भी होती है. हालचाल पूछने के साथ यह भी स्वीकार कर लेता है कि बहुत दिन बाद मिले."

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "वाकई बहुत दिन बाद मिले! दिन भी कहना ठीक नहीं होगा, सच यह है कि मिलने में कई साल लग गए, 10-20-50 नहीं 70 साल लग गए. भारत की स्वतंत्रता के 70 साल बाद भारत का प्रधानमंत्री आज इजरायल की धरती पर आप सब से आशीर्वाद ले रहा है."

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आतिथ्य सत्कार की सराहना करते हुए मोदी ने कहा, "आज यहां इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू, मेरे दोस्त भी उपस्थित हैं. यहां आने के बाद जिस तरह वह मेरे साथ रहे, मुझे जैसा सम्मान दिया है, वह सभी भारतीयों का सम्मान है."

मोदी ने कहा, "हम दोनों में एक विशेष समानता यह भी है कि हम दोनो ही अपने-अपने देशों की स्वतंत्रता के बाद पैदा हुए हैं। नेतन्याहू की एक रुचि जो दिल को छू जाने वाली है, वह है भारतीय भोजन के प्रति उनका प्यार."

मोदी ने कहा, "कूटनीतिक संबंधों के सिर्फ 25 साल ही हुए हों, लेकिन सच्चाई यह है कि दोनों देश कई सौ वर्षो से एकदूसरे से जुड़े हुए हैं. महान सूफी संत बाबा फरीद ने सालों तक इजरायल में एक गुफा में रहकर लंबी साधना की. वह जगह आज एक तरह से तीर्थ स्थल में परिवर्तित हो चुका है. यह स्थल दोनों देशों के 800 वर्षो के संबंध का प्रतीक है."

भारत और इजरायल के बीच प्राचीन संबंधों और सांस्कृतिक समानता के संदर्भ देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "दोनों देशों का यह साथ भरोसे और मित्रता का भी है। हमारे त्योहारों में भी एक अद्भुत समानता है। भारत में होली मनती है तो यहां परिम मनाया जाता है। भारत में दिवाली मनाते हैं तो यहां अनुगा मनाया जाता है."

उन्होंने कहा, "मुझे यह जानकर बहुत खुशी है कि कल यहूदी ओलम्पिक खेलों का उद्घाटन हो रहा है। मैं इजरायल के लोगों को इस खेल की बधाई देता हूं। भारत ने भी यहूदी ओलम्पिक खेल के लिए अपनी टीम भेजी है और भारतीय खिलाड़ी भी यहां मौजूद हैं. मेरी उन्हें बहुत शुभकामनाएं."

मोदी ने कहा, "इजरायल की वीर भूमि कई वीर सपूतों तथा उनके बलिदान से सिचित है। मैं इजरायल की शौर्यता को प्रणाम करता हूं. उनका यह शौर्य इजरायल के विकास का आधार रहा है."

इनमें रक्षा सहयोग व सुरक्षा, जल संरक्षण, कृषि व पश्चिम एशिया अहम है. व्यापक बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने गंगा सफाई, अंतरिक्ष, नवोन्मेष जैसे जुड़े सात अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किये. 

दोनों नेताओं ने माना कि आतंक वैश्विक शांति व स्थायित्व के लिए बड़ा खतरा है, इसलिए इसके सभी रूपों से लड़ने की जरूरत है. आतंकी संगठनों, उनके  नेटवर्कों पर शिकंजा, उन्हें आर्थिक मदद देनेवालों पर कठोर कार्रवाई की भी बात कही.

इसके साथ ही कंप्रेहेन्सिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म  को जल्द अपनाने के लिए सहयोग पर भी प्रतिबद्धता जतायी.

पीएम मोदी व इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान मोदी ने नेतन्याहू और उनके परिवार को भारत आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने तत्काल मंजूर भी कर लिया.  

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नेतन्याहू ने इस मुलाकात को महान बताते हुए कहा कि मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी इतिहास रच रहे हैं. एहसास हो रहा है कि हम मिल कर दुनिया को बदल सकते हैं.

दोनों देश पांच साल के लिए प्रौद्योगिकी कोष शुरू करने पर सहमत हुए. यह कुछ उसी तरह का कोष है जिससे चार दशक तक अमेरिका के  साथ इस्राइल के संबंधों को मजबूती मिली.

इसके अलावा दोनों देश व्यापारिक और  कारोबारी संबंधों को बढ़ावा देने के लिए निवेश संरक्षण संधि पर बातचीत के  लिए भी सहमत हुए हैं. वहीं, भारत  इस्राइल में सांस्कृतिक केंद्र खोलेगा.

भारत और इस्राइल ने औद्योगिक शोध व विकास के लिए चार करोड़ डॉलर के कोष की स्थापना पर भी सहमति जतायी. दोनों देश इसके लिए दो-दो करोड डॉलर देंगे.

सात समझौते

दोनों  के बीच 26 अरब का इंडस्ट्रियल आर एंड डी व टेक्नोलॉजी इनोवेशन फंड.   

भारत में जल संरक्षण के लिए मदद

भारत के राज्यों में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करार

कृषि के लिए तीन साल के कार्यक्रम की घोषणा

आणविक घड़ी के लिए सहयोग

जीइओ-एलइओ ऑप्टिकल लिंक के लिए एमओयू

छोटे सैटलाइट्स को बिजली के लिए करार
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