पर्यटन के नक्शे पर भी छा रहा बिहार

जनता जनार्दन संवाददाता , May 15, 2011, 19:41 pm IST
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पर्यटन के नक्शे पर भी छा रहा बिहार पटना: विकास की नित नई गाथा लिख रहा बिहार अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। जिस राज्य में प्रवेश करने से पहले लोग हजार दफा सोचते थे, उस राज्य में हाल के वर्षो में पर्यटकों की संख्या में आश्यर्चजनक वृद्धि हुई है। अब तो यह दावा किया जाने लगा है कि पर्यटन के मामले में बिहार ने गोवा को पीछे छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूटान यात्रा से राज्य में पर्यटन उद्योग के और फलने-फूलने की आस बंधी है।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2010 में करीब 4.93 लाख विदेशी पर्यटक बिहार आए, जबकि इसी दौरान 1.57 करोड़ से ज्यादा देशी पर्यटकों ने यहां के धार्मिक, ऐतिहासिक और अन्य पर्यटन स्थलों का दौरा किया। वर्ष 2009 में बिहार आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 4,23,042 थी, वहीं 2008 में मात्र 3,45,572 विदेशी पर्यटक ही बिहार पहुंचे।

इसी तरह वर्ष 2007 में बिहार आने वाले करीब एक करोड़ पर्यटकों में 1.77 लाख विदेशी पर्यटक थे। राज्य के गया जिले ने सबसे अधिक पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। पिछले साल गया में कुल 2़ 25 लाख पर्यटक पहुंचे।

राज्य के पर्यटन मंत्री सुनील कुमार पिंटू के मुताबिक मुख्यमंत्री की यात्रा के बाद यहां आने वाले भूटानी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तय मानी जा रही है। राज्य में इन दिनों पर्यटकों की संख्या गोवा पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या को भी पार कर गई है।

पिंटू का दावा है कि बिहार में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि बिहार में बदलाव का सूचक है। उन्होंने बताया कि यूं तो प्रारंभ से ही राज्य में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की भरमार है, लेकिन अब लोगों का बिहार के प्रति विश्वास बढ़ा है।

राज्य में पर्यटन के क्षेत्रों के अलावे सड़क और कानून की स्थिति में सुधार हो रहा है। इस कारण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। वह कहते हैं राज्य में पर्यटन क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं हैं, जिसके विकास के लिए सरकार प्रयत्नशील है।

एक अनुमान के मुताबिक भूटान से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2008 में जहां भूटान से आने वाले पर्यटकों की संख्या करीब दो लाख थी, वहीं वर्ष 2010 में इसकी संख्या दोगुनी हो गई।

राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार करने वाले भी आशान्वित हैं, लेकिन वे इस दिशा में अब भी बहुत किए जाने की आवश्यकता बताते हैं।

पटना में टूर एंड ट्रेवल्स का काम कर रहे 'ट्रेवलनेट' के प्रबंधक यू़ गणेश बताते हैं कि बिहार में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि अवश्य दर्ज की जा रही है, लेकिन अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। आज भी पर्यटकों को यह शिकायत रहती है कि पटना के बाहर ठहरने के लिए अच्छे होटलों की व्यवस्था नहीं है।

उधर, राजगीर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृष्ण सिंह बताते हैं कि 10 वर्ष पूर्व तक होटल व्यवसाय मंदी के दौर में पहुंच गया था। होटलों में किसी-किसी दिन ग्राहक आते थे। लेकिन 2007 के बाद स्थिति में सुधार हो रहा है। अब देसी ही नहीं, विदेशी ग्राहक भी यहां पहुंच रहे हैं। यहां 30 से अधिक होटल, धर्मशाला और 10 से अधिक लॉज हैं।

पर्यटकों से रोजगार पाने वाले रामनाथ को भी आशा है कि भूटानी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
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