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पाषाण युग में भी हुआ करती थी असमानता

पाषाण युग में भी हुआ करती थी असमानता वाशिंगटन: असमानता को विकसित समाज का दोष माना जाता है, लेकिन एक नए अध्ययन के मुताबिक करीब सात हजार वर्ष पहले नवपाषाण युग में भी वर्ण व्यवस्था हुआ करती थी और समाज में सभी को बराबरी का दर्जा हासिल नहीं था।

मध्य यूरोप के एक कब्रिस्तान के 300 से ज्यादा मानव कंकालों का अध्ययन करने के बाद ब्रिस्टल विश्वविालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिनलोगों को हथियारों और उपकरणों के साथ दफनाया गया था उनका कब्जा अच्छी जमीनों पर हुआ करता था ।

इनके अलावा बाकि लोगों को बगैर किसी हथियार या उपकरण के दफनाया गया था। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह नवपाषाण युग के किसानों में जमीन के मालिकाना हक को लेकर असमानता का सबसे पुराना प्रमाण है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि पत्थर से बनी कुल्हाड़ी के साथ दफनाए गए लोगों का कब्जा अच्छी जमीनों पर था जबकि उसके बिना दफनाए गए लोगों को शायद दूर की थोड़ी कम उपजाउ जमीनें मिली थीं। ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के पुरातत्व और मानव विज्ञान के प्रोफेसर एलेक्स बेंटले का कहना है कि जांच से ऐसा लगता है जैसे जमीनों के बंटवारे में काफी असमानता थी।
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