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धर्म-अध्यात्म
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श्री राम जन्मभूमि पूजन के दिन अपने घरों में श्रद्धापूर्वक दीपक जलाएं: चंपत राय जनता जनार्दन विशेष संवाददाता ,  Jul 29, 2020
महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थिति में ऐसा करना असंभव है ,किंतु माननीय प्रधान मन्त्री इस ऐतिहासिक प्रसंग पर अयोध्या आकर श्री राम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रारंभ करा दें , इसलिए भूमि पूजन आवश्यक है । श्री राम जन्मभूमि तीर्थ समिति सभी राम भक्तों से निवेदन करती है कि अयोध्या पहुंचने के लिए व्यग्र न हो , सभी लोग अपने स्थान से दूरदर्शन पर समारोह का सजीव प्रसारण देखें और सायंकाल अपने घर पर दीपक जलाकर दिव्य भव्य अवसर का स्वागत करें ।भविष्य में किसी उचित अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण यज्ञ में सभी राम भक्तों को सम्मिलित होने का अवसर मिले , यह प्रयास अवश्य होगा ।। ....  समाचार पढ़ें
राम मंदिर भूमि पूजन: पीएम मोदी तांबे का एक कलश स्थापित करेंगे जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 19, 2020
अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का भूमि पूजन तकरीबन 3 घंटे लंबे कार्यक्रम के साथ संपन्न होगा. अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर की भूमि पूजन के लिए 5 अगस्त को इसलिए चुना गया है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग को सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है. अगर इस दिन कोई भी कार्य किया जाए तो वह सर्वार्थ की सिद्धि को प्राप्त होता है. भगवान श्री राम के नाम 'राम' नाम का जो मुहूर्त है, वह भी 5 अगस्त को फलदायक बताया जा रहा है. यही वजह है कि इस शुभ मुहूर्त में भूमि पूजन किया ....  समाचार पढ़ें
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी ने कहा? अमिय पाण्डेय ,  Jul 05, 2020
गुरूपूर्णिमा के शुभ अवसर पर सभी समाधियों को नमन् करता हूँ और आप सबकी भलाई के लिए ही इस  वर्ष कोरोना महामारी के कारण किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया है । फिर भी आशीर्वच ....  समाचार पढ़ें
भक्तों के लिए मंदिर के दरवाजे खुले, पूजा करने जाने से पहले इन बातों का रखें ख्याल जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 08, 2020
दिल्ली: देश में करीब ढाई महीने बाद मंदिर एक बार फिर खुल गए हैं. लेकिन कोरोना संकट अभी खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में भक्तों को मंदिरों में एहतियात बरतनी होगी, ताकि खुद भी संक्रमण से बचें और आने वाले दूसरे लोगों को भी बचाएं. एहतियात के तौर पर मंदिरों में लगी घंटियों को कपड़े से ढक दिया गया है. साथ ही मंदिरों में प्रसाद का वितरण भी नहीं होगा. ....  समाचार पढ़ें
वाराणसी में बाबा विश्वनाथ मंदिर को खोलने की तैयारियां पूरी, 8 जून से श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे अमिय पाण्डेय ,  Jun 04, 2020
वाराणसी: अनलॉक-1 को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, 8 जून से सभी धार्मिक स्थल जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्चा आदि खुल जाएंगे. इस को लेकर वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर को खोलने की तैयारी की जा रही हैं. ....  समाचार पढ़ें
चाणक्य नीति: इन गुणों वाले व्यक्ति को ही जीवन में मिलती है सफलता Desk JJ ,  May 18, 2020
आचार्य चाणक्य ने सफल होने के लिए कुछ अहम बातें अपनी चाणक्य नीति में बताई हैं. इन बातों को जो व्यक्ति जीवन में उतार लेता है उसे सफलता के लिए अधिक संघर्ष नहीं करना पड़ता है. ....  समाचार पढ़ें
7 मई 2020 का दिन है खास, वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा और रबींद्रनाथ टैगोर जयंती जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 06, 2020
हिंदू पंचांग के अनुसार 7 मई का दिन बहुत ही शुभ है. इस दिन वैशाख माह की पूर्णिमा और इसी दिन बुद्ध पूर्णिमा भी है. इसके अतिरिक्त कई अन्य महत्वपूर्ण पर्व और व्रत भी हैं जिनका विशेष महत्व बताया गया है.वैशाख पूर्णिमा इस दिन को बहुत ही विशेष माना गया है. इस दिन दान देने की परंपरा है. इस दिन घर में सत्यनारायण की पूजा का विधान भी है. ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत र ....  समाचार पढ़ें
बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के आवाह्न पर अघोर शोध एवं सेवा संस्थान के सदस्यों ने बीएचयू कैंपस में राहत सामग्री का किया वितरण अमिय पाण्डेय ,  Apr 21, 2020
अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान,सर्वेश्वरी समूह व अघोर सेवा मंडल के अध्यक्ष पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के निर्देशन में वैश्विक महामारी कोरोनॉ वायरस से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान नगर में फंसे गरीब, मजदूर,भूखे असहाय लोगों को 24 मार्च,2020 से लगातार लगभग 3000 पैकेट भोजन प्रतिदिन वितरण किया जा रहा है । जिला प्रशासन के सहयोग से अब तक लाखों पैकेट भोजन प्रसाद रूप कीनाराम आश्रम में तैयार कर जरुरतमंद लोगो में वितरित कराया गया है। ....  समाचार पढ़ें
योगी आदित्यनाथ के पिता के निधन पर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम ने जताया शोक अमिय पाण्डेय ,  Apr 20, 2020
अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान,सर्वेश्वरी समूह व अघोर सेवा मंडल के अध्यक्ष पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर श्री अजय सिंह बिष्ट "योगी आदित्यनाथ" जी के पिता श्री आनंद सिंह बिष्ट का देहावसान आज आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली ....  समाचार पढ़ें
जय बाबा कीनाराम जी! जब आने लगी संतो की थाली से मदिरा की महक आगे हुआ क्या? अमिय पाण्डेय ,  Nov 11, 2019
कीनाराम बाबा स्थल चन्दौली में स्थित है यह एक अघोरपीठ के रूप में जाना जाता है जिसकीएकबंगी का ....  समाचार पढ़ें
अपने घर पर ही रहकर मनायें गुरू पूर्णिमा का पर्व: सिद्धार्थ गौतम राम जी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 14, 2020
अपने घर पर ही रहकर मनायें गुरू पूर्णिमा का पर्व: सिद्धार्थ गौतम राम जी वाराणसी: देश भले ही अनलॉक हो गया है। लेकिन इस वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का खतरा बना हुआ है । ऐसी स्थिति मे अपने भक्तों को संक्रमण से दूर रखने के लिए विश्व विख्यात अघोरपीठ औघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान क्रीकुण्ड शिवाला के पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी ने कहा कि आप सभी से विनम्र निवेदन है कि कोरोना वैश्विक महामारी कोविड19 के प्रकोप के कारण सम्पूर्ण मानव जाति के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। ....  लेख पढ़ें
स्वामी सहजानन्द सरस्वती: जिनके जीवन गाथा में निहित है जगत सन्देश गोपाल जी राय ,  Feb 21, 2019
ह ठीक है कि उनके जीते जी जमींदारी प्रथा का अंत नहीं हो सका। लेकिन यह उनके द्वारा ही प्रज्ज्वलित की गई ज्योति की लौ ही है जो आज भी बुझी नहीं है, और चौराहे पर खड़े किसान आंदोलन को मूक अभिप्रेरित कर रही है। यूं तो आजादी मिलने के साथ हीं जमींदारी प्रथा को कानून बनाकर खत्म कर दिया गया। लेकिन आज यदि स्वामीजी होते तो फिर लट्ठ उठाकर देसी हुक्मरानों के खिलाफ भी संघर्ष का ऐलान कर देते। दुर्भाग्यवश, किसान सभा भी है और उनके नाम पर अनेक संघ और संगठन भी सक्रिय हैं, लेकिन स्वामीजी जैसा निर्भीक नेता दूर-दूर तक नहीं दिखता। किसी सियासी मृगमरीचिका में भी नहीं। ....  लेख पढ़ें
जब करपात्री जी मिले अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम से अमिय पाण्डेय ,  Nov 19, 2018
बात करीब 1957 की है, बाबा जशपुर पैलेस मे थे,उन दिनो राजा साहब के गुरू स्वामी करपात्री जी भी महल मे ही प्रवास कर रहे थे, दरअसल राजा विजयभूषण जू देव का प्रथम दर्शन बाबा से अष्टभुजी( विँध्याचल) मे हुआ था,वहाँ पर किसी ने किशोर अवधूत की महिमा के बारे मे राजपरिवार को बताया थाl, फिलहाल इस घटना के पहले बाबा २-३ बार जशपुर पैलेस राजासाहब के अनुनय विनय पर जा चुके थे ....  लेख पढ़ें
मैलानी आश्रम अघोरियों के लिए शक्ति प्रतिष्ठित नीरज वर्मा ,  Nov 15, 2018
ये सब बहुत कुछ आपकी आंतरिक पवित्रता व अध्यात्मिक सामर्थ्य पर निर्भर है । ये स्थान आने वाले दिनों में क्रमशः एक महान शक्तिपीठ के रूप में स्थापित होने की संभावनाओं को दरकिनार नहीं करता है । और न ही आम जनमानस की लौकिक और आध्यात्मिक जगत की पारलौकिक लालसाओं की पूर्ति से इनकार करेगा । ....  लेख पढ़ें
रावण को शत शत नमन अमित मौर्या ,  Oct 18, 2018
रावण उत्तम कुल का था. वह वह पुलत्स्कर का नाती और विशेश्रवा का बेटा था. पुलत्स्कर ने विश्व संस्कृत को प्रथम रंगमंच दिया था और ग्रीक नाट्य साहित्य में उसका उल्लेख "पुलित्ज़र" के नाम से मिलता है. रावण ने अपनी बहन के आन के लिए अपना सबकुछ लुटा दिया और सीता को कभी भी अपने हरम में ले जाने के लिए कभी जबरजस्ती नही की वह ज्योतिष का प्रकांड विद्वान् था. उसकी लिखित "रावण संहिता" ज्योतिष विज्ञान की महान कृति है. रावण ने नृत्य और योग के मानक प्रस्तुत किये. प्रायः जो विद्वान् और पढ़े लिखे होते हैं वह कायर होते हैं और निर्णायक मौकों पर आर -पार की लड़ाई या युद्ध से बचते हैं पर रावण विद्वत्ता और साहस का अद्भुत संयोग था. वह महान विद्वान् और प्रतापी योद्धा था. वह रक्षसः आन्दोलन का प्रणेता था. इसीलिए उसे राक्षस कहा गया. हुआ यह कि उस समय इंद्र का राज्य था उसे लोग इंद्र इस लिए कहते थे क्यों कि वह इन्द्रीय हरकतें यानी कि वासना में लिप्त था . इंद्र एक आदिवासी /बनवासी ....  लेख पढ़ें
अमित मौर्य ,  Jul 31, 2018
धर्म सत्ता स्थापित करने का गैर राजनीति उपकरण जब -जब और जहां-जहां बना संस्कृत विकृति हो ही गयी ...संस्कृति छद्म और पाखण्ड से परे एक सात्विक परम्परा होती है ...वैदिक युग के बाद त्रेता में राम के नेतृत्व में धर्म और राजनीति का घाल मेल हुआ परिणाम सामने आया ...जर (आधिपत्य ), जोरू (पत्नी ) और जमीन के विवादों का वहिरुत्पाद "आध्यात्म " कहा जाने लगा ... ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः बाल्मीकि रामायण व रामचरित मानस में मूल अन्तर दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 16, 2017
बाल्मीकिजी राम के समकालीन थे। उन्हें कहीं- कहीं दशरथ के मंत्रियों के समूह में सम्मिलित होना भी बताया गया है। अतः वे सर्वश्रेष्ठ राजा के रूप में राम को सर्व सद्गुण-संपन्नता के साथ अधिष्ठापित करते हैं। किन्तु गोस्वामीजी का मुख्य उद्देश्य राम की ईश्वरता की ओर श्रोता का ध्यान आकृष्ट करना रहा है। बाल्मीकि के राम अनुकरणीयता की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ हैं । ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः तुलसीदास के राम ब्यक्ति नहीं ब्रह्म, पूज्य व आराध्य, ऐतिहासिक दृष्टि दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 15, 2017
दक्षिण तो दक्षिण, उत्तर में भी राम निर्विवाद नहीं हैं । यहाँ भी उन्हें एक ओर वर्ण-ब्यवस्था के आधार पर आलोचना का विषय बनाया जा रहा है। राम शुद्र बिरोधी और ब्राह्मणवादी हैं. कोई आश्चर्य नहीं होगा कि कुछ दिनों के बाद ब्राह्मणों को क्षत्रिय राम से विरत रहने की प्रेरणा दी जाय। श्रीराम को ब्राह्मण द्वेषी सिद्ध किया जाय ,क्योंकि उन्होंने महा विद्वान रावण का बध किया था। तब राम किसके पूज्य व आराध्य रह जायेंगे?यह सब ऐतिहासिक दृष्टि की देन है। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः श्री राम और श्री कृष्ण लीला उतनी सत्य जितना यह जगत दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 14, 2017
महाभारत के मुख्य नायक पांडव हैं और प्रतिद्वंद्वी उनके ही बन्धु कौरव हैं। दोनों राज्य के लिए संघर्ष करते हुए, करोड़ों ब्यक्तियों को कट जाने देते हैं। रामचरितमानस में बन्धुत्व के आदर्श राम और भरत हैं, जो एक दूसरे के लिए राज्य का परित्याग करने में संतोष का अनुभव करते हैं। स्वभावतः संघर्ष -प्रिय मानव मन, कौरवों-पांडवों के चरित्र को अपना आदर्श मान लेता है। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः निज अनुभव अब कहौं खगेसा, बिनु हरि भजन न जाहिं कलेसा दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 12, 2017
भक्ति में भगवान के दर्शन भी हो सकते हैं--यह भक्ति की विशेषता है, जबकि ज्ञान की परानिष्ठा होने पर भी भगवान के दर्शन नहीं होते। रामायण में भी भक्ति को मणि की तरह बताया है किन्तु ज्ञान को तो दीपक की तरह बताया है। दीपक को तो जलाने में घी, बत्ती आदि की जरूरत होती है और हवा लगने से वह बुझ भी जाता है, पर मणि को न तो घी, बत्ती की जरूरत है और न ही वह हवा से बुझती ही है ....  लेख पढ़ें
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