धर्म-अध्यात्म
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वाराणसी: धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाई गई अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी का जन्मोत्सव अमिय पाण्डेय ,  May 02, 2022
अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान,क्रीं कुण्ड' शिवाला-वाराणसी के व्यवस्थापक श्री अरुण सिंह की अध्यक्षता में हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी *दिनांक 01 मई,2022 रविवार को सम्पूर्ण संसार में अघोर-परंपरा के आचार्य, पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ ....  समाचार पढ़ें
सतर्क हो जाएं इन राशियों के लोग, ग्रहण लगाएगा सूर्य जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 21, 2022
साल का ये पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 की मध्यरात्रि 12:15 बजे से शुरू होकर सुबह 04:08 बजे तक रहेगा. यह ग्रहण मेष राशि में लग रहा है. साथ ही इस दिन मेष राशि में सूर्य, चंद्रमा और राहु की युति बनेगी. यह स्थिति 3 राशि वालों के लिए ठीक नहीं है. ग्रहण के नकारात्‍मक असर से बचने के लिए इन लोगों को कुछ उपाय कर लेना चाहिए. ....  समाचार पढ़ें
कुछ चीजें इतनी शुभ और पवित्र होती हैं कि उन्‍हें देखने भर से ही व्‍यक्ति को पुण्‍य मिलता? जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 19, 2022
गरुड़ महापुराण को 18 महापुराणों में से एक माना गया है. इसमें बताई गईं बातें केवल मृत्‍यु और उसके बाद आत्‍मा के सफर की ही नहीं हैं, बल्कि इसमें जीवन को बेहतर बनाने के तरीके भी बताए गए हैं. इसमें कुछ ऐसे कामों के बारे में बताया गया है, जिन्‍हें करने से व्‍यक्ति का मौजूदा जीवन भी खुशहाल होता है और उसे पुण्‍य लाभ भी मिलता है ....  समाचार पढ़ें
आज भी जीवित हैं भगवान शिव के ये 2 अवतार जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 08, 2022
धरती पर बुराइयों का नाश करने के लिए, धर्म की स्‍थापना करने के लिए भगवान अवतार लेते हैं. भगवान विष्‍णु ने और भगवान शिव ने भी कई अवतार लिए हैं. शास्‍त्रों में भगवान शिव और भगवान विष्‍णु के कलियुग के अवतारों का भी वर्णन है. भगवान विष्‍णु कलियुग में कल्कि रूप में अवतार लेंगे. जबकि भोलेनाथ के 2 अवतार तो आज भी इस धरती पर मौजूद हैं. ....  समाचार पढ़ें
विजया एकादशी की तिथि जानें 26 या 27 कब रखा जाएगा व्रत? जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 23, 2022
हिंदू धार्मिक मान्यताओं में एकादशी व्रत को बेहद खास और अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है. एकादशी का संबंध भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण से है. फाल्गुन कृष्ण की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है. इस बार विजया एकादशी का व्रत 27 फरवरी को रखा जाएगा. जानते हैं विजया एकादशी के दिन बनने वाले शुभ योग और शुभ मुहूर्त के बारे में. ....  समाचार पढ़ें
संतान प्राप्ति के लिए रामबाण है शिव पुराण का पाठ जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 19, 2022
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की विशेष आराधना की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शिवजी का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था. साल 2022 में महाशिवरात्रि 1 मार्च, मंगलवार के दिन पड़ रही है. इस बार महाशिवरात्रि पर खास संयोग बन रहा है. इस दिन भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी होती है. साथ ही इन दिन अगर शिव पुराण का पाठ किया जाए तो भोलेनाथ अत्यधिक प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि इस दिन शिव पुराण का पाठ करने से संतान प्राप्ति की कामना पूरी होती है. ऐसे में जानते हैं कि शिव पुराण के पाठ में किस प्रकार की सावधानियां बरतनी चाहिए. साथ ही इस बार महाशिवरात्रि पर कौन-कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं. ....  समाचार पढ़ें
घर से ही सभी भक्तों ने मनाया अघोरेश्वर सिद्धार्थ गौतम राम का अभिषेक दिवस, इसी दिन मनता संस्थान का स्थापना दिवस अमिय पाण्डेय ,  Feb 11, 2022
आपसे अपने संस्था की तरफ़ से आप सभी से अपील करता हूं....इस बात के लिए कि आप धैर्य न खोएं ! धैर्य अगर खो देंगें तो आप बहती नदी के सामान हो जायेंगें और आप का कुछ पता भी नहीं चलेगा ....  समाचार पढ़ें
श्री सिद्धार्थ गौतम राम जी का अभिषेक दिवस एवं संस्थान का स्थापना दिवस इस वर्ष भी नहीं मनेगा अमिय पाण्डेय ,  Feb 09, 2022
विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 10 फरवरी 2022 को परम् पूज्य ब्रम्हलीन श्री राजेश्वर राम जी (बुढ़ऊ बाबा) का महानिर्वाण दिवस एवं परम् पूज्य पीठाधीश्वर अघोराचार्य महाराज श्री सिद्धार्थ ....  समाचार पढ़ें
इन 5 राशियों को नहीं पहनना चाहिए मोती जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 08, 2022
नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मोती का संबंध चंद्रमा से है. चंद्रमा मन का कारक ग्रह है. मानसिक समस्याएं चंद्र ग्रह के खराब होने से आती है. यही कारण है कि चंद्र ग्रह को मजबूत करने के लिए मोती धारण करने की सलाह दी जाती है. कुंडली के लग्न में जो ग्रह होते हैं, उसके मुताबिक मोती पहनना फायदेमंद होता है. लेकिन ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुछ राशियों को मोती नहीं पहनना चाहिए. आइए जानते हैं इस बारे में. ....  समाचार पढ़ें
नए साल में शनि-राहु और केतु इन 5 राशि वालों को करेंगे परेशान जनता जनार्दन संवाददाता ,  Dec 31, 2021
नए साल में शनि का गोचर कन्या राशि की कुंडली में छठे भाव में होने वाला है. जिसके सेहत से संबंधी कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. साथ ही शनि गोचर के दौरान सेहत में उतार-चढ़ाव बनी रहेगी. इसके अलावा कीडनी और लीवर के रोग परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही पीठ दर्द की समस्या भी परेशान करेंगी. ....  समाचार पढ़ें
अपने घर पर ही रहकर मनायें गुरू पूर्णिमा का पर्व: सिद्धार्थ गौतम राम जी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 14, 2020
अपने घर पर ही रहकर मनायें गुरू पूर्णिमा का पर्व: सिद्धार्थ गौतम राम जी वाराणसी: देश भले ही अनलॉक हो गया है। लेकिन इस वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का खतरा बना हुआ है । ऐसी स्थिति मे अपने भक्तों को संक्रमण से दूर रखने के लिए विश्व विख्यात अघोरपीठ औघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान क्रीकुण्ड शिवाला के पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी ने कहा कि आप सभी से विनम्र निवेदन है कि कोरोना वैश्विक महामारी कोविड19 के प्रकोप के कारण सम्पूर्ण मानव जाति के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। ....  लेख पढ़ें
स्वामी सहजानन्द सरस्वती: जिनके जीवन गाथा में निहित है जगत सन्देश गोपाल जी राय ,  Feb 21, 2019
ह ठीक है कि उनके जीते जी जमींदारी प्रथा का अंत नहीं हो सका। लेकिन यह उनके द्वारा ही प्रज्ज्वलित की गई ज्योति की लौ ही है जो आज भी बुझी नहीं है, और चौराहे पर खड़े किसान आंदोलन को मूक अभिप्रेरित कर रही है। यूं तो आजादी मिलने के साथ हीं जमींदारी प्रथा को कानून बनाकर खत्म कर दिया गया। लेकिन आज यदि स्वामीजी होते तो फिर लट्ठ उठाकर देसी हुक्मरानों के खिलाफ भी संघर्ष का ऐलान कर देते। दुर्भाग्यवश, किसान सभा भी है और उनके नाम पर अनेक संघ और संगठन भी सक्रिय हैं, लेकिन स्वामीजी जैसा निर्भीक नेता दूर-दूर तक नहीं दिखता। किसी सियासी मृगमरीचिका में भी नहीं। ....  लेख पढ़ें
जब करपात्री जी मिले अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम से अमिय पाण्डेय ,  Nov 19, 2018
बात करीब 1957 की है, बाबा जशपुर पैलेस मे थे,उन दिनो राजा साहब के गुरू स्वामी करपात्री जी भी महल मे ही प्रवास कर रहे थे, दरअसल राजा विजयभूषण जू देव का प्रथम दर्शन बाबा से अष्टभुजी( विँध्याचल) मे हुआ था,वहाँ पर किसी ने किशोर अवधूत की महिमा के बारे मे राजपरिवार को बताया थाl, फिलहाल इस घटना के पहले बाबा २-३ बार जशपुर पैलेस राजासाहब के अनुनय विनय पर जा चुके थे ....  लेख पढ़ें
मैलानी आश्रम अघोरियों के लिए शक्ति प्रतिष्ठित नीरज वर्मा ,  Nov 15, 2018
ये सब बहुत कुछ आपकी आंतरिक पवित्रता व अध्यात्मिक सामर्थ्य पर निर्भर है । ये स्थान आने वाले दिनों में क्रमशः एक महान शक्तिपीठ के रूप में स्थापित होने की संभावनाओं को दरकिनार नहीं करता है । और न ही आम जनमानस की लौकिक और आध्यात्मिक जगत की पारलौकिक लालसाओं की पूर्ति से इनकार करेगा । ....  लेख पढ़ें
रावण को शत शत नमन अमित मौर्या ,  Oct 18, 2018
रावण उत्तम कुल का था. वह वह पुलत्स्कर का नाती और विशेश्रवा का बेटा था. पुलत्स्कर ने विश्व संस्कृत को प्रथम रंगमंच दिया था और ग्रीक नाट्य साहित्य में उसका उल्लेख "पुलित्ज़र" के नाम से मिलता है. रावण ने अपनी बहन के आन के लिए अपना सबकुछ लुटा दिया और सीता को कभी भी अपने हरम में ले जाने के लिए कभी जबरजस्ती नही की वह ज्योतिष का प्रकांड विद्वान् था. उसकी लिखित "रावण संहिता" ज्योतिष विज्ञान की महान कृति है. रावण ने नृत्य और योग के मानक प्रस्तुत किये. प्रायः जो विद्वान् और पढ़े लिखे होते हैं वह कायर होते हैं और निर्णायक मौकों पर आर -पार की लड़ाई या युद्ध से बचते हैं पर रावण विद्वत्ता और साहस का अद्भुत संयोग था. वह महान विद्वान् और प्रतापी योद्धा था. वह रक्षसः आन्दोलन का प्रणेता था. इसीलिए उसे राक्षस कहा गया. हुआ यह कि उस समय इंद्र का राज्य था उसे लोग इंद्र इस लिए कहते थे क्यों कि वह इन्द्रीय हरकतें यानी कि वासना में लिप्त था . इंद्र एक आदिवासी /बनवासी ....  लेख पढ़ें
अमित मौर्य ,  Jul 31, 2018
धर्म सत्ता स्थापित करने का गैर राजनीति उपकरण जब -जब और जहां-जहां बना संस्कृत विकृति हो ही गयी ...संस्कृति छद्म और पाखण्ड से परे एक सात्विक परम्परा होती है ...वैदिक युग के बाद त्रेता में राम के नेतृत्व में धर्म और राजनीति का घाल मेल हुआ परिणाम सामने आया ...जर (आधिपत्य ), जोरू (पत्नी ) और जमीन के विवादों का वहिरुत्पाद "आध्यात्म " कहा जाने लगा ... ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः बाल्मीकि रामायण व रामचरित मानस में मूल अन्तर दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 16, 2017
बाल्मीकिजी राम के समकालीन थे। उन्हें कहीं- कहीं दशरथ के मंत्रियों के समूह में सम्मिलित होना भी बताया गया है। अतः वे सर्वश्रेष्ठ राजा के रूप में राम को सर्व सद्गुण-संपन्नता के साथ अधिष्ठापित करते हैं। किन्तु गोस्वामीजी का मुख्य उद्देश्य राम की ईश्वरता की ओर श्रोता का ध्यान आकृष्ट करना रहा है। बाल्मीकि के राम अनुकरणीयता की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ हैं । ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः तुलसीदास के राम ब्यक्ति नहीं ब्रह्म, पूज्य व आराध्य, ऐतिहासिक दृष्टि दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 15, 2017
दक्षिण तो दक्षिण, उत्तर में भी राम निर्विवाद नहीं हैं । यहाँ भी उन्हें एक ओर वर्ण-ब्यवस्था के आधार पर आलोचना का विषय बनाया जा रहा है। राम शुद्र बिरोधी और ब्राह्मणवादी हैं. कोई आश्चर्य नहीं होगा कि कुछ दिनों के बाद ब्राह्मणों को क्षत्रिय राम से विरत रहने की प्रेरणा दी जाय। श्रीराम को ब्राह्मण द्वेषी सिद्ध किया जाय ,क्योंकि उन्होंने महा विद्वान रावण का बध किया था। तब राम किसके पूज्य व आराध्य रह जायेंगे?यह सब ऐतिहासिक दृष्टि की देन है। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः श्री राम और श्री कृष्ण लीला उतनी सत्य जितना यह जगत दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 14, 2017
महाभारत के मुख्य नायक पांडव हैं और प्रतिद्वंद्वी उनके ही बन्धु कौरव हैं। दोनों राज्य के लिए संघर्ष करते हुए, करोड़ों ब्यक्तियों को कट जाने देते हैं। रामचरितमानस में बन्धुत्व के आदर्श राम और भरत हैं, जो एक दूसरे के लिए राज्य का परित्याग करने में संतोष का अनुभव करते हैं। स्वभावतः संघर्ष -प्रिय मानव मन, कौरवों-पांडवों के चरित्र को अपना आदर्श मान लेता है। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः निज अनुभव अब कहौं खगेसा, बिनु हरि भजन न जाहिं कलेसा दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 12, 2017
भक्ति में भगवान के दर्शन भी हो सकते हैं--यह भक्ति की विशेषता है, जबकि ज्ञान की परानिष्ठा होने पर भी भगवान के दर्शन नहीं होते। रामायण में भी भक्ति को मणि की तरह बताया है किन्तु ज्ञान को तो दीपक की तरह बताया है। दीपक को तो जलाने में घी, बत्ती आदि की जरूरत होती है और हवा लगने से वह बुझ भी जाता है, पर मणि को न तो घी, बत्ती की जरूरत है और न ही वह हवा से बुझती ही है ....  लेख पढ़ें
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