Saturday, 29 February 2020  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

नवाज शरीफ और बेटी मरियम लाहौर हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार, पासपोर्ट भी जब्त

नवाज शरीफ और बेटी मरियम लाहौर हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार, पासपोर्ट भी जब्त लाहौर: भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी करार दिये जाने के एक हफ्ते बाद शुक्रवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ गिरफ्तारी का सामना करने के लिए अपनी बेटी मरियम के साथ स्वदेश लौट आए. अबु धाबी से लाहौर पहुंचे नवाज शरीफ को हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. अबूधाबी से उनके साथ बेटी मरियम भी लाहौर पहुंची.

दोनों के पासपोर्ट लेने के बाद एनएबी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और विशेष विमान से इस्लामाबाद ले जाया गया. नवाज शरीफ को 10 साल और उनकी बेटी को 7 साल की सज़ा हुई है. नवाज शरीफ की मां एयरपोर्ट पर उनसे मिलने के लिये पहुंची थीं लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. पाक मीडिया की मानें तो पूरे मामले को ध्यान में रखते हुए पंजाब सूबे में इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है.

शरीफ और मरियम को लेकर आ रहा विमान भारतीय समयानुसार रात करीब सवा नौ बजे लाहौर के अल्लामा इकबाल हवाई अड्डे पर पहुंचा. विमान अपने निर्धारित समय से करीब तीन घंटे देर से आया. एतिहाद एयरवेज की उड़ान ईवाई-243 अबू धाबी से लाहौर पहुंची. यहां आने से पहले शरीफ और उनकी बेटी लंदन से संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी पहुंचे थे. शरीफ की पत्नी कुलसुम लंदन के अस्पताल में जिदंगी मौत की जंग लड़ रही हैं. पाकिस्तान के भ्रष्टाचार निरोधक निकाय के अधिकारी, शरीफ और उनकी बेटी को हिरासत में लेने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे.

दोनों को छह जुलाई को लंदन में चार आलीशान फ्लैटों की मिल्कियत से जुड़े एवेनफील्ड संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था. शरीफ (68) और उनकी बेटी मरियम (44) को एक जवाबदेही अदालत ने क्रमश: दस और सात साल की कैद की सजा सुनायी है. राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) और कार्यवाहक सरकार ने घोषणा की थी कि हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा.

इससे पहले पाकिस्‍तान आने के क्रम अबु धाबी पहुंचे नवाज शरीफ ने मीडिया से बात की. अबू धाबी में हमारी संवाददाता मुनीजे जहांगीर उनके साथ थीं. नवाज़ शरीफ ने पाकिस्तान आते वक्त विमान में ही कहा, "मैं अपनी पत्नी को बेहोशी की हालत में छोड़कर आया हूं... ज़ाहिर है, मैं एक उद्देश्य लेकर पाकिस्तान लौट रहा हूं, जनता मेरा उद्देश्य जानती है... प्रेस को भी एक स्टैंड लेना चाहिए... मैं किन्हीं भी हालात के लिए तैयार हूं... मुझे लाहौर में गिरफ्तार किया जा सकता है, या यहीं गिरफ्तार किया जा सकता है..."

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम गिरफ्तार किए जा चुके हैं. उन्हें रावलपिंडी स्थित आदियाला जेल में रखा गया है. देश के इस प्रभावशाली परिवार को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामलों में से एक में दोषी करार दिया गया है. पाकिस्तान में आम चुनाव होने में कुछ ही सप्ताह का समय बचा है और सवाल है कि अब इस मामले में आगे क्या होगा?

क्या नवाज शरीफ को जमानत मिल पाएगी? बहरहाल, पाकिस्तान के कानूनी मामलों के जानकारों के मुताबिक नवाज शरीफ इस्लामाबाद में राष्ट्रीय जवादेही ब्यूरो के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे. सुरक्षा कारणों को देखते हुए इस मामले पर सुनवाई जेल के भीतर हो सकती है.

मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि नवाज शरीफ के वकील ख्वाजा हरीफ जवाबदेही कोर्ट के फैसले के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे जिस पर उच्च न्यायालय फैसला करेगा कि अपील स्वीकार्य है या नहीं. यदि अपील स्वीकार की जाती है तो नवाज जमानत के लिए अपील दायर करेंगे. अगर जमानत नहीं मिलती है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रखा जाएगा.

नवाज और मरियम शरीफ को यह अधिकार है कि वह राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो अध्यादेख की धारा  32 के तहत हाईकोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं. पाकिस्तान में आम तौर पर अगर भ्रष्टाचार मामलों के दोषी सरेंडर नहीं करते हैं तो उनसे अपील करने का अधिकार छिन जाता है. दोषियों को किसी भी तरह की सुरक्षा अथवा सहूलियत तभी मुहैया कराई जाती जब वे निर्धारित तरीके से आत्म समर्पण करते हैं.

इस मामले में नवाज शरीफ और मरियम शरीफ को राहत मिल पाएगी? यह हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है जहां उच्च कोर्ट को यह जांच करनी होगी कि जवाबदेबी ब्यूरो के फैसले में कितना दम है. अगर फैसले में कोई खामी पाई जाती है तो इसके आधार पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट के सजा के फैसले को पलट सकता है.

गौरतलब है कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शरीफ दोनों को गत 6 जुलाई को लंदन में चार आलीशान फ्लैटों की मिल्कियत से जुड़े एवेनफील्ड संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था. शरीफ (68) और उनकी बेटी मरियम (44) को एक जवाबदेही अदालत ने क्रमश: दस और सात साल की कैद की सजा सुनायी है. शरीफ का परिवार जवाबदेही अदालत में भ्रष्टाचार के दो और मामलों अल अजीजिया स्टील मिल्स और फ्लैगशिप इंवेस्टमेंट्स का सामना कर रहा है. इसमें उन पर मनिलॉन्ड्रिंग, कर चोरी और विदेशों में सम्पत्ति छुपाने का आरोप है.
अन्य पास-पड़ोस लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack