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मुगलसराय के स्थान पर नाम बदलने को लेकर हल्ला बोल,चर्चाओं का बाजार गर्म

मुगलसराय के स्थान पर नाम बदलने को लेकर हल्ला बोल,चर्चाओं का बाजार गर्म

चंदौली: (अमिय पांडेय की रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने जैसे ही एशिया में शुमार मुगलसराय जंक्शन को दीनदयाल नगर जंक्शन का प्रस्ताव पास किया ठीक दूसरे दिन अन्य राजनीतिक दलों ने इसका पुरज़ोर विरोध प्रदर्शन करना चालू कर दिया.

कांग्रेसी मुगलसराय की सड़कों पर उतरे इसके बाद जो हुआ सो आप सभी को पता है कांग्रेसी नेता रामजी गुप्ता और पुलिस के बीच की कहासुनी की वीडियो वायरल हुयी और आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ,दरअसल बात इतना था कि कांग्रेस दल यह चाहती कि यह शास्त्री जी के नाम पर जंक्शन और नगर हो या तो जिले के विकास पुरूष कहे जाने वाले पंडित कमलापति त्रिपाठी का नाम ही रखा जाए.

जिससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता हो हल्ला किए नतीजा पुलिस आयी और पुतला दहन करने से रोक दी जिससे कांग्रेस के कार्यकर्ता और पुलिस के बीच हल्की कहासुनी हुई.पुलिस ने यूपी सरकार का पुतला दहन करने से काँग्रेशियो को रोक लिया.

मीडिया ने जब विरोध प्रदर्शन का कारण पूछा तो जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओ का कहना था कि यह देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्मस्थली है,और योगी कैबिनेट को शास्त्री जी के नाम पर रखा जाना चाहिए था,अगर उनके नाम से कोई दिक्कत थी तो विकाश पुरुष पंडित कमलापति त्रिपाठी के नाम से रखा जाना चाहिए था.

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी से संघ परिवार के अलावा अन्य लोग अनभिज्ञ है,योगी सरकार जनता के उपर थोप रही है जबर्दस्ती का नाम लाया गया है,चंदौली जिले के कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे शर्मनाम बताया.

भाजपा की ओर से चंदौली सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने 2 वर्ष पूर्व ही पंडित जी के नाम पर प्रस्ताव बनाकर केंद्र और राज्य सरकार को भेजा था,तब केंद्र में भाजपा की सरकार और यूपी में सपा की सरकार थी जिस कारण सपा ने ठंडे बस्ते में इसको डाल दिया था.

और अब जब केंद्र और राज्य सरकार भाजपा की है तो प्रस्ताव पास हुआ जिसका सम्मान करते है हमारे चंदौली के सांसद और केंद्रीय राज्य मानव संसाधन विकास मंत्री महेंद्रनाथ पाण्डेय,श्री पांडेय ने कहा कि यह एक सच्ची श्रद्धांजलि है और कैबिनेट ने जो फैसला लिया है बिल्कुल सही लिया है.

लेकिन नाम बदलने को लेकर गली चौराहो सड़को पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है किसी ने तो यहाँ तक बोल दिया कि मोदी जी देश मे जो चाह रहे वही हो रहा है.हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि पहचान खत्म हो जाएंगी मुगलसराय की नए नाम के कारण लोगो को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

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