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एयर इंडिया-सांसद विवादः लोकसभा में भिड़े मंत्री, राजनाथ ने कहा विमानन मंत्री बातचीत से निकालेंगे हल

एयर इंडिया-सांसद विवादः लोकसभा में भिड़े मंत्री, राजनाथ ने कहा विमानन मंत्री बातचीत से निकालेंगे हल नई दिल्ली: शिवसेना सांसद रविंद्र गायकवाड़ मसले पर गुरुवार को संसद में एनडीए सरकार को दो वरिष्ठ मंत्री आपस में भिड़ गए. एयर इंडिया के अधिकारी के साथ मारपीट करने के आरोप में घिरे शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ ने गुरुवार को संसद में अपना पक्ष रखा.

पक्ष रखने के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री गजपति राजू के बयान पर शिवसेना सांसद उत्तेजित हो गए और मंत्री को उनके स्थान पर घेर लिया. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मंत्री एस एस अहलूवालिया को बीच-बचाव तक करना पड़ा.

दरअसल नागरिक उड्डयन मंत्री ने अपने बयान में गायकवाड़ के मामले पर कानून को अपना काम करने देने का बयान दिया था. विमानन मंत्री ने इस पर कहा कि इस प्रतिबंध में सरकार का कोई भी हस्तक्षेप नहीं है, बल्कि कानून अपना काम कर रहा है.

इसपर शिवसेना कोटे से केंद्र में भारी उद्योग मंत्री और सांसद अनंत गीते ने इसका विरोध किया. गीते ने राजू के बयान पर उनके पास जाकर विरोध जताना शुरू कर दिया. इस दौरान राजू चुपचाप बैठे रहे.

उधर शिवसेना के सांसद भी वेल में विरोध जता रहे थे. गीते को राजू के पास पहुंचा देख शिवसेना के सांसद भी वहां पहुंच गए. गीते काफी गुस्से में दिखाई दे रहे थे. इस बीच केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और अहलूवालिया ने गीते को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे.

फिर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने करीब 5 मिनट तक गीते से बात की और उन्हें समझाया. इस बीच अहलूवालिया और सिन्हा रास्ता बनाकर गीते को सदन के बाहर ले गए.

शिवसेना सांसदों ने धमकी दी है कि अगर गायकवाड़ मसला नहीं सुलझा तो वह कल से मुंबई से हवाई उड़ानें रोक देंगे. हालात की गंभीरता देख स्पीकर को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी और सदन के बाहर नेताओं की एक बैठक करके मामले को शांत करवाया.
 
दरअसल रवींद्र गायकवाड़ ने सदन में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि बिना जांच के ही उन्हें दोषी ठहराया दिया गया और उन पर प्रतिबंध लगा दिए गए. बिना जांच के ही उनका मीडिया ट्रायल हुआ है. उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए, फिर जाकर कोई कदम उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके साथ हुए दुर्व्यवहार के कारण उन्हें गुस्सा आ गया था, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया.

गायकवाड़ की सफाई पर विमानन मंत्री ने कहा कि इस पूरी कार्यवाई में सरकार का कोई भी रोल नहीं है. कानून अपना काम कर रहा है. साथ ही उन्होंने यह कहा कि विमानों में सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जा सकता. उनके यह कहते ही शिवसेना सांसद भड़क गए और सदन में हंगामा करने लगे.

इस बीच राजनाथ सिंह ने सदन में बयान दिया है कि दोनों केंद्रीय मंत्रियों में बात हो गई है और इस मसले को आपसी रजामंदी से सुलझा लिया जाएगा.

इससे पहले एयर इंडिया के कर्मचारी को चप्पल मारने वाले आरोपी शिवसेना के सांसद रविंद्र गायकवाड़ गुरुवार को संसद में पेश हुए. लोकसभा में सांसद रविन्द्र गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि बिना जांच के मीडिया ट्रायल हो रहा है और उन्होंने किसी भी अधिकारी को नहीं मारा है.

संसद में रविन्द्र गायकवाड़ ने अपनी पूरी कहानी बड़े ही नाटकीय अंदाज में रखी. की 23 मार्च की पूरी कहानी, उन्हीं की जुबानी

लोकसभा अध्यक्ष मेरे साथ जो अन्याय हो रहा है उस पर मुझे संसद में बोलने का मौका दिया इसका मैं धन्यवाद देता हूं. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष महोदय मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं और आप हमारी संरक्षक हैं. इतना ही नहीं आप तो मेरी मां जैसी हैं. मैंने क्या गुनाह किया या मेरा क्या अपराध है जो उसकी जांच किए बिना मीडिया ट्रायल शुरू है. 23 मार्च 2017 को पुणे से दिल्ली मैं एयर इंडिया की फ्लाइट से अधिवेशन के लिए आ रहा था.

गायकवाड़ ने कहा कि मेरा बिजनेस क्लास टिकट थी लेकिन मुझे इकनॉमी क्लास में बैठाया गया. यह झगड़ा भी उसका नहीं है. मेरा टिकट नंबर वन एफ था मेरे टिकट विक्‍लांग सीनियर सिटीजन को दिया गया और उनकी जगह टू एफ का टिकट मुझे दिया गया. लेकिन एयर इंडिया ने विवाद उठाया कि मैंने सीट को लेकर झगड़ा किया. मैं इकोनॉमी क्लास से दिल्ली पहुंचा।. यहां मैंने क्रू से शिकायत पुस्तक मांगी लेकिन उन्होंने कहा कि यहां शिकायत पुस्तक नहीं है और मेरी शिकायत लिखकर ले ली.

इसके बाद अफसर आया तो उसने पूछा आप कौन हो, तो मैंने कहा आप कौन हो, सीएमडी हो आपकी ड्रेस से तो लग रहा है कि आप बैग उठाने वाले हो तो उसने कहा हां. उसके बाद दूसरा ऑफिसर आया और उसके बाद तीसरा ऑफिसर आया. इससे काफी देर हुई.

मैंने उनसे विनती की आप मुझे अपना नंबर दो तो अगर आपका फोन बजा तो मैं बाद में आप से बात कर लूंगा. इसके चलते वहां पर 45 मिनट लग गए. इसके बाद वहां पर एक अफसर आया. मैंने उस अफसर से कहा कि आप शांति से बात करो लेकिन उन्होंने चीखना चिल्लाना बंद नहीं किया.

मैंने पूछा कि आप कौन हो तो उसने पूछा कि आप कौन हो. मैंने कहा कि मैं एमपी हूं तो उन्होंने कहा कि मैं एयर इंडिया का बाप हूं. मैंने कहा मैं एमपी हूं तो उसने कहा कि तो एमपी हुआ तो क्या हुआ तू नरेंद्र मोदी है क्या. ये बोलकर उन्होंने मेरा कॉलर पकड़कर मुझे ढकेलने की कोशिश की. इस दुर्व्यवहार और अपमानित करने वाले व्यवहार से मुझे गुस्सा आया तो मैंने भी उसे धक्का दिया.

इसके बाद संसद और सांसदों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और गाली गलौच किया गया. इसकी वीडियो क्लीपिंग मेरे पास है, जो मैं आपके समक्ष रखूंगा. यह सच्चाई है और एयर इंडिया की एयर होस्टेज ने भी दो दिन बाद ये बयान दिया. मीडिया के सामने एयर होस्टेज ने कहा कि अधिकारी के दुर्व्यवहार के चलते यह सारी घटना हुई और इससे ज्यादा और क्या सबूत हो सकता है.

शिवसेना ने कहा कि आज सभी गुनाहगार बाहर घुम रहे हैं और मुझ पर एयर इंडिया ने ही नहीं सभी एयरलाइंस ने बैन लगा दिया है. मेरे संविधान के अधिकार का हनन हो रहा है और अध्यक्ष आप हमारी सरंक्षक है और आप हमारी रक्षा करें. इस मौके पर उन्होंने संसद से माफी मांगी लेकिन एयर इंडिया के अधिकारी से नहीं.

लोकसभा अध्यक्ष मुझ पर आईपीसी की धारा 308 लगाई गई है. हत्या का प्रयास क्या मेरे पास हथियार था, क्या उसका मेडिकल हुआ, क्या मामले की जांच हुई तो फिर किस बिनाह पर यह धारा मुझ पर लगाई गई.

उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया वह मेरे हितों की रक्षा करें और उनकी हवाई यात्रा पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए.
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