संगठन समाज के लिये काम करें:मुनि श्री अतिवीर

प्रदीप जैन , Jul 23, 2019, 12:20 pm IST
Keywords: Jain Society   Jain Society oath   Jain Delhi   Delhi News   जैन समाज   शपथ ग्रहण समारोह   जैन समाज का शपथ ग्रहण  
फ़ॉन्ट साइज :
 संगठन समाज के लिये काम करें:मुनि श्री अतिवीर
दिल्ली: संगठन का उद्देश्य समाज में जागृति पैदा करके उसकी प्रगति और विकास होना चाहिये न कि केवल नाम व पद लेने के लिये यह उदगार जैन मुनि एलाचार्य श्री अतिवीर सागर जी ने आज यहां यमुनापार दिगम्बर जैन समाज की नवगठित कार्यकारिणी के सपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर व्यक्त किये ।
 
निर्माण विहार जैन मंदिर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि आज संगठन का उद्देश्य केवल नाम और पद के लिये रह गया है रोज नए संगठन बनते हैं लेकिन कोई भी समाज के लिये सकारात्मक पहल व जागृति के लिये गम्भीरता सोचता पहले दिन तो सभी बडी़ बडी़ बातें करते हैं लेकिन अगले ही दिन यह भूल जाते हैं कि समाज के प्रति भी उनकी कोई जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर भी अफसोस व्यक्त किया कि हमारे यहां किसी संगठन व संस्था में कोई व्यक्ति यदि एक बार पदाधिकारी बन जाता है तो वह लम्बे समय तक अपना पद नहीं छोड़ता तथा उसे अपनी बपौति या जेबी संस्था व संगठन समझने लगता है । हमें समय समय पर संगठन व संस्था के चुनाव करवा कर नये व्यक्तियों को आगे आने का मौका देना चाहिये जिससे समाज व संगठन का समुचित विकास हो सके।
 
 मुनि श्री अतिवीर जी ने नवगठित कार्यकारिणी को आशिर्वाद देते हुए आह्वान किया कि नवगठित कार्यकारिणी पहले एक वर्ष का लक्ष्य एवं टास्क तय करके संकल्प ले कि यदि वे एक वर्ष में तय लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाए तो अगले वर्ष अपने पदों से इस्तिफा दे कर नये व्यक्तियों को आगे आने का मौका देंगे। 
 
इस अवसर पर नवगठित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई गई   जिसमें अध्यक्ष महेश जैन- कृष्णा नगर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनिल कुमार जैन -प्रीत विहार, उपाध्यक्ष  बच्ची लाल जैन,महामंत्री सुनील जैन- शिवम् एन्क्लेव,कोषाध्यक्ष प्रवीण जैन, मंत्री राकेश जैन,प्रचार मंत्री विजेन्द्र जैन एवं सदस्यों में भूपेंद्र जैन,विमल प्रसाद जैन, राजेंद्र जैन, संजय जैन, पवन जैन, सुमेर चंद जैन, महावीर जैन, मनीष जैन, लवकेश जैन, वरुण जैन, देवेंद्र जैन निपुण जैन एवं विकास जैन सहित 21 सदस्यों की कार्यकारिणी को शपथ दिलाई गई ।
 
इन चुनावों में विशेष खासियत यह रही कि पूर्व पदासीन कार्यकारिणी एवं जैन समाज के ही कुछ नेताओं ने चुनाव रोकने के लिये हरसंभव कोशिश की यहां  तक कि इन चुनावों को असंवैधानिक घौषित करते हुए कुछ लोगों पर अनर्गल आरोप भी लगाए। इससे मुनि श्री की वह बात भी सिद्ध हो गई कि पदों पर आसीन लोग अपना पद का मोह नहीं छोड़ना चाहते। लेकिन अंत में विजय सत्य की ही हुई और चुनाव अधिकारी सेवानिवर्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सी. के. चतुर्वेदी की देखरेख एवं निर्देशन में यह चुनाव संवैधानिक व निष्पक्ष रुप से संपन्न हुए तथा कुछ लोगों के निर्रथक विरोध के बावजूद समग्र समाज के समर्थन से सम्पूर्ण कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित हुई।
 
इस अवसर पर जैन समाज के वरिष्ठ नेता स्वदेश भूषण जैन, मणिन्द्र जैन, सतीश जैन ,चक्रैश जैन एवं सुनील जैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।
अन्य दिल्ली, मेरा दिल लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack