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देश में कुछ भी बोलने से लगता है डरः करण जौहर

देश में कुछ भी बोलने से लगता है डरः करण जौहर नई दिल्ली: फिल्ममेकर करण जौहर ने जयपुर में लिटरेचर फेस्टिवल में कुछ ऐसा कह डाला है जिस पर बवाल मच गया है। बॉलीवुड के इस मशहूर फिल्ममेकर ने कहा कि इस देश में अपने मन की बात कहने में डर लगता है और हर समय कानूनी नोटिस का डर बना रहता है।

करण जौहर ने कहा, हम ऐसे देश में हैं जहां अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में हम खुलकर नहीं बोल सकते हैं। मुझे इस बात से बहुत दुख होता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र देश में दो सबसे बड़े मजाक बन चुके हैं। आप इन दोनों बातों को किस तरह से परिभाषित करेंगे?

मैं फिल्ममेकर हूं और मुझे कुछ भी करने से पहले सोचना पड़ता है। मैं कहां पर क्या कह रहा हूं और उसके बाद मुझे किस बात के लिए कानूनी नोटिस भेज दिया जाए, पता ही नहीं चलता है।

मैं एफआईआर किंग बन चुका हूं। मैंने अभी दो दिन पहले ही नेशनल एंथम केस जीता है। 14 साल पहले अपनी फिल्म में नेशनल एंथम शामिल करने के लिए अब मुझे माफी नहीं मांगनी पड़ेगी।

गौरतलब है कि करण जौहर की फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' में 'जन गण मन...' को शामिल किया गया था। इसको लेकर उनकी बहुत आलोचना भी हुई थी। करण ने इस बारे में कहा, 'मैंने फिल्म में बहुत भावुक और गर्व के साथ नेशनल एंथम शामिल किया गया था।

करण जौहर के इस मुद्दे पर सियासत गर्म होना लाजमी था। बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'देश में जब भी चुनाव आने वाले होते हैं इस तरह के बयान आना शुरू हो जाते हैं। मैं करण जौहर के बयान पर कुछ नहीं कहूंगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि देश में पूरी तरह से सहिष्णुता है।
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