मौका मिले तो चूकिए मत

जनता जनार्दन संवाददाता , Apr 30, 2011, 11:13 am IST
Keywords: If you get chance   अवसर मिले   dont let it slip   भुनाने को तत्पर रहें   Life   जिंदगी  
फ़ॉन्ट साइज :
मौका मिले तो चूकिए मत नई दिल्ली: जिंदगी में सफलता का राज यही है कि जब भी अवसर मिले तो उसे भुनाने को तत्पर रहें। बस यह विश्वास रखिए कि अगर आपमें दम है तो किसी भी हालात में कम या ज्यादा परिणाम आपको मिलेगा, लेकिन बाहरी ताकतें उसमें आपको प्रभावित नहीं करेंगी।

देखा गया है कि गुरुओं ने अपने लक्ष्य के मुताबिक परिणाम के लिए उसमें अपनी दिलचस्पी दिखाई है। अगर आप द्रोणाचार्य के कार्यप्रदर्शन की समीक्षा करेंगे तो क्या आपको ऐसा नहीं लगेगा कि 'एकलव्य' की क्षमता द्रोणाचार्य से भी कहीं बढ़कर हो जाती। मैं इससे ज्यादा नहीं कहना चाहूंगा, ताकि कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा मिले और वे इस किताब पर प्रतिबंध लगाना चाहें।

इसे यद्यपि बुरा माना जाता है फिर भी ज्यादातर लोग ऐसे तत्वों का ध्यान आकर्षण करने के लिए इस तरह की चीजें लिखते हैं जो ऐसे लोगों द्वारा पढ़ी जाती है जोकि पुस्तक प्रेमी तो नहीं होते पर ऐसी किताबें जरूर पढ़ते हैं। आपको ऐसा नहीं लगता कि इस तरह की गतिविधि एक स्वतंत्र देश के लिए जायज नहीं ठहराई जा सकती, जहां वे ज्वलंत मुद्दों पर लोगों को मरने-मारने पर उतारू हो जाएं? आखिर वे क्यों अपना मूल्य नहीं समझते। किसी के व्यक्तिगत विचारों पर प्रतिबंध लगाने की बजाय वे सामाजिक मुद्दों का निराकरण करके चमत्कार कर सकते हैं।

इस दुनिया में बहुत-सी चीजें आपके मुताबिक नहीं होतीं। क्या आपमें ऐसी शक्ति है जो उनकी प्रगति को रोक दे, मैं कह सकता हूं कि आप ऐसा नहीं कर सकते। उदाहरण के तौर पर एक टीवी सीरियल 'सच का सामना' को ही लीजिए, इतनी हाय-तौबा क्यों? आपको पसंद नहीं तो चैनल बदल लीजिए। आप क्यों चाहते हैं कि हर आदमी आपकी ही तरह बन जाए, क्या आप लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं?

हमारी यह आदत होती है कि चीजों को हम अपने हिसाब से सोचते हैं। आपको जैसा लगे वैसा कीजिए या दूसरों को भी अपने हिसाब से करने दीजिए, उसमें व्यवधान मत डालिए। हमें अपने अनुसार लोगों को नहीं देखना चाहिए। आप क्यों संविधान के मुताबिक कार्य करना चाहते हैं?

मैं मानता हूं कि आप मेरे तर्क से सहमत नहीं होंगे, लेकिन सोचिए कि अगर कौटिल्य ने एक साधारण बच्चे को नहीं चुना होता तो क्या चन्द्रगुप्त जैसा महानायक उभरकर सामने आ सकता था? अपनी प्रतिभा और मूल्य को समझिए और उसी दिशा में आप कार्य कीजिए, वरना आप इस धरती पर बहुत कुछ खो देंगे। हर आदमी को अपनी क्षमता को जानकर एक तय समय में अपना कार्य करना चाहिए।

ज्यादातर लोगों को अपनी क्षमता की समझ नहीं होती और वे दूसरों से पूछते हैं कि क्या करें, क्या न करें। ऐसा केवल अशिक्षित लोगों के साथ ही नहीं, बल्कि शिक्षितों के साथ भी होता है। आप अपने आस-पास भी ऐसा देखते होंगे। हर इंसान स्वयं में अलग है।

हर व्यक्ति लंबाई, वजन, दिमाग, बुद्धि, जानकारी, सामान्य ज्ञान में भिन्न-भिन्न होता है। आप एक जन्मजात विजेता हैं और आपमें सारे गुण मौजूद हैं। बस जरूरत इस बात की है कि आपको यह जानना होगा कि कैसे लड़ना है। जब तक आप यह नहीं समझेंगे कि कैसे और किससे लड़ना है, तब तक आप विजेता नहीं बन सकते।

# डायमंड पॉकेट बुक्स प्रा. लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक 'खुद बदलें अपनी किस्मत' से साभार
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack