वक्त के साथ बदली डेयरडेविल्स की नजर फाइनल पर

वक्त के साथ बदली डेयरडेविल्स की नजर फाइनल पर नई दिल्ली: हर बार की तरह इस बार भी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण में दिल्ली डेयरडेविल्स फ्रेंचाइजी टीम खिताब के प्रबल दावेदारों में शुमार है। पहले दो संस्करणों में सेमीफाइनल में पहुंचकर दम तोड़ने वाली डेयरडेविल्स इस बार फाइनल में पहुंचने की ओर नजरें गड़ाए हुए है।

पिछले साल हालांकि इस टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था और 10 टीमों के बीच डेयरडेविल्स तालिका में सबसे निचले स्थान पर थी। डेयरडेविल्स ने पिछले वर्ष लीग स्तर पर खेले अपने 14 मैचों में से नौ मैच हारे थे जबकि चार मैच में उसे जीत हासिल हुई थी। एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। पिछले साल खराब प्रदर्शन करने के बावजूद डेयरडेविल्स इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार टीमों की सूची में शामिल है।

भारत की बड़ी बुनियादी ढांचा कम्पनियों में शामिल जीएमआर ग्रुप की मालिकाना हक वाली डेयरडेविल्स टीम में सलामी बल्लेबाज और कप्तान वीरेंद्र सहवाग, माहेला जयवर्धने, केविन पीटरसन, रॉस टेलर, ट्रेविस बर्ट, वेणु गोपाल राव और गुलाम बोदी अपने विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर कभी भी मैच का परिणाम बदल सकते हैं।

बल्लेबाजी में इन बल्लेबाजों पर सबकी निगाहें होंगी जिन्होंने पहले भी अपने आप को साबित किया है। टेलर इस समय चोट की समस्या से जूझ रहे हैं और वह शुरुआती कुछ मैचों में नहीं खेलेंगे। ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने विश्व के सबसे महंगे ट्वेंटी-20 इस लीग में खेलने के बजाए देश की ओर से खेलने को तरजीह दी है।

ऐसे में डेयरडेविल्स के लिए वार्नर का न खेलना तगड़ा झटका है। वेस्टइंडीज के आंद्रे रसेल, दक्षिण अफ्रीका के रुएल्फ वान डेर मर्वे, भारत के इरफान पठान और योगेश नागर के रूप में डेयरडेविल्स के पास चार बेहतरीन हरफनमौला खिलाड़ी हैं जो टीम को संतुलन प्रदान करेंगे।

अनुभवी अजीत अगरकर, ऑस्ट्रेलिया दौरे की खोज रहे उमेश यादव, मोर्ने मोर्केल, अविष्कार साल्वी और डग ब्रासवेल जैसे विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज हैं जिनके पास विविधता है और वह टीम की जरूरतों के मुताबिक विकेट झटकने में माहिर हैं। तेज गेंदबाज वरुण एरॉन इस समय चोट से उबरने की कोशिश में लगे हुए हैं।

नमन ओझा और पुनीत बिष्ट के रूप में डेयरडेविल्स के पास दो विशेषज्ञ विकेट कीपर हैं जो विकेट के पीछे शिकार करने के अलावा लंबे-लंबे शॉट्स लगाने के लिए भी जाने जाते हैं। ओझा ने आईपीएल में अपनी उपयोगिता पहले भी साबित की है। उन्मुक्त चंद, तेजस्वी यादव और कुलदीप रावल जैसे कुछ युवा बल्लेबाज हैं जो घरेलू स्तर पर लगातार बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं और अब विश्व क्रिकेट जगत में चमकने को तैयार हैं। डेयरडेविल्स टीम में विकास मिश्रा और शाहबाज नदीम के रूप में दो विशेषज्ञ स्पिनर मौजूद हैं।

सहवाग (2008-11) ने डेयरडेविल्स के लिए अब तक 50 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 169.60 की स्ट्राइक रेट से 1384 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और नौ अर्धशतक लगाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर 119 रहा है। उपरोक्त मैचों में सहवाग के बल्ले से 168 चौके और 60 छक्के निकले हैं। पिछले साल वेणु गोपाल ने डेयरडेविल्स की ओर से खेलते हु 14 मैचों में 120 की स्ट्राइक रेट से 336 रन बनाए थे जिनमें 60 रन उनका उच्च स्कोर था।

मोर्केल ने साल 2011 में डेयरडेविल्स की ओर से कुल 11 मैच खेले थे जिनमें उन्होंने 13 विकेट चटकाए थे। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 रन देकर तीन विकेट रहा है। अगरकर ने पिछले वर्ष डेयरडेविल्स की ओर से सात मैच खेले थे जिनमें उन्होंने आठ विकेट झटके थे। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 23 रन पर दो विकेट रहा है।

उल्लेखनीय है कि डेयरडेविल्स टीम में इस समय विदेशी खिलाड़ियों की एक अच्छी पूल है। इसके अलावा उसकी टीम में घरेलू खिलाड़ियों की भरमार है जो उसे मजबूत बनाती है। बड़े मौकों पर चूक जाना इस टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रही है।
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