संसद
काम नहीं तो वेतन नहीं' पर सांसदों की राय बंटी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Dec 06, 2011
संसद के शीतकालीन सत्र का करीब आधा समय बिना किसी काम के समाप्त हो गया। इस गतिरोध के बावजूद क्या सांसदों को उनके वेतन का भुगतान किया जाना चाहिए, इस पर संसदों की राय बंटी हुई है। सांसदों ने 'काम नहीं तो वेतन नहीं' पर मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जहां कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी व मुकेश गढ़वी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने इस विचार का समर्थन किया है, वहीं 2जी घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पी. सी. चाको का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। ....  लेख पढ़ें
विशेषाधिकार क्यों और किसके लिए? जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 14, 2011
संत तुलसीदास ने कलयुग के बारे में जैसा बताया आज अक्षरशः वैसा ही घटित हो रहा है। मसलन गाल बजाने वालों की पूछ-परख होगी, सद पुरूष, सदचरित्र, संत पुरूषों की न केवल पूछ-परख घटेगी बल्कि इन पर भ्रष्ट चारित्रिक आरोप भी लगेंगे, हंस दाना चुगेगा, कौआ मोती खायेगा, असत्य सत्य पर हरपल प्रहार करेगा आदि-आदि। आज समाज में चारों और कुछ इसी तरह की घटनाएं दिन-प्रतिदिन घट रही है। ....  लेख पढ़ें
माननीयो का ''मैं'' जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 14, 2011
''मैं'' हमेशा आदमी के अहम को मजबूती प्रदान करता है। आदमी के अहम को पहचानना कोई आसान काम भी नहीं है। यूं तो अहम को हम केवल एक ही रूप अर्थात् अहंकार के ही रूप में ही जानते हैं। यह विनम्रता, सेवा, भक्ति, कर्म किसी को भी लेकर हो सकता है। कई बार जाने-अनजाने में भी हम लोगों के अहंकार को पुष्ट करते रहते हैं। ....  लेख पढ़ें
युवा सांसदों का प्रदर्शन ठीक नहीं  जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 12, 2011
एक आंकड़े के अनुसार हाल ही में सम्पन्न संसद के मानसून सत्र में युवा सांसदों की बहस में भागीदारी का औसत कुल सांसदों के औसत से थोड़ा कम पाया गया है।शोध संगठन 'पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च' द्वारा संग्रहित आंकड़ों के अनुसार 45 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक सांसद की इस सत्र में बहस के दौरान भागीदारी 2.2 रही है जबकि सामान्य औसत 2.9 था। ....  लेख पढ़ें
क्या सांसद अनपढ़, गंवार हैं? संसद के रिकार्ड में ऐसा नहीं जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 28, 2011
क्या अधिकांश सांसद 'अनपढ़' और 'गंवार' हैं, जैसा कि फिल्म अभिनेता ओम पुरी ने रामलीला मैदान में आरोप लगाया? ओम पुरी को अपनी टिप्पणी के लिए राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय सांसदों की पृष्ठभूमि में उनकी पहचान एक पूरी तरह बहके हुए व्यक्ति के रूप में हुई है। ....  लेख पढ़ें
लोकपाल: संसद में नेताओं ने जो कहा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 27, 2011
आजादी के बाद संभवत: देश की आम जनता और उसके भविष्य से जुड़े सबसे बड़े मसले प्रभावी 'लोकपाल' और 'भ्रष्टाचार' के जड़ से खात्मे को लेकर संसद की विशेष ऐतिहासिक बैठक शुरू हुई, तो समूचे देश के जनता की नजर अपने सांसदों और जन प्रतिनिधियों पर टिक गई, की देखें कौन यहां, क्या कहता है? संसद अपने नागरिकों और उनके दुःख को आवाज देने वाले अन्ना हजारे के अनशन के मर्म को समझती है या नहीं. ....  लेख पढ़ें
राहुल ने भ्रष्टाचार पर जो कहा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 26, 2011
माननीय अध्यक्षा जी, पिछले कुछ दिनों कि घटनाओं से मैं बहुत व्यथित हूं। मौजूदा हालत के कुछ पहलुओं से मै बहुत आहत हुआ हूं। ....  लेख पढ़ें
एक विधेयक को 25 वर्षो से है संसद की सहमति का इंतजार जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 26, 2011
संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा जिन 81 विधेयकों को पेश किया जाना प्रस्तावित है, उनमें एक विधेयक ऐसा भी है जो 1987 से ही विचाराधीन है। कानून बनने से पहले उसे संसद की सहमति का इंतजार है। विधेयकों का ढेर लगने से भारतीय संसद में किस तरह कामकाज चलता है, इसका अंदाजा लगाया जाना मुश्किल नहीं है। लगभग तीन दशकों से विचाराधीन यह विधेयक भारतीय चिकित्सा परिषद में परिवर्तन से सम्बंधित है। इस दौरान 10 सरकारें बदलीं और आठ लोकसभा चुनाव हो चुके हैं लेकिन यह विधेयक हर बार जस का तस पड़ा रह जाता है। ....  लेख पढ़ें
युवा सांसद हाजिरी में सुस्त, काम में चुस्त जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 24, 2011
हर क्षेत्र में युवा छाए हुए हैं। हमारी संसद भी इसमें पीछे नहीं है। युवा सांसद काम भी अच्छा कर रहे है, भले संसद में उनकी उपस्थिति कम हो। ये बातें स्वयंसेवी संगठन 'मास फॉर अवेयरनेस' की एक रिपोर्ट से निकलकर सामने आई है। ....  लेख पढ़ें
इतना गुरूर भी ठीक नहीं जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 09, 2011
में दंभ होता है। पिछले दिनों अलग-अलग सरकारों का अलग-अलग दंभ देखने को मिला। एक की सत्ता दिल्ली में, दूसरे की गुजरात में। एक के नेता देश के प्रधानमंत्री, दूसरा प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब पाले हुए। एक तस्वीर अत्यंत शालीन, तो दूसरा गुरूर से लबालब। एक का नाम मनमोहन सिंह, तो दूसरे का नरेंद्र मोदी। एक को मुरली मनोहर जोशी पसंद नहीं, तो दूसरे को संजीव भट्ट। दोनों की राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि एकदम अलग, मिजाज अलग, विचारधारा अलग, पर काम का तरीका एक। क्योंकि सत्ता का स्वरूप एक है। सत्ता अपने स्वरूप में ही हठी है, दंभी है, दमनकारी है। ....  लेख पढ़ें
Interesting Facts about 15th Lok Sabha

15th Lok Sabha has many interesting facts. Present Lok Sabha has total 544 MPs ( as on 21.12.2009).  Out of them 485 are male MPs and 59 women MPs .Oldest MP is Mr.Ram Sunder Das (88) and youngest is Mr.Hamdullah Sayeed (27). Have a look..

ITS HISTORY

The Lok Sabha (House of the People) was duly constituted for the first time on 17 April 1952 after t...ReadStory

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