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संस्कृति
कलात्मक राखी में 'बेटी है तो कल है' का संदेश जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 17, 2016
छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन के अवसर पर बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को और भी ज्यादा बढ़ावा देने के लिए राजधानी रायपुर के नजदीक माना कैंप स्थित शासकीय बाल गृह (बालिका) बालिकाओं द्वारा विशेष कलात्मक राखी तैयार की गई है, जिसमें बेटियों की रक्षा के लिए समाज को 'बेटी है तो कल है' का सार्थक संदेश दिया गया है. ....  लेख पढ़ें
इतिहास बन गया डोली का अस्तित्व जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 21, 2016
चलो रे डोली उठाओ कहार..पिया मिलन की ऋतु आई..। यह गीत जब भी बजता है, कानों में भावपूर्ण मिसरी सी घोल देता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इसमें छिपी है किसी बहन या बेटी के उसके परिजनों से जुदा होने की पीड़ा के साथ-साथ नव दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की अपार खुशी! जुदाई की इसी पीड़ा और मिलन की खुशी के बीच की कभी अहम कड़ी रही 'डोली' आज आधुनिकता की चकाचांैध में विलुप्त सी हो गई है जो अब ढूढ़ने पर भी नहीं मिलती। ....  लेख पढ़ें
कम खर्च में ऎसे मनाएं शानदार दीपावली जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 10, 2015
दीपावली का त्योहार आते ही सभी घरों में साफ-सफाई व साज सज्जा की शुरूआत हो जाती है। दिवाली का जिक्र होते ही आंखों के सामने दीपों की जगमगाहट और कानों में पटाखे की आवाज गूंज उठती है। जहां सभी चाहते हंै कि उनके घर की सजावट पारंपरिक होने के साथ साथ कुछ अलग हट कर हो, वहीं अधिक खर्च से बजट गडबडा जाने की चिन्ता भी सबको सताती है। ऎसे में कम खर्चे में ही रचनात्मक तरीकों को अपनाकर घर की शोभा बढ़ाई जा सकती है। ....  लेख पढ़ें
महालक्ष्मी की कृपा पाने हेतु 5 दिन ना करें ये 7 काम जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 10, 2015
रोशनी का पर्व माना जाने वाली दीवाली कार्तिक अमावस्या के दिन होती है। इस साल दीवाली 11 नवंबर (बुधवार) 2015 को है। इस दिन श्री गणेश और ऎश्वर्य की देवी महालक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र अपने चौदह साल का वनवास करके वापस लौटे थे। ....  लेख पढ़ें
पितृपक्ष में पिंडदानियों के लिए तैयार 'मोक्षधाम' गया मनोज पाठक ,  Sep 27, 2015
पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना के साथ पुरखों को पिंडदान करने के लिए बिहार के गया आने वाले देश-दुनिया के पिंडदानियों के स्वागत के लिए गया पूरी तरह तैयार है।प्रशासन और गयापाल पंडा समाज के द्वारा तीर्थनगरी गया में आने वाले लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है जबकि धर्मशाला, होटल, निजी आवास पिंडदानियों से भर गए हैं। ....  लेख पढ़ें
विवाह के मायनों पर प्रश्नचिह्न् जनता जनार्दन डेस्क ,  Sep 24, 2015
भारत में विवाह को 'करार' का रूप दिया जाना अटपटा जरूर लगता है, लेकिन बदलते परिवेश में यह अपरिहार्य हो गया है। जिस तेजी से समाज, उसकी सोच और मान्यताओं में बदलाव आया है, उसके चलते विवाह का 'एग्रीमेंट' भी जरूरी हो गया है।सोशल मीडिया के दखल, संचार क्रांति और अपरिचितों से साइबर संपर्क के बाद 5-10 वर्षो में देखते-देखते ऐसी अनगिनत घटनाएं हो चुकी हैं, जिनसे विवाह के मायनों पर ही प्रश्नचिह्न् लग गए हैं। ....  लेख पढ़ें
राखी बांधने का मुहूर्त इस बार दोपहर बाद जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 23, 2015
29 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर इस वर्ष बहन को भाई की कलाई पर स्नेह की डोर बांधने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा, क्योंकि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया पड़ रहा है। चूंकि भद्रा का समय काल दोपहर 1.50 बजे तक रहेगा इसलिए राखी बांधने के लिए शुभ समय दोपहर 1.50 बजे के बाद शुरू होगा। दोपहर 1.51 से लेकर शाम 4.30 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ है। ....  लेख पढ़ें
हरेला पर्व से होती है सावन की शुरुआत जनता जनार्दन डेस्क ,  Jul 13, 2015
देव भूमि कहा जाने वाला उत्तराखण्ड जहां अपने तीर्थ स्थलों के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है वहीं यहां की संस्कृति में जितनी विविधता दिखाई देती है, शायद कहीं और नहीं है। उत्तराखण्ड को देश में सबसे ज्यादा लोक पर्वो वाला राज्य भी कहा जाता है। इन्हीं में से एक है हरेला। खास बात है कि कोई भी त्योहार साल में जहां एक बार आता है, वहीं हरेला के साथ ऐसा नहीं है। ....  लेख पढ़ें
यहाँ अक्षय तृतीया पर होता है पुतरा-पुतरी विवाह जनता जनार्दन डेस्क ,  Apr 21, 2015
छत्तीसगढ़ में प्राचीन काल से अक्षय तृतीया के दिन मिट्टी के पुतरा-पुतरी का विवाह कराने की परंपरा है। पुतरा-पुतरी यानी पुतला-पुतली के विवाह की परंपरा निभाते हुए लोग बाद में अपने नाबालिग बच्चों के भी विवाह कराने लगे। हालांकि अब धीरे-धीरे इस पर विराम लगाने का प्रयास चल रहा है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में रचे-बसे पुतरा-पुतरी के विवाह का विशेष महत्व है। ....  लेख पढ़ें
इस बार नवरात्र 8 दिन का, 6 शुभ संयोग जनता जनार्दन डेस्क ,  Mar 15, 2015
इस बार चैत्र नवरात्र नौ की जगह आठ दिन का होगा। इसका का शुभारंभ 21 मार्च से हो रहा है। आमतौर पर नवरात्र के दिनों का घट जाना शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन इस बार चैत्र नवरात्र के आठ दिन में छह दिन शुभ संयोग वाले रहेंगे।पंडितों का कहना है कि शनिवार से नवरात्र शुरू होना श्रेष्ठ समृद्धि का कारक होगा। साथ ही ग्रहचाल की दृष्टि से देव गुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में रहेंगे। ....  लेख पढ़ें
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