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मिसाल
पूरे बिहार को अपनी बेटी निरुपमा पर नाज जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 05, 2011
बिहार के एक छोटे से गांव की बेटी निरूपमा पांडेय विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। उनकी इस सफलता से बिहार के इस छोटे से सीवान जिले के जामो जमालपुर गांव में जश्न का माहौल है। निरूपमा के 8,848 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद बिहार देश के उन 14 राज्यों में शामिल हो गया है जहां कम-से-कम एक माउंट एवरेस्ट विजेता है। ....  लेख पढ़ें
कैदी हुए तो क्या, बिहार में ये पढ़ेंगे  क..ख..ग..घ... जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 23, 2011
बिहार में पिछले एक दशक के दौरान साक्षरता दर में जबरदस्त छलांग को देखते हुए उत्साहित सरकार राज्य की जेलों में भी निरक्षर कैदियों को 'अक्षर ज्ञान' देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जेलों में ही पाठशाला लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। राज्य की जेलों में निरक्षर कैदियों को साक्षर बनाने के लिए राज्य का शिक्षा विभाग और जेल प्रशासन दोनों मिलकर कार्य करेंगे। सरकार का मानना है कि राज्य की 54 जेलों में ऐसे करीब 10 हजार कैदी हैं जो निरक्षर हैं। ....  लेख पढ़ें
गांव वालों ने पहाड़ काटा, सड़क बनाई और लौटा लाया किले का गौरव जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 18, 2011
आज जहां लोग प्रत्येक छोटे से छोटा काम न होने के पीछे सरकार की नाकामी की दुहाई देते रहते हैं, वहीं बिहार के रोहतास जिले के लोगों ने रोहतासगढ़ किले तक जाने के लिए खुद ही पहाड़ काटकर 10 किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण किया है। इस सड़क के बन जाने से रोहतास किला जाने वालों की संख्या में वृद्धि हो गई है। यहां के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कर लोगों के सामने एक मिसाल पेश की है। कभी डकैतों और फिर नक्सलियों का आरामगाह माने जाने वाले कैमूर पहाड़ी पर स्थित रोहतास किले तक जाने के लिए कोई सड़क न होने से लोगों का यहां आवागमन करीब-करीब बंद ही हो गया था। ....  लेख पढ़ें
खुद मूक-बधिर, फिर भी जज़्बा थमा नहीं, दे रहे शिक्षा दान जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 11, 2011
अगर आप ठान लें कि आपको समाज के लिए कुछ करना है, तो न तो आपको संसाधनों की कमी रहेगी और न ही आपकी शारीरिक कमजोरी इसमें बाधा बनेगी। इसके लिए आपका समर्पण और जुनून ही काफी है। सीवान के अनिल कुमार मिश्रा ने ऐसा ही कुछ कर दिखाया है। अनिल खुद तो मूक-बधिर हैं, लेकिन उनके द्वारा किया जा रहा शिक्षा दान न जाने कितने सूरदासों के लिए 'आंख' तो मूक व्यक्तियों के लिए 'जुबान' बन गया है। ....  लेख पढ़ें
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