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दिल्ली, मेरा दिल
पुस्तक मेले में युवा लेखकों की धूम अनंत विजय ,  Feb 26, 2014
पिछले नौ दिनों से जारी दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का आज आखिरी दिन है। दिल्ली का विश्व पुस्तक मेला जर्मनी के फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेला और लंदन बुक फेयर के बाद सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित माना जाता है । दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले में देश के कोने कोने से लेखकों का जत्था पहुंचता है । किताबों के इस महाकुंभ में लेखकों के साथ साथ पाठकों की भी भागीदारी होती है । विश्व में पुस्तक मेलों का एक लंबा इतिहास रहा है। पुस्तक मेलों की पाठकों की रुचि बढ़ाने से लेकर समाज में पुस्तक संस्कृति को बनाने और उसको विकसित करने में एक अहम योगदान रहा है । ....  लेख पढ़ें
कुछ सफलताएं, कुछ विवाद रहे अरविंद के हिस्से में जनता जनार्दन डेस्क ,  Feb 15, 2014
मात्र 49 दिनों में इस्तीफा देने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के हिस्से में कुछ सफलताएं रहीं तो कई विवाद भी उसकी झोली में आए।बिजली बिल आधा करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ हेल्पलाइन शुरू करना सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है तो सोमनाथ भारती को लेकर एक समय घिरी नजर आ रही सरकार को सबसे बड़ा विवाद कहा जा सकता है। यह दीगर है कि इस मुद्दे पर भी आप को अंत में जीत ही मिली।जैसे ही विधानसभा में शुक्रवार को जन लोकपाल विधेयक को पेश करने में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विफल हुए वैसे ही यह माना जाने लगा था कि वे अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। एक दिन पहले गुरुवार को उन्होंने इसका संकेत भी दे दिया था। ....  लेख पढ़ें
ऐसा अवसर फिर नहीं मिलेगा अनंत विजय ,  Jan 29, 2014
दिसंबर की सर्दी की शुरुआत हो रही थी और दिल्ली का सियासी पारा अपने उबाल पर था। आठ दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। साफ हो गया था कि दिल्ली की जनता ने कांग्रेस के पंद्रह साल के विकास के दावों को नकार दिया, ....  लेख पढ़ें
आतंक पर सियासत क्यों: बटला हाउस के बहाने एक बहस अनंत विजय ,  Aug 07, 2013
दिल्ली की अदालत ने आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के आरोपी शहजाद अहमद उर्फ पप्पू को दिल्ली पुलिस के इंसपेक्टर मोहन चंद शर्मा के कत्ल का दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा के ऐलान के बाद एक बार फिर से इस बात पर मुहर लग गई कि दिल्ली का बटला हाउस एनकाउंटर फर्जी नहीं था। ....  लेख पढ़ें
सिर्फ देह नहीं है स्त्री आशुतोष ,  Jan 14, 2013
दिल्ली में लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार ने देश और दुनिया में एक नयी बहस का आगाज किया है। जब ये हादसा हुआ उस वक्त मैंने सोचा था कि कुछ दिनों में ये गुबार और गुस्सा ठंडा पड़ जायेगा और रोजमर्रा की आपाधापी में इस हादसे को भूल कर जिंदगी आगे निकल जायेगी। ....  लेख पढ़ें
अब उठी दुष्कर्म की परिभाषा का दायरा बढ़ाने की मांग जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 07, 2013
दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार युवती को लोहे की छड़ से यौन प्रताड़ना देने और अंदरूनी तौर पर गंभीर रूप से घायल होने के कारण पीड़िता की मौत को देखते हुए वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दुष्कर्म की कानूनी परिभाषा विस्तृत करने की मांग की है। ....  लेख पढ़ें
दिल्ली को मिली पहली महिला ई-रिक्शाचलक जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 08, 2012
दो बच्चों का लालन-पालन अकेले करने वाली एक मां को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की पहली इलेक्ट्रिक रिक्शा चालक बन गई। केंद्रीय नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला से यहां कार्बन मुक्त तिपहिया वाहन हासिल करने वाली 33 वर्षीया कोहिनूर ने कहा, मुझे इससे अधिक खुशी कभी नहीं हुई। ....  लेख पढ़ें
दिल्ली के एक गांव पर हजार सितम ! जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 21, 2012
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दक्षिण में बसे गांव नांगलदेवत ने हजार वर्षो में न जाने कितने उतार-चढ़ाव देखे और विदेशी आक्रांताओं के आक्रमण झेले। लेकिन प्राचीन मंदिरों वाले पालम गांव का आजादी के बाद भी दुर्भाग्य ने पीछा नहीं छोड़ा। पालम हवाईअड्डे का जब-जब विस्तार हुआ, इस गांव को सितम झेलना पड़ा। इस गांव पर मुगलकाल में कई आक्रमण हुए। ....  लेख पढ़ें
दस्तावेजों में सिमटी दिल्ली निर्माण की कथा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 16, 2012
जब किंग जार्ज पंचम ने वर्ष 1911 में भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की तो ऐतिहासिक शहर होने का तमगा उतारकर यह महानगर बन गया। आधुनिक दिल्ली के निर्माण के लिए कई परियोजनाओं, भव्य भवनों और आधारभूत संरचना की जरूरत थी। इसमें विभिन्न एजेंसियों, कलाकारों और फोटोग्राफरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने कैमरे एवं स्केच बुक्स में इसे समेटा। ....  लेख पढ़ें
किराए के बिस्तर से कटती हैं ठंडी रात जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 11, 2012
पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद के पीछे वाहनों के पुर्जो का एक बड़ा बाजार है, जहां दिन में दुकानें गुलजार रहती हैं वहीं रात में दुकानों के शटर गिरते ही यह स्थान बेघरों के शरणगाह के रूप में तब्दील हो जाता है। ठंड के मौसम में बेघर लोग यहां किराए की रजाई और खाट लेकर किसी तरह रात काटते हैं। ....  लेख पढ़ें
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