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आज की कविता स्मरण कर रही बुद्ध की पत्नी की वह कविता शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 23, 2017

प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र केवल भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता ही नहीं उम्दा रचनाकार भी हैं . आज का सुभाषित के साथ आप उनकी रचना भी प्रतिदिन सुनते हैं. प्रस्तुत है उनकी कविता उन्हीं के लयबद्ध ऑडियो के साथः
आज का पंचांग, इतिहास में आज और सुभाषित- षडेव तु गुणाः पुंसा पंडित शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 23, 2017

भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र द्वारा संकलित दैनिक पंचांग, आज की वाणी, इतिहास में आज का दिन और उनकी सुमधुर आवाज में आज का सुभाषित, षडेव तु गुणाः पुंसा, न हातव्याःकदाचन।
आज की कविता देख दंग है, बढ़ता साहस व्यापारी का शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 22, 2017

प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र केवल भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता ही नहीं उम्दा रचनाकार भी हैं . आज का सुभाषित के साथ आप उनकी रचना भी प्रतिदिन सुनते हैं. प्रस्तुत है उनकी कविता उन्हीं के लयबद्ध ऑडियो के साथः
आज का पंचांग, इतिहास में आज और सुभाषित- नारिकेल - समाकारा, दृश्यन्तेऽपि हि सज्जनाः पंडित शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 22, 2017

भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र द्वारा संकलित दैनिक पंचांग, आज की वाणी, इतिहास में आज का दिन और उनकी सुमधुर आवाज में आज का सुभाषित, नारिकेल - समाकारा, दृश्यन्तेऽपि हि सज्जनाः
आज की कविता दूल्हे राजा घोड़ी पर पहली बार चढ़े शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 21, 2017

प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र केवल भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता ही नहीं उम्दा रचनाकार भी हैं . आज का सुभाषित के साथ आप उनकी रचना भी प्रतिदिन सुनते हैं. प्रस्तुत है उनकी कविता उन्हीं के लयबद्ध ऑडियो के साथः
आज का पंचांग, इतिहास में आज और सुभाषित- छायामन्यस्य कुर्वन्ति पंडित शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 21, 2017

भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र द्वारा संकलित दैनिक पंचांग, आज की वाणी, इतिहास में आज का दिन और उनकी सुमधुर आवाज में आज का सुभाषित, छायामन्यस्य कुर्वन्ति, स्वयं तिष्ठन्ति चातपे
आज की कविता घर से निकली सीधा दफ़्तर जाना था शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 20, 2017

प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र केवल भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता ही नहीं उम्दा रचनाकार भी हैं . आज का सुभाषित के साथ आप उनकी रचना भी प्रतिदिन सुनते हैं. प्रस्तुत है उनकी कविता उन्हीं के लयबद्ध ऑडियो के साथः
आज का पंचांग, इतिहास में आज और सुभाषित- स्वभावेन हि तुष्यन्ति पंडित शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 20, 2017

भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र द्वारा संकलित दैनिक पंचांग, आज की वाणी, इतिहास में आज का दिन और उनकी सुमधुर आवाज में आज का सुभाषित, स्वभावेन हि तुष्यन्ति, देवाः सत्पुरुषाः पिता।
आज की कविता के घर आई, कट्टर हिंदी प्रेमी नारी शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 19, 2017

प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र केवल भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता ही नहीं उम्दा रचनाकार भी हैं . आज का सुभाषित के साथ आप उनकी रचना भी प्रतिदिन सुनते हैं. प्रस्तुत है उनकी कविता उन्हीं के लयबद्ध ऑडियो के साथः
आज का पंचांग, इतिहास में आज और सुभाषित- कस्यापि काको हरते न वित्तं पंडित शशिपाल शर्मा 'बालमित्र' ,  Aug 19, 2017

भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र द्वारा संकलित दैनिक पंचांग, आज की वाणी, इतिहास में आज का दिन और उनकी सुमधुर आवाज में आज का सुभाषित, कस्यापि काको हरते न वित्तं, पिकोपि कस्मै न ददाति वित्तम्।
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