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दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताकत बना भारत, ऑपरेशन सिंदूर ने बनाया सुपरपावर
जनता जनार्दन संवाददाता ,
Nov 29, 2025, 9:17 am IST
Keywords: Most Powerful Nation वैश्विक मंच अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संतुलन Powerful Nation
वैश्विक मंच पर किसी देश की ताकत सिर्फ उसके पास मौजूद हथियारों या उसके आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती. असल शक्ति कई आयामों का मिश्रण है- कूटनीतिक प्रभाव, सैन्य क्षमता, आर्थिक स्थिति, सांस्कृतिक पहचान, तकनीकी प्रगति और रणनीतिक नेटवर्क. यही विभिन्न पहलू मिलकर तय करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संतुलन में कौन-सा राष्ट्र किस स्थान पर खड़ा है.हाल ही में जारी लोवी इंस्टीट्यूट का Asia Power Index 2025 इस बात का ताजा उदाहरण है. इस रिपोर्ट ने एशिया के 27 देशों की सामूहिक ताकत को आठ अलग-अलग मानकों पर परखते हुए भारत को एशिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली ताकत के रूप में रैंक किया है. यह उपलब्धि न केवल भारत की उभरती वैश्विक स्थिति को दर्शाती है, बल्कि भू-राजनीतिक रूप से भी एशिया में नए समीकरणों का संकेत देती है. शक्ति का आकलन किन आधारों पर होता है? लोवी इंस्टीट्यूट के विश्लेषण में देशों की ताकत को आठ अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है. ये पैरामीटर किसी देश की समग्र क्षमता का आकलन करते हैं- युद्धकाल से लेकर शांति के समय की रणनीतिक क्षमता तक. वे आयाम इस प्रकार हैं:
इन्हीं आठ स्तंभों पर भारत ने 40.0 का स्कोर हासिल कर खुद को “मेज़र पावर” की श्रेणी में मजबूती से स्थापित किया है. भारत तीसरे स्थान पर कैसे पहुंचा? 1. सैन्य शक्ति: आधुनिकता की ओर बड़ा कदम भारत की सैन्य ताकत में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
इन सभी ने भारत की रक्षा तैयारी को नए स्तर पर पहुंचा दिया है. तीनों सेनाओं में आधुनिकीकरण ने भारत की सैन्य पहुंच, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में, और भी मजबूत की है. 2. आर्थिक शक्ति: तेज़ी से उभरता दिग्गज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. GDP में लगातार वृद्धि, टेक्नोलॉजी क्षेत्र में भारी निवेश, और डिजिटल इकोनॉमी का विस्तार, इन सबने भारत को आर्थिक रूप से अधिक प्रभावशाली बनाया है.
आर्थिक मोर्चे पर ये कदम भारत की दीर्घकालिक शक्ति को मजबूत करते हैं. 3. कूटनीतिक प्रभाव: बहुपक्षीय मंचों में निर्णायक भूमिका भारत दुनिया के कई महत्वपूर्ण गठबंधनों का हिस्सा है- SCO, BRICS, QUAD, G20 आदि. कूटनीति के क्षेत्र में भारत ने लगातार एक संतुलित और स्वतंत्र नीति अपनाई है.
भारत की यह रणनीतिक कूटनीति इसे एशिया में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है. 4. सांस्कृतिक शक्ति: भारत सॉफ्ट पॉवर भारत की पहचान केवल राजनीतिक या सैन्य ताकत से नहीं बनती, बल्कि इसकी सांस्कृतिक विरासत भी वैश्विक प्रभाव का एक बड़ा स्रोत है.
इन सबने भारत को सॉफ्ट पावर की सूची में शीर्ष देशों में शामिल किया है. 5. भविष्य की क्षमता: टेक्नोलॉजी और युवाशक्ति भारत की युवा आबादी उसकी सबसे बड़ी शक्ति मानी जाती है. AI, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, ग्रीन एनर्जी इन क्षेत्रों में भारत तेजी से निवेश कर रहा है. ISRO की उपलब्धियाँ, डिजिटल इंडिया की सफलता और 5G के विस्तार ने भी भारत की भविष्य की क्षमता को मजबूत किया है. |
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