गंगा कटान मुक्ति यात्रा: एक बार फिर सुर्खियों में छाए सपा नेता मनोज सिंह

गंगा कटान मुक्ति यात्रा: एक बार फिर सुर्खियों में छाए सपा नेता मनोज सिंह
Chandauli: समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू शुक्रवार को गंगा कटान मुक्ति यात्रा को डबरिया से लेकर आगे बढ़े। इस दौरान स्थानीय ग्रामीण यात्रा में शामिल हुए और कटान से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग के साथ ही इसके स्थानीय निवारण की मांग को मजबूती के साथ उठाया। मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि विधायक रहते हुए सैयदराजा विधानसभा में कई ऐतिहासिक काम किया, जो आज भी नजीर है। 

उन्होंने बताया कि धानापुर, डबरिया, आवाजापुर, तुलसी आश्रम, चारी, चिरईगांव, अदसड़ व सैयदराजा नगर में पावर हाउस बनाने का काम किया। इसके अलावा पम्प कैनालों की स्थापना के साथ ही पुराने पम्प कैनालों की क्षमतावृद्धि कर उन्हें सुदृढ़ करने का काम किया। लेकिन आज सत्ता पक्ष के विधायक के पास ऐसा कोई काम नहीं है, जिसे वह जनता के बीच जाकर बता सके। आज भाजपा सरकार की स्थिति यह है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के नाली-खड़ंजा जैसे छोटे-छोटे काम के शिलापट्ट पर जबरन विधायक, सांसद-मंत्री नाम लिखवाए जा रहे है। इसी को भाजपा नेता अपनी उपलब्धि मान भी रहें और जनता के बीच जाकर उसे गिनाने का काम भी कर रहे हैं। भाजपा के जनप्रतिनिधियों में इतना भी दम नहीं है कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष जाकर जनता के हित में बात करें और विकास को गति दें। कहा कि पांच किलो अनाज के नाम पर वोट मांगने वाले भाजपाइयों को शर्म आनी चाहिए। अनाज पहले भी मिलता था दो रुपये किलो, लेकिन उसके साथ चीनी और केरोसिन तेल भी मिला करता था, जिसे सरकार ने बंद कर दिया। महंगी चीजों को बंद करके सरकार अनाज देकर वाहवाही लूट रही है। कहा कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। राजा को व्यापारी नहीं होना चाहिए। यह बात जनता को समझने की जरूरत है। कहा कि वह वोट मांगने नहीं, बल्कि गंगा कटान से मुक्ति के लिए आपके बीच आए हैं। 
 
इंडिया के जिक्र के साथ ही वोटरों का किया सजग
 
सपा नेता मनोज सिंह डब्लू ने पपरौल में नुक्कड़ सभा में गंगा कटान समस्या पर संवाद के दौरान आगाामी लोकसभा चुनाव के लिए बने ‘इंडिया’ गठबंधन का जिक्र किया। बताया कि गठबंधन के अस्तित्व में आने के बाद किस तरह सपा और अन्य दल लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में सशक्त हुए हैं। उन्होंने वोट मांगने के लिए गांवों में आने वाले नेताओं ने जनहित के मुद्दे पर मुखर होकर सवाल करने और अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए सजग और सतर्क रहने का आह्वान किया। साथ ही इस बात का भरोसा भी दिया कि इंडिया जीती तो उनके इलाके में चार साल वाली नहीं, बल्कि 40 साल वाली सेना भर्ती कराने का काम करेंगे। गंगा कटान एक गंभीर मुद्दा जिसे सत्ता आने के बाद निस्तारित करने का प्रयास होगा। 
अन्य गांव-गिरांव लेख
वोट दें

क्या आप कोरोना संकट में केंद्र व राज्य सरकारों की कोशिशों से संतुष्ट हैं?

हां
नहीं
बताना मुश्किल