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'अ' व 'आ' से प्रारम्भ हिंदी बालगीतः आँवला एक तरु से टूटा

शशिपाल शर्मा ‛बालमित्र' , Jun 18, 2017, 19:56 pm IST
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'अ' व 'आ' से प्रारम्भ हिंदी बालगीतः आँवला एक तरु से टूटा नई दिल्लीः भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, काल खंड और सनातन परंपरा के अग्रणी सचेता प्रख्यात संस्कृत विद्वान पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र द्वारा संकलित दैनिक पंचांग, आज की वाणी, इतिहास में आज का दिन और उनकी सुमधुर आवाज में आज का सुभाषित आप प्रतिदिन सुनते हैं.

जैसा कि हमने पहले ही लिखा था, पंडित जी अपनी सामाजिक और सृजनात्मक सक्रियता के लिए भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यात हैं. उनके पाठकों शुभेच्छुओं का एक बड़ा समूह है.

जनता जनार्दन ने भारतीय संस्कृति के प्रति अपने खास लगाव और उसकी उन्नति, सरंक्षा की दिशा में अपने प्रयासों के क्रम में अध्यात्म के साथ ही समाज और साहित्य के चर्चित लोगों के कृतित्व को लेखन के साथ-साथ ऑडियो रूप में प्रस्तुत करने का अभिनव प्रयोग शुरू कर ही रखा है, और पंडित जी उसके एक बड़े स्तंभ हैं.

इस क्रम में हम आज की कविता, स्वास्थ्य और तन मन में उर्जा भरने वाला संदेश 'मुस्कान मेल' और आज का सुभाषित प्रस्तुत कर रहे हैं. आज का सुभाषित तो अपने साथ इतिहास में आज का दिन, दैनिक पंचांग भी समेटे रहता है.

इसी क्रम में पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र ने एक स्वरचित कविता रची और अपने एक प्रशंसक के अनुरोध पर सस्वर पाठ भी किया. तो आप भी आनंद लीजिए. प्रस्तुत है पंडित शशिपाल शर्मा बालमित्र की कविता उनकी आवाज के ऑडियो के साथः

हिंदी कविता

आँवला एक तरु से टूटा
आ गया फिसलता सड़क-सड़क।
आहिस्ता से फिर दौड़ चला
अटपटी दौड़ ले लुढ़क-लुढ़क।।
 

अमरूद राह में टकराया
अब हुए पथिक दो दौड़ चले।
अमरूद कहे साथी प्यारे
अब जहाँ कहो हम साथ चलें।।
 

अचरज न करो मैं भी फल हूँ
आँवले हो तुम गुणवान बड़े।
अत्यंत बहुत मुझमें भी गुण
अनदेखे-देखे बड़े-चढ़े।।
 

आँवला रोज़ जो खाते हैं
अति सुंदरता को पाते हैं।
अटकता नहीं पाचन का बल
अमरूद ग्रहण जो करते हैं।।

- *शशिपाल शर्मा 'बालमित्र'*

 # कम से कम 15 पंक्तियों का ऐसा बालगीतम् चाहिए जिसकी प्रत्येक पंक्ति *अ* अथवा *आ* से प्रारम्भ हो, ऐसा किसी मित्र का आज प्रातःकाल आग्रह मिलने पर उल्लिखित कविता लिखी गई ।
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