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Sep 08, 2018, 20:02 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही समलैंगिकता को धारा 377 से हटाकर अपराध की श्रेणी से अलग करने का फैसला सुना दिया हो, पर ऐसी शादियों को कनूनी मान्यता शायद अभी नहीं मिलेगी. भाजपा के शीर्ष संगठन राष्ट्रीय स्
Sep 06, 2018, 17:53 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने गुरूवार को एकमत से 158 साल पुरानी भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के उस हिस्से को निरस्त कर दिया जिसके तहत परस्पर सहमति से अप्राकृतिक यौन संबंध बनाना
Jan 08, 2018, 18:17 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
सुप्रीम कोर्ट समलैंगिकता को अपराध बताने वाली धारा-377 पर फिर से विचार करेगा. कोर्ट ने मामले को बड़ी बेंच को रेफर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नाज फाउंडेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2013 क
Dec 20, 2013, 17:17 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
अप्राकृतिक यौनाचार को दंडनीय अपराध बताने वाली भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को संवैधानिक घोषित करने के उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार के लिये केन्द्र सरकार ने आज शीर्ष अदालत में याच