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Sep 27, 2015, 11:39 am    by : मनोज पाठक
पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना के साथ पुरखों को पिंडदान करने के लिए बिहार के गया आने वाले देश-दुनिया के पिंडदानियों के स्वागत के लिए गया पूरी तरह तैयार है।प्रशासन और गयापाल पंडा समाज के द्वा
Sep 13, 2014, 13:38 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
पितरों को पिंडदान करने से जहां उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है, वहीं कर्ता को भी पितृदोष से मुक्ति मिलती है। ये बातें धार्मिक पुस्तकों में लिखित हैं। गया में प्रेतशिला वेदी पर पूर्वजों की आ
Jul 21, 2014, 12:06 pm    by : रामकिशोर पंवार रोंढावाला
आदिकाल से लेकर अंत तक भारत एवं भारतीय संस्कृति में नदी -नारी दोनो को ही जीवन दयानी के रूप के रूप मूें पूजा जाता रहेगा। जहां एक ओर नारी जन्म देती है तो वही दुसरी ओर नदी मोक्ष प्रदान करती है। एक स
Aug 16, 2013, 12:16 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों पर सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में 638 से अधिक लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद आज मुस्लिम ब्रदरहुड ने यहां की अल इमान मस्जिद से अपना मा
May 22, 2013, 16:05 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
मोक्ष नगरी वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर सिर्फ लाश ही नहीं जलाई जा रही हैं, बल्कि लाखों की सट्टेबाजी का धंधा भी चल रहा है। इस पर दांव लगाने वाले बड़े व्यवसायी और रईस हैं। अगर आप सोचते हैं कि सट्टे
Mar 29, 2013, 13:19 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
गुड फ्राइडे यानी 'भला शुक्रवार' ईसाई धर्मावलंबियों का प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस दिन शैतानों ने ईसा मसीह को सूली पर चढ़ा दिया था।ईसाई धर्म की मान्यता के अनुसार सर्वशक्तिमान परमेश्व
Oct 15, 2012, 13:04 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
इलाका एक, परम्पराएं अलग-अलग। यह आलम है बुंदेलखंड का। पितृपक्ष में एक इलाके के लोग पुरखों के मोक्ष के लिए 'कौआ भोज' करते हैं तो वहीं एक इलाका ऐसा भी है, जहां के लोग बेतवा नदी में 'मत्स्य भोज'
Oct 13, 2012, 15:30 pm    by : रामलाल जयन
इसे अंधविश्वास माना जाए या फिर कुछ और कि आम दिनों में घर की खपरैल पर 'कौआ' की हाजिरी को बुंदेली अशुभ मान इन्हें 'हाड़ी' कह कर दुत्कारते हैं, पर पितृ पक्ष में एक पखवाड़ा इन्हीं कौओं से 'दा
Oct 11, 2012, 16:58 pm    by : मनोज पाठक
अभी तक अपने पूर्वजों और पितरों को पिंडदान और तर्पण करते लोगों को देखा और सुना गया है, लेकिन पितृ पक्ष में पिंडदान के लिए प्रसिद्ध बिहार के गया में एक ऐसे उदारमना भी हैं, जो पिछले 11 वर्षो से गरीबो
Sep 29, 2012, 14:31 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
हिन्दू धर्म और वैदिक मान्यताओं के अनुसार अश्विन के श्राद्ध पक्ष के रूप में पुत्र का पुत्रत्व तभी सार्थक माना जाता है जब वह अपने जीवनकाल में जीवित माता-पिता की सेवा करे और उनके मरणोपरांत उनकी