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Sep 13, 2012, 18:34 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
दक्षिण के एक कवि ने अपने गीत में बताया है- सभ्यता की अनेक सीढ़ियों को पार करने के बावजूद मनुष्य की उद्दाम कामनाओं में परिवर्तन नहीं आया है। उसने वेष बदला, भाषाएं सीखीं, ज्ञान का खजाना खोला, पर उ