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Mar 25, 2011, 13:52 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
बीहेव योअर सेल्फ आई बिलान्ग टू मीडिया। उसके लिए यह कहना बड़ा आसान होता है। अंधों में काना राजा जो है। "माई पाथैं चिपरी, बेटवा संकल्पै भिटहुर" जी हाँ कुछ ऐसे ही परिवेश में वह रहता है। बाचाल है-साथ
Mar 25, 2011, 13:37 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
वह एक युवक है। लोग उसे अपने माँ-बरन की बिगड़ी औलाद कहते हैं। वह पढ़ा लिखा है। मैंने सर्टिफिकेट नहीं देखा है। उसके दोस्तफ/यार सभी युवा है और विशुद्ध रूप से लाखैरा/लोफरब्राण्ड। बाप-रोगी चलने-फिरने
Mar 25, 2011, 13:28 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
मैं कौन हूँ। अयोध्या का राजा दशरथ (त्रेतायुग)। बृहन्नला के रूप में अर्जुन (द्वापर युग) अथवा राजा त्रिशंकु (सत्युग)। यह घोर कलयुग है यानि मशीनरी काल। सोचता हूँ अपने बारे में, लोगों के बारे में। त
Mar 25, 2011, 13:18 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
कहते हैं कि कहने पर धोबी गधे पर नहीं बैठता है। मेरा अपना मानना है कि धोबी गधे की सवारी करना ही नहीं जानता, या फिर उसे भय सताता है कि कहीं गधा बिदक गया तो दुलत्ती झाड़ देगा, ऐसे में उसकी इज्जत पर दाग