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Aug 01, 2020, 10:42 am    by : जनता जनार्दन संवाददाता
3 अगस्त को श्रावण मास का अंतिम सोमवार भी है. श्रावण मास के अंतिम सोमवार में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाएगी. पंचांग के अनुसार इस दिन पूर्णिमा की तिथि है जो रात्रि 9 बजकर 28 मिनट तक रहेगी. रक्षाबंध
Jul 21, 2020, 17:04 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
हरियाली तीज का पर्व 23 जुलाई को है. यह त्यौहार स्त्रियों को समर्पित है. इस दिन स्त्रियां मनचाहे वर और पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करत
Nov 29, 2018, 14:53 pm    by : अमिय पाण्डेय
कहते हैं भगवान लीलाधारी होते हैं वह आज भी इस धरा पर सन्त महात्माओं के रूप में चमत्कारिक लीलाएं करके धर्म की मौजूदगी का प्रमाण देते रहे हैं।सत, रज और तम तीनों रूप में भगवान अलग-अलग स्वरूपों में
Jul 29, 2018, 19:07 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
श्रावण मास में भगवान शंकर का नाम लेने मात्र से सारे दु:ख दूर हो जाते हैं। उनकी महिमा का बखान कर रुद्राभिषेक करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भगवान शिव की आराधना के इस महीने के पहले
Sep 20, 2017, 7:27 am    by : दिनेश्वर मिश्र
वही गुणी है, वही ज्ञानी है, वही पृथ्वी का भूषण है, वही पंडित है, वही दानी है, वही धर्म परायण है, वही कुल का रक्षक है, वही नीतिज्ञ है, वही परम बुद्धिमान है, वही वेदज्ञ है, वही कवि है, वही विद्वान है तथा
Sep 19, 2017, 7:02 am    by : दिनेश्वर मिश्र
श्रीमद्भागवत् में वर्णन आता है कि जब ब्रज में मक्खन चुराते हुए भगवान को एक गोपी पकड़ लेती है, तो भगवान बड़े भोलेपन से कहते हैं--गोपी! क्या यह तुम्हारा घर है? मैं इसे अपना घर समझकर भीतर आ गया था। इसक
Sep 18, 2017, 7:23 am    by : राकेश उपाध्याय
जो भी लोग भागवत धर्म का पालन करने वाले है, चाहे वे बहुत ज्ञानी हों, महापंडित हों, सन्यासी हों, तपस्वी हों, सिद्ध महापुरुष हों, विरक्ति हों और चाहे बहुत बड़े विज्ञानी ही क्यों न हों पर श्री राम के भ
Sep 16, 2017, 7:34 am    by : रामवीर सिंह
भुशुण्डिजी कह रहे हैं कि गरुड़जी! भगवान शिव (जो जगद्गुरू हैं), ब्रह्माजी (सृष्टि के रचयिता), शुकदेवजी (भगवान व्यास के गर्भज्ञानी पुत्र ), सनकादिक मुनि (जो आदिज्ञानी हैं और ब्रह्माजी के पुत्र हैं),
Sep 16, 2017, 7:11 am    by : दिनेश्वर मिश्र
बाल्मीकिजी राम के समकालीन थे। उन्हें कहीं- कहीं दशरथ के मंत्रियों के समूह में सम्मिलित होना भी बताया गया है। अतः वे सर्वश्रेष्ठ राजा के रूप में राम को सर्व सद्गुण-संपन्नता के साथ अधिष्ठापित
Sep 15, 2017, 9:06 am    by : दिनेश्वर मिश्र
दक्षिण तो दक्षिण, उत्तर में भी राम निर्विवाद नहीं हैं । यहाँ भी उन्हें एक ओर वर्ण-ब्यवस्था के आधार पर आलोचना का विषय बनाया जा रहा है। राम शुद्र बिरोधी और ब्राह्मणवादी हैं. कोई आश्चर्य नहीं होग