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May 10, 2017, 7:26 am    by : रामवीर सिंह
भगवान गुणातीत हैं, गुण से परे। इसलिए वेद अनूप रूप कहते हैं। जैसे सूर्य और सूर्य की गर्मी है वैसे ही राम सगुण रूप भी हैं और निर्गुण रूप भी हैं। प्रकाश से पूरा जगत प्रकाशित होता है। यदि कोई वस्तु
Nov 05, 2016, 20:58 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
केंद्र सरकार के सूचना विभाग के भ्रष्ट अफसरों के उकसावे पर छोटे अखबारों और भारतीय वेबसाइटों को खत्म करने वाली नीतियों के विरोध को गति देने के लिए बने 'अखबार बचाओ मंच' ने मथुरा और अलीगढ़ के प
Oct 01, 2016, 14:14 pm    by : श्रेष्ठ गुप्ता
वाणी प्रकाशन की प्रस्तुति में भगवानदास मोरवाल की नवीनतम कृति 'पकी जेठ का गुलमोहर' का कल शाम विमोचन और साथ ही पुस्तक परिचर्चा सफलतापूर्वक समाप्त हुआ. दिल्ली के ओक्सपोर्ड बुक स्टोर में हुए
Sep 17, 2016, 12:16 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
दिल्ली यूनिवर्सिटी में फोटोकॉपी की दुकान चलाने वालों और वहां पढ़ने वाले छात्रों को राहत देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने डीयू में किताबों की फोटोकॉपी और पेज बेचने के खिलाफ तीन अंतरराष्ट्रीयकोर
Jul 05, 2015, 11:52 am    by : अनंत विजय
साहित्य और बाजार, यह एक ऐसा विषय है जिसको लेकर हिंदी के साहित्यकार बहुधा बचते हैं या फिर मौका मिलते ही बाजार की लानत मलामत करने में जुट जाते हैं । बाजार एक ऐसा पंचिंग बैग है जिस पर हिंदी साहित्य
Apr 19, 2015, 15:51 pm    by : अनंत विजय
हिंदी साहित्य में यह बात हमेशा से कही और सुनी जाती रही है कि कोई सिर्फ साहित्य लिखकर अपना जीवन यापन नहीं कर सकता है । यह बात बहुत हद तक सही भी है क्योंकि हिंदी साहित्य में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है
Feb 22, 2015, 12:25 pm    by : अनंत विजय
पिछले साल की तरह इस साल भी पुस्तक मेले के खत्म होते ही दिल्ली के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है । ठंड एक बार फिर से दस्तक देने को बेताब है । पिछले वर्ष पुस्तक मेले में हुए विमर्श की गर्मागट लं
Feb 16, 2015, 15:54 pm    by : अनंत विजय
शनिवार से अगले बाइस फरवरी तक दिल्ली में विश्व पुस्तक मेला शुरू हो चुका है । इस बार के पुस्तक मेले में सम्मानित अतिथि देश सिंगापुर है और थीम पू्र्वोत्तर भारत के उभरते स्वर तो फोकस देश दक्षिण क
Dec 28, 2014, 15:56 pm    by : अनंत विजय
दो हजार चौदह को किताबों की दुनिया या कहें कि प्रकाशन के कारोबार के लिहाज से भी अहम वर्ष के तौर पर देखा जाएगा। किताबों की दुनिया में दो ऐसी घटनाएं घटी जिसने भारत में कम होती जा रही किताबों की दुक
Dec 19, 2014, 14:26 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
भारत में हिंदू धर्म से संबंधित साहित्यों का प्रकाशन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। धार्मिक साहित्यों का देश का सबसे बड़ा, पुराना, विश्वसनीय और प्रामाणिक गीता प्रेस