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Jul 13, 2019, 14:10 pm    by : अजय पुंज
साहित्य अकादेमी मैथिली भाषा में अमित पाठक कृत राग-उपराग (कविता) पुस्तक को वर्ष 2019 का साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार और ऋषि बशिष्ठ कृत ई फूलक गुलदस्ता (कथा-संग्रह) को बाल साहित्य पुरस्कार देने क
Oct 05, 2018, 18:46 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
विप्लवी पुस्तकालय, प्रलेस बेगूसराय एवं नीलांबर कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में पिछले दिनों गोदरगावां के चर्चित विप्लवी पुस्तकालय में 'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं
Aug 17, 2018, 16:19 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1991 से 2004 तक लगातार लखनऊ से सांसद चुने गए। उनका उत्तर प्रदेश की राजधानी से गहरा नाता रहा। वह एक कुशल राजनेता, कवि, प्रखर वक्ता और पत्रकार के रूप
Aug 17, 2018, 16:07 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी जितने राजनेता के रूप में सराहे गए उससे कहीं ज्यादा अपनी कविताओं के लिए चर्चित रहे। वाजपेयी ने कई दफे अभिव्यक्ति के लिए कविता को माध्यम बनाया। व
Aug 17, 2018, 15:35 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
'एक-दो नहीं, कर लो बीसियों समझौते, पर स्वतंत्र भारत का मस्तक नहीं झुकेगा', संसद में पोखरण परीक्षण के बाद दिए गए तेजस्वी भाषण और सन् 1977 में संयुक्त राष्ट्र के 32वें अधिवेशन में हिंदी में भाषण दे
Aug 16, 2018, 19:45 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
अटल जी बेहद जिंदादिल इनसान थे. ऊंचाई पर पहुंचकर भी गर्व ने उन्हें नहीं छुआ था. अटल बिहारी वाजपेयी अगर राजनेता और भारत के प्रधानमंत्री न भी होते तो भी एक कवि, पत्रकार और हिंदी सेवी के रूप में देश
May 27, 2018, 10:50 am    by : ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना
बुजुर्गों से सुना है कि हम अकेले नही हमारे साथ हमारा साया या परछाई सदा है वह हमारा साथ या पीछा कभी नहीं छोड़ती। दिलचस्प बात यह है कि इस सिद्धांत का भी अपवाद है। अमूमन प्रतिवर्ष दो बार ऐसा दिन आता
May 14, 2018, 16:05 pm    by : गौरव अवस्थी
देश के सुप्रतिष्ठित कवि और उससे भी अधिक हंसमुख एवं सभी के सहयोग में तत्पर रहने वाले सरलता से हमेशा लबरेज रहने वाले आदरणीय बालकवि बैरागी जी हमारे पिता की तरह थे. जो स्नेह हमें अपने पिता से मिला
Apr 13, 2018, 9:23 am    by : अमित मौर्य
यह कविता लिखा है गूंज उठी रणभेरी साप्ताहिक अख़बार के संपादक अमित मौर्या ने,अमित मौर्या अक्सर बेबाक लेखनीय के लिए जाने जाते है,वाराणसी से इनका अखबार प्रकाशित होता है और तेजी से आगे बढ़ रहा है,वार
Mar 28, 2018, 9:35 am    by : अमिय पाण्डेय
नौजवान लेखक डॉ महबूब हसन समकालीन उर्दू साहित्य का एक जाना पहचाना नाम है.उन्होंने अपनी निरंतर साहित्यिक गतिविधियों के बल पर उर्दू साहित्य के वर्तमान पृष्टभूमि पर एक विशिष्ट पहचान कायम की है