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Jan 19, 2017, 20:05 pm    by : जनता जनार्दन डेस्क
प्राइसवाटरहाउसकूपर्स और इंडिया रिटेल फोरम की 2015 में आई रपट के अनुसार, देशभर में 1.2 करोड़ से 1.4 करोड़ तक छोटी-मोटी किराने की दुकाने हैं, लेकिन नोटबंदी के बाद से इनमें से अधिकांश मंदी की मार झेल रही